चक्रवात दितवाह से प्रभावित श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने बेली ब्रिज और जरूरी सामान भेजा है। इन पुलों से टूटे सड़क संपर्क को फिर से जोड़ने और लोगों की आवाजाही आसान करने में मदद मिल रही है।
चक्रवात दितवाह से प्रभावित श्रीलंका में भारत सड़क और पुलों को फिर से जोड़ने में मदद कर रहा है। भारत ने श्रीलंका को बेली ब्रिज और उनके सामान की कई खेप भेजी हैं, जिनका इस्तेमाल टूटे सड़क संपर्क को बहाल करने में किया जा रहा है।
कोलंबो। चक्रवात दितवाह के बाद श्रीलंका के कई इलाकों में सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचा। इसके बाद भारत ने वहां जरूरी मदद पहुंचाने का काम शुरू किया। भारत की ओर से बेली ब्रिज और उनके सामान श्रीलंका भेजे गए हैं, ताकि टूटे हुए रास्तों को जल्द फिर से जोड़ा जा सके।
यह मदद श्रीलंका के दोबारा निर्माण और लोगों की आवाजाही शुरू करने के लिए दी जा रही है। बेली ब्रिज ऐसे पुल होते हैं जिन्हें कम समय में तैयार किया जा सकता है। किसी पुल के टूट जाने के बाद इनका इस्तेमाल रास्ता जल्दी खोलने के लिए किया जाता है।
भारत ने भेजे बेली ब्रिज 5 फरवरी 2026 को भारत ने श्रीलंका को 10 अतिरिक्त बेली ब्रिज दिए। यह सामान विशाखापत्तनम से INS Gharial के जरिए कोलंबो पहुंचा था।
इसके बाद 27 फरवरी 2026 को भारत ने 214 टन बेली ब्रिज के सामान की एक और खेप श्रीलंका को दी। इस सामान का इस्तेमाल अलग-अलग प्रभावित इलाकों में पुल बनाने के लिए किया जाना है। भारत इससे पहले भी श्रीलंका को चार बेली ब्रिज दे चुका है। इनमें से दो किलिनोच्ची जिले में और दो कैंडी-रागाला रोड पर लगाए गए थे।
टूटे रास्तों को जोड़ने में मिल रही मदद चक्रवात के बाद कई जगह सड़क संपर्क टूट गया था। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। जरूरी सामान पहुंचाने, स्कूल जाने और अस्पताल तक पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती थी।
भारत की ओर से भेजे गए बेली ब्रिज इन रास्तों को दोबारा खोलने में मदद कर रहे हैं। भारतीय सेना के इंजीनियर श्रीलंकाई सेना और Road Development Authority के साथ मिलकर इन पुलों को लगाने का काम कर रहे हैं।
चिलाव में 240 फीट लंबा पुल शुरू 18 मार्च 2026 को चिलाव-थोडुवावा रोड पर 240 फीट लंबे बेली ब्रिज का उद्घाटन किया गया। इस पुल से Colombo-Puttalam coastal corridor के एक अहम हिस्से का संपर्क फिर से जुड़ गया।
सड़क खुलने से स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। कृषि और मछली पालन से जुड़े लोगों को भी अपने सामान को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
गांवों के लिए क्यों जरूरी हैं ये पुल? किसी प्राकृतिक आपदा में सड़क या पुल टूटने का असर सिर्फ गाड़ियों की आवाजाही पर नहीं पड़ता। गांवों में रहने वाले लोगों के लिए स्कूल, अस्पताल, बाजार और जरूरी सामान तक पहुंच भी मुश्किल हो जाती है।
ऐसे में पुल बनने से लोगों का रोज का आना-जाना आसान हो जाता है। किसान अपनी फसल बाजार तक पहुंचा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल ले जाना भी आसान होता है।
भारत की मदद का दायरा भारत की मदद केवल पुल भेजने तक सीमित नहीं है। भारतीय इंजीनियरों की टीम ने श्रीलंका के सात प्रभावित प्रांतों में 40 से ज्यादा पुल वाली जगहों का सर्वे किया और नुकसान का जायजा लिया। मार्च 2026 की जानकारी के अनुसार, आगे करीब 15 बेली ब्रिज बनाए जाने की योजना बताई गई थी। इनका काम प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर करने पर केंद्रित है।
श्रीलंका के लिए भारत की ओर से घोषित 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के दोबारा निर्माण और मदद वाले पैकेज में बेली और स्थायी पुलों के लिए 30 मिलियन डॉलर का प्रावधान भी रखा गया है।
भारत-श्रीलंका संबंधों के लिए भी अहम श्रीलंका में भारत की यह मदद दोनों देशों के बीच सहयोग का हिस्सा है। आपदा के बाद सड़क और पुल जैसी जरूरी सुविधाओं को फिर से खड़ा करने में मदद से स्थानीय लोगों को सीधे फायदा मिल सकता है। भारत की पड़ोसी देशों के साथ मदद की नीति में ऐसी जरूरत के समय सहायता को अहम माना जाता है। श्रीलंका में बेली ब्रिज लगाना इसका एक जमीन से जुड़ा उदाहरण है।
आगे क्या? श्रीलंका में अभी भी प्रभावित इलाकों में सड़क और पुलों को ठीक करने का काम जरूरी है। भारत की ओर से भेजे गए बेली ब्रिज और उनकी मदद से बनने वाले नए पुल आने वाले समय में कई इलाकों की आवाजाही आसान कर सकते हैं।
चक्रवात से हुए नुकसान के बाद सड़क संपर्क की बहाली लोगों के रोजमर्रा के काम और स्थानीय कारोबार के लिए जरूरी है। भारत की मदद से इन कामों को तेजी से पूरा करने में श्रीलंका को सहायता मिल रही है।
श्रीलंका, भारत श्रीलंका संबंध, चक्रवात दितवाह, Cyclone Ditwah, श्रीलंका में भारत की मदद, बेली ब्रिज Sri Lanka, Bharat Sri Lanka sambandh, Cyclone Ditwah, Sri Lanka mein Bharat ki madad, Bailey Bridge चक्रवात दितवाह के बाद श्रीलंका की मदद में भारत, श्रीलंका में भारत ने कितने बेली ब्रिज भेजे, भारत की बेली ब्रिज से श्रीलंका की मदद श्रीलंका, भारत, Cyclone Ditwah, चक्रवात दितवाह, बेली ब्रिज, भारत श्रीलंका, श्रीलंका समाचार NetGramNews
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI. इस लेख में इस्तेमाल की गई तस्वीरें सिर्फ समझाने के लिए हैं। कुछ तस्वीरों को AI की मदद से एडिट किया गया है।
Published by: Gulam Rasool. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.