HFCL Limited 6G और क्वांटम कम्युनिकेशन के लिए नई hollow-core fiber टेक्नोलॉजी विकसित करने वाले Department of Telecommunications समर्थित कंसोर्टियम में शामिल हुई है, जिसकी अगुवाई Indian Institute of Technology Delhi कर रहा है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में अपनी इंडस्ट्री एक्सपर्टीज देगी। 23 फरवरी को HFCL का शेयर ₹69.93 पर बंद हुआ, जो 1.94% गिरा।
HFCL Limited ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी कि वह Department of Telecommunications (DoT) द्वारा फंड किए गए एक रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए बने कंसोर्टियम में शामिल हो गई है। इस प्रोजेक्ट की अगुवाई Indian Institute of Technology Delhi कर रहा है।
इसका मकसद अगली पीढ़ी के कम्युनिकेशन नेटवर्क के लिए hollow-core fiber (HCF) टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट 6G और क्वांटम कम्युनिकेशन सिस्टम्स के लिए नई ऑप्टिकल फाइबर टेक्नोलॉजी विकसित करने पर काम करेगा।
कंसोर्टियम पार्टनर के तौर पर HFCL अपनी इंडस्ट्री एक्सपर्टीज, मैन्युफैक्चरिंग अनुभव और एप्लिकेशन से जुड़े इनसाइट्स देगा, ताकि रिसर्च को जमीन पर लागू करने में मदद मिल सके। HFCL के मैनेजिंग डायरेक्टर महेंद्र नहाटा ने कहा, “हमें DoT के सपोर्ट वाले इस कंसोर्टियम का हिस्सा बनकर खुशी है।
दुनिया का टेलीकॉम सिस्टम अब 6G, AI से चलने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और अल्ट्रा-लो-लेटेंसी एप्लिकेशन्स की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस कंसोर्टियम के जरिए वे मैन्युफैक्चरिंग, स्केलेबिलिटी और रियल वर्ल्ड नेटवर्क जरूरतों पर इंडस्ट्री इनसाइट्स देंगे, ताकि एडवांस रिसर्च का सही तरीके से प्रैक्टिकल इस्तेमाल हो सके।
Hollow-core fiber एक नई ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी है, जिसे पारंपरिक सॉलिड-कोर फाइबर के मुकाबले कम लेटेंसी और बेहतर सिग्नल परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन किया गया है। दुनिया भर में इसे हाई-कैपेसिटी, लंबी दूरी और कम लेटेंसी वाले नेटवर्क्स के लिए परखा जा रहा है, जैसे एडवांस डेटा सेंटर्स और अगली पीढ़ी का टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर।
कंपनी ने कहा कि AI वर्कलोड बढ़ने, हाइपरस्केल कंप्यूटिंग की मांग और 6G नेटवर्क की दिशा में बढ़ते कदमों के कारण अल्ट्रा-लो-लेटेंसी ऑप्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत तेजी से बढ़ेगी। DoT का यह प्रोजेक्ट भारत की घरेलू क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
कंपनी ने यह भी बताया कि hollow-core fiber डेटा कम्युनिकेशन में ऊर्जा खपत और लेटेंसी दोनों को कम कर सकता है। IIT दिल्ली के प्रोफेसर दीपक जैन, जो इस प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर हैं, ने कहा, “अकादमिक संस्थानों और इंडस्ट्री के बीच इस तरह का संरचित सहयोग इनोवेशन को तेज करने के लिए बेहद जरूरी है।
साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि रिसर्च देश की टेलीकॉम प्राथमिकताओं के अनुरूप हो। HFCL Ltd के शेयर 23 फरवरी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर ₹69.93 पर बंद हुए, जो दिनभर में ₹1.38 या 1.94% की गिरावट दर्शाता है।
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