यूरोपीय संघ के EU AI Act को लेकर ऑनलाइन कई तरह की बातें सामने आती रही हैं। इनमें एक दावा यह भी है कि इस कानून ने चैटबॉट, इमेज जनरेटर और दूसरे जनरेटिव AI टूल्स पर पूरी तरह रोक लगा दी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी इस दावे का समर्थन नहीं करती। असल में EU AI Act का मकसद सभी जनरेटिव AI सिस्टम को बंद करना नहीं है। यह कानून अलग-अलग AI सिस्टम को उनके जोखिम के आधार पर देखता है और उनके इस्तेमाल के अनुसार नियम और जिम्मेदारियां तय करता है।
यूरोपीय संघ के EU AI Act को लेकर ऑनलाइन कई तरह की बातें सामने आती रही हैं। इनमें एक दावा यह भी है कि इस कानून ने चैटबॉट, इमेज जनरेटर और दूसरे जनरेटिव AI टूल्स पर पूरी तरह रोक लगा दी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी इस दावे का समर्थन नहीं करती। असल में EU AI Act का मकसद सभी जनरेटिव AI सिस्टम को बंद करना नहीं है। यह कानून अलग-अलग AI सिस्टम को उनके जोखिम के आधार पर देखता है और उनके इस्तेमाल के अनुसार नियम और जिम्मेदारियां तय करता है।
EU AI Act में AI को कैसे बांटा गया है? EU AI Act AI सिस्टम को उनके संभावित जोखिम के आधार पर अलग-अलग स्तरों में रखता है। इनमें अनएक्सेप्टेबल रिस्क, हाई-रिस्क, लिमिटेड रिस्क और मिनिमल रिस्क जैसी श्रेणियां शामिल हैं।
जनरेटिव AI को आम तौर पर जनरल-पर्पज़ AI (GPAI) या फाउंडेशन/GPAI मॉडल के रूप में देखा जाता है। इसका मतलब यह है कि इन मॉडलों के लिए कानून में जिम्मेदारियां और नियम तय किए गए हैं, न कि सभी जनरेटिव AI पर सीधे प्रतिबंध लगाया गया है। इसलिए यह कहना कि EU AI Act के आने के बाद यूरोप में हर तरह का चैटबॉट या इमेज जनरेटर प्रतिबंधित हो गया है, सही नहीं है।
जनरेटिव AI पर क्या नियम लागू होते हैं? EU AI Act जनरेटिव और जनरल-पर्पज़ AI से जुड़े सिस्टम के लिए कई तरह की जिम्मेदारियां तय करता है। इनमें पारदर्शिता, ट्रेनिंग डेटा से जुड़ी जानकारी, कॉपीराइट नियमों का सम्मान, डीपफेक की पहचान या लेबलिंग और सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल जैसी बातें शामिल हैं।
इन नियमों का उद्देश्य AI कंपनियों को अपने सिस्टम के बारे में ज्यादा जिम्मेदार और पारदर्शी बनाना है। यानी कानून का फोकस केवल AI को रोकने पर नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी है। क्या कुछ AI इस्तेमाल पर बैन है?
EU AI Act में कुछ ऐसे AI इस्तेमालों को अनएक्सेप्टेबल रिस्क की श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें प्रतिबंधित किया जा सकता है। इनमें सोशल स्कोरिंग जैसे इस्तेमाल शामिल हैं। इसी तरह बच्चों की खतरनाक तरीके से निगरानी करने वाले कुछ AI इस्तेमाल भी प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं। इसका मतलब यह है कि कानून कुछ खास और जोखिम वाले AI उपयोगों पर रोक लगाता है। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि हर जनरेटिव AI चैटबॉट या इमेज जनरेटर को अनएक्सेप्टेबल रिस्क माना गया है।
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चैटबॉट और इमेज जनरेटर का क्या होगा? चैटबॉट, इमेज जनरेटर और दूसरे जनरेटिव AI टूल्स को केवल जनरेटिव AI होने की वजह से सीधे प्रतिबंधित नहीं किया गया है। इनका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है, यह महत्वपूर्ण है। अगर कोई AI सिस्टम खतरनाक या कानून-विरोधी इस्तेमाल से जुड़ा है, तो उस पर अलग नियम लागू हो सकते हैं। लेकिन सामान्य जनरेटिव AI टूल को केवल इस वजह से पूरी तरह बैन नहीं माना जा सकता कि वह टेक्स्ट, तस्वीर या दूसरी सामग्री तैयार करता है।
यही अंतर “जनरेटिव AI पर नियम” और “जनरेटिव AI पर पूरी तरह बैन” के बीच है। AI कंपनियों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी EU AI Act का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि AI विकसित करने और उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को ज्यादा जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। उन्हें अपने AI सिस्टम से जुड़े जोखिमों और पारदर्शिता के नियमों का ध्यान रखना होगा।
ट्रेनिंग डेटा, कॉपीराइट और AI से तैयार की गई सामग्री की पहचान जैसे मुद्दों को लेकर भी नियमों पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य यूजर्स के अधिकारों और सुरक्षा को बेहतर तरीके से सुरक्षित करना है। डीपफेक और पारदर्शिता पर भी जोर जनरेटिव AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डीपफेक भी एक बड़ी चिंता बनकर सामने आया है। AI की मदद से बनाई या बदली गई तस्वीरों और दूसरी सामग्री को लेकर लोगों के लिए यह समझना मुश्किल हो सकता है कि वह वास्तविक है या AI से तैयार की गई है।
इसी वजह से EU AI Act में पारदर्शिता और AI से तैयार सामग्री की पहचान से जुड़े नियमों पर भी ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य यूजर्स को AI-जनरेटेड कंटेंट के बारे में ज्यादा स्पष्ट जानकारी देना है। फैक्ट-चेक: दावा कितना सही? दावा: EU AI Act ने सभी जनरेटिव AI और चैटबॉट को पूरी तरह बैन कर दिया है।
फैक्ट-चेक: यह दावा गलत और भ्रामक है। EU AI Act सभी जनरेटिव AI पर सीधे प्रतिबंध नहीं लगाता। कानून AI सिस्टम को उनके जोखिम के आधार पर देखता है और जनरल-पर्पज़ AI मॉडल के लिए पारदर्शिता, ट्रेनिंग डेटा, कॉपीराइट, डीपफेक लेबलिंग और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां तय करता है। कुछ खास और जोखिम वाले AI इस्तेमाल, जैसे सोशल स्कोरिंग और बच्चों की खतरनाक निगरानी से जुड़े कुछ उपयोग, प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी चैटबॉट या इमेज जनरेटर बैन हो गए हैं।
निष्कर्ष EU AI Act को जनरेटिव AI पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने वाला कानून बताना सही नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य AI के जोखिम के अनुसार नियम तय करना और कंपनियों को अधिक जिम्मेदार व पारदर्शी बनाना है। इस कानून के तहत कुछ खतरनाक AI इस्तेमाल प्रतिबंधित हैं, जबकि जनरेटिव AI और जनरल-पर्पज़ AI मॉडल के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इसलिए “EU AI Act ने सारे जनरेटिव AI पर बैन लगा दिया” वाला दावा उपलब्ध जानकारी के आधार पर गलत है।
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