ब्रिटेन में हुई एक नई स्टडी में संकेत मिले हैं कि एंडोमेट्रियल कैंसर की सर्जरी से पहले कम समय के लिए वजन घटाने का खास कार्यक्रम मरीजों को ऑपरेशन के बाद होने वाली कुछ जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकता है। इंग्लैंड के नौ अस्पतालों में हुए इस अध्ययन में सर्जरी से पहले करीब चार सप्ताह तक कम कैलोरी वाला डाइट कार्यक्रम अपनाने वाली महिलाओं में ऑपरेशन के बाद complications की दर सामान्य देखभाल पाने वाली महिलाओं से कम रही।
ब्रिटेन में हुई एक नई स्टडी में संकेत मिले हैं कि एंडोमेट्रियल कैंसर की सर्जरी से पहले कम समय के लिए वजन घटाने का खास कार्यक्रम मरीजों को ऑपरेशन के बाद होने वाली कुछ जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकता है। इंग्लैंड के नौ अस्पतालों में हुए इस अध्ययन में सर्जरी से पहले करीब चार सप्ताह तक कम कैलोरी वाला डाइट कार्यक्रम अपनाने वाली महिलाओं में ऑपरेशन के बाद complications की दर सामान्य देखभाल पाने वाली महिलाओं से कम रही।
स्टडी में यह भी देखा गया कि कम समय में वजन घटने के बावजूद महिलाओं के muscle mass या lean tissue में कोई साफ नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह नहीं कहा है कि वजन कम करने से कैंसर का इलाज हो जाता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि सर्जरी से पहले वजन घटाने का कार्यक्रम ऑपरेशन के बाद मरीजों की recovery और complications पर कितना असर डाल सकता है।
78 महिलाओं को किया गया अध्ययन में शामिल इस अध्ययन में कुल 78 ऐसी महिलाओं को शामिल किया गया, जिनका BMI 28 kg/m² या उससे अधिक था और वे एंडोमेट्रियल कैंसर की सर्जरी का इंतजार कर रही थीं।
एंडोमेट्रियल कैंसर गर्भाशय की अंदरूनी परत में होने वाला कैंसर है। ऐसे मरीजों में सर्जरी इलाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। लेकिन अगर मरीज का वजन अधिक हो, तो ऑपरेशन और उसके बाद की recovery में कुछ अतिरिक्त चुनौतियां हो सकती हैं।
अध्ययन में शामिल महिलाओं को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को सामान्य चिकित्सा देखभाल दी गई। दूसरे समूह को डाइटीशियन की निगरानी में विशेष वजन घटाने वाला कार्यक्रम दिया गया। इस कार्यक्रम का मकसद सर्जरी से पहले कम समय में सुरक्षित तरीके से वजन कम करना था।
चार हफ्ते में औसतन 5.3 किलो वजन कम वजन घटाने वाले कार्यक्रम में महिलाओं को सामान्य भोजन की जगह nutritionally complete meal-replacement products दिए गए। उन्हें रोज करीब 800 कैलोरी और 76 ग्राम प्रोटीन दिया गया। डाइटीशियन फोन के जरिए मरीजों से नियमित संपर्क में रहते थे। इस दौरान उन्हें डाइट से जुड़ी मदद और जरूरी मार्गदर्शन दिया जाता था। इस कार्यक्रम की औसत अवधि सिर्फ 28 दिन यानी करीब चार सप्ताह थी।
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इतने कम समय में भी intervention group की महिलाओं ने औसतन 5.3 किलो वजन कम किया। यह सामान्य देखभाल वाले समूह की महिलाओं की तुलना में करीब 3.5 किलो ज्यादा था। इससे पता चलता है कि सर्जरी का इंतजार कर रही महिलाओं में भी सीमित समय के दौरान एक व्यवस्थित डाइट कार्यक्रम के जरिए वजन में अच्छी कमी लाई जा सकती है।
ऑपरेशन के बाद complications में बड़ा अंतर अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम सर्जरी के बाद सामने आया। सामान्य देखभाल पाने वाले समूह में 51 प्रतिशत महिलाओं को सर्जरी के 30 दिनों के भीतर किसी न किसी postoperative complication का सामना करना पड़ा। वहीं, वजन घटाने वाले कार्यक्रम में शामिल महिलाओं में यह आंकड़ा 27 प्रतिशत रहा।
यानी दोनों समूहों के बीच करीब 24 प्रतिशत अंक का अंतर देखा गया। स्टडी के अनुसार, यह अंतर मुख्य रूप से मध्यम स्तर की complications में कमी की वजह से था। ऐसी complications में मरीजों को अतिरिक्त मेडिकल मदद की जरूरत पड़ सकती है, जिसमें antibiotics या blood transfusion जैसी चिकित्सा शामिल हो सकती है।
हालांकि, इन आंकड़ों को यह साबित करने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए कि हर मरीज में वजन घटाने से complications निश्चित रूप से कम होंगी। यह अध्ययन सीमित संख्या में मरीजों के साथ किया गया था और आगे बड़े clinical trials की जरूरत होगी।
तेजी से वजन घटने पर muscle mass का क्या हुआ? कम समय में तेजी से वजन घटाने को लेकर अक्सर यह चिंता रहती है कि शरीर की चर्बी के साथ muscle mass भी कम हो सकता है। कैंसर के मरीजों के लिए यह चिंता और महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि शरीर की ताकत और recovery क्षमता सर्जरी के बाद काफी मायने रखती है।
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं को fat-free mass में कोई स्पष्ट नुकसान नहीं मिला। इसका मतलब है कि वजन घटने के दौरान muscle और शरीर के दूसरे lean tissues में बड़ी कमी के संकेत नहीं मिले। यह परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है क्योंकि कार्यक्रम में महिलाओं को बहुत कम कैलोरी दी गई थी। इसके बावजूद अध्ययन में lean mass के स्पष्ट नुकसान का संकेत नहीं मिला।
मानसिक स्वास्थ्य और quality of life पर भी नजर शोधकर्ताओं ने केवल वजन और सर्जरी के बाद होने वाली complications को ही नहीं देखा। उन्होंने महिलाओं की quality of life, anxiety और depression से जुड़े स्कोर का भी आकलन किया। अध्ययन में दोनों समूहों के बीच इन मामलों में कोई महत्वपूर्ण नकारात्मक अंतर नहीं पाया गया।
इसका मतलब है कि उपलब्ध अध्ययन परिणामों के आधार पर चार सप्ताह के इस कार्यक्रम से महिलाओं की quality of life या मानसिक स्वास्थ्य पर कोई स्पष्ट नकारात्मक असर दिखाई नहीं दिया। हालांकि, हर मरीज का अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए किसी भी तरह का बहुत कम कैलोरी वाला डाइट कार्यक्रम डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह के बिना शुरू करना सही नहीं होगा।
ज्यादातर महिलाओं ने कार्यक्रम में अच्छी भागीदारी की अध्ययन में यह भी देखा गया कि महिलाएं इस कार्यक्रम को कितना अपना पाईं। करीब 85 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपनी निर्धारित dietitian calls में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शामिल अधिकांश महिलाओं ने डाइट को सकारात्मक रूप से रेट किया।
इससे संकेत मिलता है कि सर्जरी से पहले सीमित समय के लिए इस तरह का structured weight-loss programme मरीजों के लिए व्यावहारिक हो सकता है। हालांकि, सभी महिलाएं निर्धारित वजन घटाने के लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाईं।
5 प्रतिशत वजन घटाने का लक्ष्य कितनी महिलाओं ने हासिल किया? शोधकर्ताओं ने कम से कम 5 प्रतिशत वजन घटाने का लक्ष्य रखा था। वजन घटाने वाले कार्यक्रम में शामिल 44 प्रतिशत महिलाएं इस लक्ष्य तक पहुंच सकीं। वहीं, सामान्य देखभाल वाले समूह में सिर्फ 12 प्रतिशत महिलाएं कम से कम 5 प्रतिशत वजन घटा पाईं।
इससे दोनों समूहों के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। फिर भी यह आंकड़ा यह भी बताता है कि सिर्फ डाइट कार्यक्रम देना हर मरीज के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। कुछ महिलाओं को वजन कम करने के लिए अधिक समय या अलग तरह की सहायता की जरूरत पड़ सकती है।
यह कैंसर का इलाज नहीं है इस अध्ययन को समझते समय एक बात साफ रखना जरूरी है कि वजन कम करना एंडोमेट्रियल कैंसर का इलाज नहीं है। शोधकर्ताओं ने यह जांचने की कोशिश की थी कि सर्जरी से पहले वजन घटाने से ऑपरेशन के बाद होने वाली complications और recovery पर क्या असर पड़ सकता है।
यह एक feasibility trial था। यानी अध्ययन का एक प्रमुख उद्देश्य यह देखना था कि इतनी कम अवधि में ऐसा वजन घटाने वाला कार्यक्रम मरीजों के लिए व्यावहारिक और सुरक्षित तरीके से चलाया जा सकता है या नहीं।
इसलिए इन परिणामों को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय आगे के बड़े अध्ययनों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। भविष्य में मरीजों को ज्यादा समय देने की कोशिश शोधकर्ताओं के मुताबिक, भविष्य में ऐसे कार्यक्रम को मरीजों के diagnosis के शुरुआती चरण में ही शुरू किया जा सकता है।
अगर मरीजों को सर्जरी से पहले वजन कम करने के लिए ज्यादा समय मिल जाए, तो वे अपने वजन में clinically meaningful कमी हासिल करने के लिए बेहतर स्थिति में हो सकते हैं। इससे 5 प्रतिशत या उससे अधिक वजन कम करने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ सकती है। हालांकि, इस संभावना की पुष्टि बड़े clinical trials में ही हो सकेगी।
स्टडी क्यों महत्वपूर्ण है? एंडोमेट्रियल कैंसर की सर्जरी से पहले मरीज की overall health और शरीर की स्थिति को बेहतर बनाना recovery के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इस अध्ययन में सिर्फ चार सप्ताह के एक structured diet programme के बाद वजन में अच्छी कमी और postoperative complications की कम दर देखी गई।
सबसे खास बात यह रही कि वजन कम होने के साथ fat-free mass में स्पष्ट नुकसान नहीं पाया गया। साथ ही, quality of life, anxiety और depression पर भी कोई महत्वपूर्ण नकारात्मक असर सामने नहीं आया।
फिर भी अध्ययन छोटा था और इसमें सिर्फ 78 महिलाएं शामिल थीं। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऐसा कार्यक्रम सभी एंडोमेट्रियल कैंसर मरीजों के लिए एक सामान्य उपचार बन जाना चाहिए। बड़े और ज्यादा मरीजों पर किए गए अध्ययनों से ही यह पता चल पाएगा कि सर्जरी से पहले वजन घटाने की रणनीति कितनी प्रभावी और सुरक्षित है।
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