जोधपुर में आज कई इलाकों में हल्की बारिश के बाद ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले 2–3 दिन तक ठंडी हवाएं चलेंगी और तापमान में गिरावट रहेगी। बादल छाए रहने और बूंदाबांदी की संभावना है। किसानों और पशुपालकों को फसल व पशुओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सूर्यनगरी जोधपुर में आज दोपहर बाद शहर के कई इलाकों में अचानक हल्की बारिश दर्ज की गई। इस अप्रत्याशित बारिश से मौसम में नमी बढ़ी है और तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर तेज हो गया है। बूंदाबांदी के बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में सर्द हवाएं चलने लगीं, जिससे लोगों को ठंड ज्यादा महसूस हो रही है।
मौसम विभाग ने इस बदलाव को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, बारिश के चलते अगले दो से तीन दिनों तक जोधपुर और आसपास के इलाकों में ठंड का प्रभाव बना रहेगा। न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है।
लोगों को एहतियात बरतने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
जोधपुर में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से शहर में ठंडी हवाएं चल रही हैं और कई इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई है। अचानक हुए इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई है और सर्दी का असर काफी बढ़ गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। अगले तीन दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और रुक-रुक कर हल्की बारिश हो सकती है। ठंडी हवाएं लगातार चलती रहेंगी, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में कमी बनी रहेगी।
लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
शहर में फिलहाल तापमान स्थिर बना हुआ है, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस बदलते मौसम का असर खेती और पशुधन पर भी पड़ने की आशंका है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बादल और नमी के कारण जीरे की फसल में झुलसा रोग (blight) और चेपा (aphids) जैसे रोगों का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों का नियमित निरीक्षण करें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत कृषि विशेषज्ञों से संपर्क करें।
पशुपालकों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम में बदलाव के कारण पशुओं में बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। स्वच्छ चारा, पर्याप्त पानी और साफ-सुथरा रहन-सहन जरूरी बताया गया है। पशु चिकित्सकों से समय-समय पर सलाह लेने की भी अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सुबह और शाम के समय शीतलहर का असर तेज हो सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से ठंड से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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