उत्तर कोरिया पूर्वी एशिया में स्थित एक रहस्यमय और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण देश है। इसकी राजधानी प्योंगयांग और मुद्रा उत्तर कोरियाई वॉन है। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन हैं, जबकि पाक थाए-सोंग प्रधानमंत्री हैं। उत्तर कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था केंद्रीकृत है और किम परिवार का लंबे समय से देश की सत्ता पर प्रभाव रहा है। उत्तर कोरिया का आधुनिक इतिहास 1945 में कोरिया के विभाजन और 1948 में अलग उत्तर कोरियाई सरकार के गठन से जुड़ा है। 1950 से 1953 तक चले कोरियाई युद्ध के बाद उत्तर और दक्षिण कोरिया अलग-अलग देशों के रूप में बने रहे। आज भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।
उत्तर कोरिया पूर्वी एशिया में स्थित एक ऐसा देश है, जिसके बारे में दुनिया भर में काफी चर्चा होती है। इसका आधिकारिक नाम डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (DPRK) है। देश को आम तौर पर उत्तर कोरिया के नाम से जाना जाता है। इसकी राजधानी प्योंगयांग है। उत्तर कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था बेहद केंद्रीकृत है और देश की सत्ता लंबे समय से किम परिवार के हाथों में रही है। सैन्य शक्ति, परमाणु कार्यक्रम, सीमित विदेशी संपर्क और अपनी अलग सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था के कारण उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे अलग देशों में गिना जाता है।
उत्तर कोरिया की राजधानी उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग है। यह देश का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक शहर है। प्योंगयांग में सरकारी कार्यालय, महत्वपूर्ण स्मारक, विश्वविद्यालय, संग्रहालय, खेल परिसर, अस्पताल और बड़े आवासीय इलाके मौजूद हैं। शहर की पहचान इसकी चौड़ी सड़कों, बड़े सार्वजनिक भवनों और विशाल स्मारकों से होती है। राजधानी को देश की राजनीतिक शक्ति का केंद्र माना जाता है और यहां रहने वाले लोगों को देश के अन्य हिस्सों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की बात कही जाती है। प्योंगयांग उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था और प्रशासन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाल के वर्षों में शहर में नए अपार्टमेंट, आवासीय परिसर, दुकानों और आधुनिक शहरी सुविधाओं के निर्माण पर जोर दिया गया है।
उत्तर कोरिया की करेंसी उत्तर कोरिया की आधिकारिक मुद्रा उत्तर कोरियाई वॉन है। इसका अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोड KPW है। देश की आर्थिक व्यवस्था सामान्य बाजार अर्थव्यवस्थाओं से काफी अलग है। सरकार का आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक नियंत्रण है। हालांकि रोजमर्रा की जिंदगी में सरकारी व्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय बाजारों और छोटे स्तर की अनौपचारिक आर्थिक गतिविधियों का भी महत्व बढ़ा है। उत्तर कोरियाई वॉन का वास्तविक मूल्य और देश के भीतर उसकी उपयोगिता को समझना आसान नहीं है, क्योंकि उत्तर कोरिया में आधिकारिक और बाजार आधारित विनिमय दरों के बीच अंतर की जानकारी मिलती रही है। विदेशी मुद्रा के इस्तेमाल पर भी सरकार का नियंत्रण रहा है।
उत्तर कोरिया के वर्तमान नेता और प्रधानमंत्री उत्तर कोरिया के सबसे शक्तिशाली नेता किम जोंग उन हैं। वे वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव और देश के सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व में प्रमुख पद पर हैं। किम जोंग उन ने 2011 में अपने पिता किम जोंग इल की मृत्यु के बाद सत्ता संभाली। देश के प्रधानमंत्री यानी प्रीमियर पाक थाए-सोंग हैं। उन्होंने दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री का पद संभाला और 2026 में भी इस पद पर बने हुए हैं। जुलाई 2026 में वे चीन की आधिकारिक यात्रा पर भी गए थे, जहां दोनों देशों के बीच संबंधों और सहयोग को लेकर बातचीत हुई। यह समझना जरूरी है कि उत्तर कोरिया में प्रधानमंत्री का पद देश की सर्वोच्च राजनीतिक शक्ति का पर्याय नहीं है। वास्तविक सर्वोच्च राजनीतिक और सैन्य शक्ति किम जोंग उन के नेतृत्व वाली व्यवस्था के पास है।
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उत्तर कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था उत्तर कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था अत्यधिक केंद्रीकृत है। देश में वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया सबसे प्रमुख राजनीतिक संगठन है। सरकार, पार्टी और राज्य संस्थाओं के बीच मजबूत राजनीतिक नियंत्रण बना हुआ है। उत्तर कोरिया की राजनीतिक विचारधारा में जुचे को विशेष महत्व दिया जाता है। जुचे का सामान्य अर्थ आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय स्वतंत्रता की अवधारणा से जुड़ा है। इसके अलावा देश में किम इल-सुंग, किम जोंग इल और किम जोंग उन के नेतृत्व को राजनीतिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सरकार मीडिया, इंटरनेट, शिक्षा और सार्वजनिक सूचना पर व्यापक नियंत्रण रखती है। आम नागरिकों के लिए विदेशी मीडिया और खुले इंटरनेट तक पहुंच काफी सीमित है।
उत्तर कोरिया का इतिहास उत्तर कोरिया के आधुनिक इतिहास की शुरुआत कोरियाई प्रायद्वीप के विभाजन से जुड़ी है। 1910 से 1945 तक पूरा कोरिया जापानी औपनिवेशिक शासन के अधीन था। 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार के बाद कोरियाई प्रायद्वीप दो प्रभाव क्षेत्रों में बंट गया। उत्तर में सोवियत संघ का प्रभाव बढ़ा, जबकि दक्षिण में अमेरिका का प्रभाव स्थापित हुआ। 1948 में उत्तर में अलग सरकार बनी और किम इल-सुंग देश के प्रमुख नेता बने। इसी दौर में दक्षिण कोरिया में भी अलग सरकार स्थापित हुई। इस तरह एक ऐतिहासिक रूप से एकीकृत कोरियाई प्रायद्वीप दो अलग राजनीतिक व्यवस्थाओं में बंट गया।
कोरियाई युद्ध 1950 में उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध शुरू हुआ। इस युद्ध में अमेरिका और अन्य देशों ने दक्षिण कोरिया का समर्थन किया, जबकि चीन ने उत्तर कोरिया का साथ दिया। सोवियत संघ ने भी उत्तर कोरिया को समर्थन दिया। 1953 में युद्धविराम हुआ, लेकिन दोनों देशों के बीच औपचारिक शांति समझौता नहीं हुआ। इसी वजह से तकनीकी रूप से कोरियाई युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने वाली शांति संधि आज तक नहीं हुई है। दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्र में डीएमजेड यानी डिमिलिटराइज्ड जोन मौजूद है। यह दुनिया की सबसे अधिक सैन्यीकृत सीमाओं में से एक है।
किम परिवार का शासन उत्तर कोरिया की राजनीति की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता किम परिवार का लगातार नेतृत्व है। किम इल-सुंग देश के संस्थापक नेता माने जाते हैं। उनके बाद उनके बेटे किम जोंग इल ने सत्ता संभाली। 2011 में किम जोंग इल की मृत्यु के बाद उनके बेटे किम जोंग उन देश के सर्वोच्च नेता बने। इस तरह तीन पीढ़ियों से किम परिवार उत्तर कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था के केंद्र में रहा है।
उत्तर कोरिया की भौगोलिक स्थिति उत्तर कोरिया कोरियाई प्रायद्वीप के उत्तरी हिस्से में स्थित है। इसकी सीमा उत्तर में चीन, उत्तर-पूर्व में कुछ हिस्से में रूस और दक्षिण में दक्षिण कोरिया से लगती है। देश के पश्चिम में पीला सागर और पूर्व में जापान सागर स्थित है। उत्तर कोरिया का बड़ा हिस्सा पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ है। इसके कारण कृषि योग्य जमीन का हिस्सा सीमित है। देश में सर्दियों के दौरान तापमान काफी नीचे जा सकता है, जबकि गर्मियों में बारिश और उमस बढ़ जाती है। गर्मियों में आने वाले तूफान और बाढ़ भी कुछ क्षेत्रों के लिए चुनौती बन सकते हैं।
उत्तर कोरिया की भाषा उत्तर कोरिया की प्रमुख और आधिकारिक भाषा कोरियाई है। दक्षिण कोरिया में भी कोरियाई भाषा बोली जाती है, लेकिन दोनों देशों में कई शब्दों, उच्चारण और भाषा के प्रयोग में अंतर विकसित हुआ है। उत्तर कोरिया में कोरियाई भाषा को राष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। विदेशी भाषाओं की तुलना में कोरियाई भाषा को प्राथमिकता दी जाती है।
उत्तर कोरिया की शिक्षा व्यवस्था उत्तर कोरिया में शिक्षा व्यवस्था पर सरकार का मजबूत नियंत्रण है। बच्चों को स्कूलों में गणित, विज्ञान, भाषा, इतिहास और अन्य सामान्य विषय पढ़ाए जाते हैं। शिक्षा में देश की राजनीतिक विचारधारा और इतिहास को भी महत्वपूर्ण स्थान मिलता है। विद्यार्थियों को किम इल-सुंग और किम जोंग इल के नेतृत्व तथा उत्तर कोरिया के आधिकारिक दृष्टिकोण के बारे में पढ़ाया जाता है। देश में उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान मौजूद हैं। राजधानी प्योंगयांग में कई प्रमुख विश्वविद्यालय स्थित हैं। विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा को विशेष महत्व दिया जाता है। हालांकि उत्तर कोरिया की शिक्षा व्यवस्था के बारे में स्वतंत्र जानकारी सीमित है, क्योंकि देश में बाहरी संस्थानों और विदेशी मीडिया की पहुंच काफी नियंत्रित है।
उत्तर कोरिया में खेल उत्तर कोरिया में खेलों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रतिष्ठा से भी जोड़ा जाता है। फुटबॉल देश के प्रमुख लोकप्रिय खेलों में शामिल है। इसके अलावा बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, जिम्नास्टिक, कुश्ती, मार्शल आर्ट और एथलेटिक्स भी खेले जाते हैं। उत्तर कोरियाई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेते रहे हैं। जिम्नास्टिक और सामूहिक प्रदर्शन उत्तर कोरिया की सार्वजनिक संस्कृति में विशेष महत्व रखते हैं। देश में बड़े पैमाने पर सामूहिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग एक साथ संगीत, नृत्य, व्यायाम और कोरियोग्राफ किए गए प्रदर्शन करते हैं।
उत्तर कोरिया का खान-पान उत्तर कोरिया का पारंपरिक खान-पान कोरियाई संस्कृति से जुड़ा है। यहां चावल, नूडल्स, सब्जियां, सूप, अचार और किमची जैसे खाद्य पदार्थ आम हैं। किमची कोरियाई भोजन की सबसे प्रसिद्ध चीजों में से एक है। यह आम तौर पर सब्जियों को मसालों के साथ तैयार करके बनाया जाता है। प्योंगयांग की प्रसिद्ध डिश प्योंगयांग नेङम्योन है। यह ठंडे शोरबे के साथ परोसे जाने वाले नूडल्स की एक प्रसिद्ध कोरियाई डिश है। उत्तर कोरिया के ग्रामीण इलाकों में भोजन स्थानीय कृषि उत्पादन पर अधिक निर्भर करता है। चावल के अलावा मक्का, आलू, गेहूं, जौ, सोयाबीन और विभिन्न सब्जियां भी महत्वपूर्ण हैं।
उत्तर कोरिया में आम लोगों का रहन-सहन उत्तर कोरिया में रहन-सहन लोगों के क्षेत्र, परिवार और सामाजिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। राजधानी प्योंगयांग में आधुनिक अपार्टमेंट और नए आवासीय परिसर दिखाई देते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन अधिकतर कृषि, स्थानीय बाजार और सीमित संसाधनों पर आधारित रहता है। सरकार आवास और रोजगार व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देश के कई हिस्सों में सरकारी संस्थानों और राज्य के स्वामित्व वाले उद्योगों का महत्व बना हुआ है। प्योंगयांग और कुछ विशेष शहरों में रहने वाले लोगों को देश के दूरदराज के इलाकों की तुलना में बेहतर सुविधाएं मिलने की संभावना होती है। इसलिए उत्तर कोरिया के पूरे समाज को केवल राजधानी के आधार पर समझना सही नहीं होगा।
उत्तर कोरिया में कपड़े उत्तर कोरिया में रोजमर्रा के कपड़ों में शर्ट, पैंट, जैकेट, कोट, स्कर्ट और अन्य सामान्य पोशाक शामिल हैं। सर्दियों में लोग मोटे कोट और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं। पारंपरिक कोरियाई पोशाक हानबोक विशेष अवसरों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक समारोहों में पहनी जाती है। सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रमों में लोग अक्सर औपचारिक और सादे कपड़ों में दिखाई देते हैं। देश की सार्वजनिक संस्कृति में साफ-सुथरे और व्यवस्थित पहनावे को महत्व दिया जाता है।
उत्तर कोरिया में परिवार और समाज उत्तर कोरिया के सामाजिक जीवन में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका है। परिवार, स्कूल, कार्यस्थल और सरकारी संस्थाएं व्यक्ति के सामाजिक जीवन को प्रभावित करती हैं। देश में काम करने की व्यवस्था भी राज्य की आर्थिक प्रणाली से जुड़ी हुई है। उद्योग, कृषि, सरकारी विभाग, सेना और अन्य संस्थानों में रोजगार महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका निभाता है। सामूहिक गतिविधियां भी सामाजिक जीवन का हिस्सा हैं। राजनीतिक और राष्ट्रीय अवसरों पर सार्वजनिक कार्यक्रम, परेड और सामूहिक प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं।
उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक केंद्रीय योजना और सरकारी नियंत्रण पर आधारित रही है। उद्योग, कृषि, खनन और ऊर्जा क्षेत्र इसके महत्वपूर्ण हिस्से हैं। देश में कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिज संसाधन पाए जाते हैं। विनिर्माण और भारी उद्योग को भी लंबे समय से महत्व दिया गया है। कृषि क्षेत्र में चावल, मक्का, आलू, गेहूं और सब्जियों जैसी फसलें उगाई जाती हैं। पहाड़ी भूभाग और मौसम की परिस्थितियों के कारण कृषि को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उत्तर कोरिया पर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंध भी लागू हैं। इन प्रतिबंधों का देश के विदेशी व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है। हाल के वर्षों में सरकार ने उद्योग, कृषि, ऊर्जा और आवास निर्माण को बढ़ाने की कोशिश की है। प्योंगयांग में नए आवासीय क्षेत्रों का निर्माण इसका एक प्रमुख उदाहरण है।
उत्तर कोरिया और चीन चीन उत्तर कोरिया का सबसे महत्वपूर्ण पड़ोसी और प्रमुख आर्थिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से हैं। 2026 में चीन और उत्तर कोरिया ने अपनी मित्रता संधि की 65वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए। उत्तर कोरिया के प्रधानमंत्री पाक थाए-सोंग ने जुलाई 2026 में चीन का दौरा भी किया। दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा संपर्क और राजनीतिक संबंध उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था और विदेश नीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्तर कोरिया और रूस हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया और रूस के संबंध भी अधिक मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य सहयोग बढ़ा है। रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ता सहयोग अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तर कोरिया की रूस के साथ बढ़ती नजदीकी का असर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ उसके संबंधों पर भी पड़ता है।
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया एक ही कोरियाई प्रायद्वीप का हिस्सा हैं, लेकिन 1940 के दशक के बाद दोनों अलग-अलग राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्थाओं में विकसित हुए। दोनों देशों के बीच संबंध कभी बातचीत और सहयोग की दिशा में बढ़े हैं, तो कभी सैन्य तनाव बहुत ज्यादा बढ़ा है। 2026 में भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया को शत्रुतापूर्ण राज्य के रूप में देखता है, जबकि दक्षिण कोरिया की सरकार बातचीत और तनाव कम करने की कोशिशों की बात करती रही है।
उत्तर कोरिया और अमेरिका उत्तर कोरिया और अमेरिका के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण हैं। मुख्य विवादों में उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल परीक्षण, अमेरिकी प्रतिबंध और दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिका के सैन्य अभ्यास शामिल हैं। 2018 और 2019 में किम जोंग उन और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ऐतिहासिक मुलाकातें हुई थीं। हालांकि इन वार्ताओं से परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया। अगस्त 2026 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच फिर से संभावित बातचीत को लेकर चर्चा चल रही है, लेकिन दोनों देशों की नीतियों और शर्तों में अभी भी बड़ा अंतर बना हुआ है।
उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों का सबसे विवादित हिस्सा है। देश ने कई परमाणु परीक्षण किए हैं और बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास पर भी जोर दिया है। उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा और सैन्य क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताता है। दूसरी ओर, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान और कई अन्य देश इसे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानते हैं। 2026 में भी उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों और सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बनी हुई है।
उत्तर कोरिया में इंटरनेट और मीडिया उत्तर कोरिया में इंटरनेट और सूचना तक पहुंच आम नागरिकों के लिए बहुत सीमित है। देश में मीडिया संस्थानों पर सरकारी नियंत्रण है। सरकारी समाचार एजेंसियां, टेलीविजन, रेडियो और समाचार पत्र मुख्य रूप से सरकार की आधिकारिक नीतियों और विचारों को प्रस्तुत करते हैं। आम नागरिकों की विदेशी वेबसाइटों और स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों तक पहुंच पर कड़े प्रतिबंध हैं। इसी वजह से उत्तर कोरिया के आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के बारे में स्वतंत्र और विस्तृत जानकारी जुटाना कठिन होता है।
उत्तर कोरिया की संस्कृति उत्तर कोरिया की संस्कृति की जड़ें कोरियाई इतिहास और परंपराओं में हैं। संगीत, नृत्य, थिएटर, चित्रकला, साहित्य और पारंपरिक समारोह यहां की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। हालांकि सांस्कृतिक गतिविधियों पर राज्य का मजबूत प्रभाव रहता है। कला और मनोरंजन को अक्सर राष्ट्रीय भावना, इतिहास और सरकारी विचारधारा से जोड़ा जाता है। पारंपरिक कोरियाई भोजन, हानबोक, लोक नृत्य और पारंपरिक संगीत देश की सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
उत्तर कोरिया में पर्यटन उत्तर कोरिया में विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा सामान्य देशों की तुलना में काफी अलग होती है। विदेशी पर्यटकों की गतिविधियां और यात्रा आम तौर पर निर्धारित नियमों के अनुसार होती हैं और स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति सीमित हो सकती है। प्योंगयांग के अलावा कुछ ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थान भी विदेशी यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। इनमें पहाड़ी क्षेत्र, ऐतिहासिक स्मारक और कुछ समुद्री इलाके शामिल हैं। हालांकि उत्तर कोरिया की यात्रा से जुड़े नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए किसी भी यात्रा की योजना बनाने से पहले मौजूदा आधिकारिक नियमों की जानकारी लेना जरूरी होता है।
उत्तर कोरिया की सेना उत्तर कोरिया दुनिया के उन देशों में शामिल है जो अपनी सैन्य शक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रमुख आधार मानते हैं। देश की सेना को कोरियाई पीपुल्स आर्मी कहा जाता है। उत्तर कोरिया ने पारंपरिक सैन्य बलों के साथ मिसाइल और परमाणु क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया है। सेना देश की राजनीति और समाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका रखती है। सैन्य परेड और मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया की सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियों में अक्सर दिखाई देते हैं।
उत्तर कोरिया की खास बातें उत्तर कोरिया की सबसे खास बात यह है कि यहां की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था दुनिया के अधिकांश देशों से काफी अलग है। देश में सरकार का समाज, मीडिया, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक जीवन पर मजबूत नियंत्रण है। इसके बावजूद उत्तर कोरिया की अपनी समृद्ध कोरियाई सांस्कृतिक परंपराएं हैं। कोरियाई भाषा, भोजन, पारंपरिक कपड़े, संगीत, नृत्य और ऐतिहासिक विरासत यहां के समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राजधानी प्योंगयांग में आधुनिक इमारतों और नए आवासीय क्षेत्रों का विकास दिखाई देता है, जबकि देश के कई ग्रामीण इलाकों में जीवन अब भी कृषि और स्थानीय संसाधनों पर निर्भर है।
निष्कर्ष उत्तर कोरिया पूर्वी एशिया का एक बेहद महत्वपूर्ण और जटिल देश है। इसकी राजधानी प्योंगयांग है, मुद्रा उत्तर कोरियाई वॉन है और वर्तमान में किम जोंग उन देश के सर्वोच्च नेता हैं, जबकि पाक थाए-सोंग प्रधानमंत्री हैं। उत्तर कोरिया का इतिहास जापानी औपनिवेशिक शासन, कोरियाई प्रायद्वीप के विभाजन, कोरियाई युद्ध और किम परिवार के लंबे शासन से जुड़ा है। देश की राजनीति में जुचे विचारधारा और वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय भूमिका है। शिक्षा, खेल, खान-पान, कपड़े और संस्कृति में उत्तर कोरिया की अपनी कोरियाई परंपराएं दिखाई देती हैं। वहीं अर्थव्यवस्था, मीडिया, इंटरनेट और विदेशी संपर्क पर सरकार का मजबूत नियंत्रण है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर कोरिया की पहचान उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम, दक्षिण कोरिया के साथ तनाव, अमेरिका के साथ विवाद तथा चीन और रूस के साथ बढ़ते संबंधों से भी जुड़ी है। इसलिए उत्तर कोरिया को समझने के लिए केवल उसकी राजनीति नहीं, बल्कि उसके इतिहास, समाज, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन को भी साथ में देखना जरूरी है।
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