अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने Boeing 737 Max विमानों की सुरक्षा को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। करीब 471 विमानों की जांच की जाएगी। इनमें 737 Max 8, Max 9 और Max 8-200 मॉडल शामिल हैं। जांच में विमान की बॉडी के एक हिस्से में दरार यानी ‘क्रैक’ की आशंका को देखा जाएगा।
FAA ने फिलहाल इन विमानों को उड़ान से रोकने या तुरंत जमीन पर खड़ा करने का आदेश नहीं दिया है। एयरलाइंस को तय समय के अंदर विमानों की जांच करानी होगी। अगर किसी विमान में दरार मिलती है तो उसे ठीक करने के बाद ही दोबारा उड़ान में लगाया जा सकेगा।
471 Boeing 737 Max विमानों की होगी जांच FAA का यह आदेश Boeing 737 Max के करीब 471 विमानों पर लागू होगा। इसमें 737 Max 8, Max 9 और Max 8-200 मॉडल शामिल हैं। जांच का मुख्य कारण विमान की बॉडी में लगे एक खास हिस्से को लेकर सामने आई चिंता है। यह हिस्सा ‘bear strap’ कहलाता है। यह विमान की बॉडी को मजबूत रखने वाले हिस्सों में से एक है। FAA को आशंका है कि आगे वाले सर्विस डोर के आसपास इसमें दरार आ सकती है। अभी तक Boeing 737 Max विमानों में इस तरह की दरार मिलने की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद FAA ने पहले से जांच कराने का फैसला किया है, ताकि अगर कोई समस्या हो तो उसे समय रहते पकड़ा जा सके।
सर्विस डोर के पास हिस्से में दरार की चिंता FAA की चिंता विमान के आगे वाले सर्विस डोर के आसपास मौजूद ‘bear strap’ को लेकर है। विमान के इस हिस्से का काम बॉडी को मजबूती देने में मदद करना है। अगर इस हिस्से में दरार आती है और लंबे समय तक इसका पता नहीं चलता, तो विमान की मजबूती पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से FAA ने एयरलाइंस को विमानों की जांच कराने को कहा है। इस जांच का मकसद किसी बड़ी परेशानी का इंतजार करना नहीं, बल्कि पहले ही यह देख लेना है कि विमान में ऐसी कोई समस्या तो नहीं है। अगर जांच के दौरान दरार मिलती है तो जरूरी मरम्मत की जाएगी।
विमानों को अभी उड़ान से नहीं हटाया गया FAA के आदेश के बाद Boeing 737 Max विमानों की तुरंत उड़ान बंद नहीं होगी। यानी एयरलाइंस अपने विमानों को सामान्य तरीके से चला सकेंगी, लेकिन उन्हें तय समय के अंदर जांच पूरी करनी होगी। यह बात यात्रियों के लिए भी अहम है। FAA ने फिलहाल ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है कि सभी प्रभावित विमानों को तुरंत सेवा से बाहर कर दिया जाए। अगर किसी विमान की जांच में दरार मिलती है, तो उस विमान को मरम्मत के लिए रखा जाएगा। मरम्मत पूरी होने के बाद ही उसे वापस उड़ान में शामिल किया जाएगा। इस तरह FAA का कदम अभी सीधे उड़ान रोकने के बजाय जांच और सुरक्षा पर ध्यान देने वाला है।
एक जांच पर 40 हजार डॉलर तक खर्च विमानों की इस जांच पर एयरलाइंस को काफी खर्च करना पड़ सकता है। सामान्य जांच की लागत एक साइकिल में करीब 40,000 डॉलर तक हो सकती है। अगर किसी विमान में दरार की ज्यादा गहराई से जांच करनी पड़ी तो खर्च करीब 1.6 लाख डॉलर तक पहुंच सकता है। यह खर्च विमान की जांच के तरीके और उसमें मिलने वाली समस्या पर निर्भर करेगा। अगर सामान्य जांच में कोई परेशानी नहीं मिलती है तो अलग तरह की मरम्मत की जरूरत नहीं होगी। लेकिन अगर दरार सामने आती है तो आगे की जांच और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है।
Boeing 737 Max में अभी तक नहीं मिली दरार FAA के मुताबिक Boeing 737 Max विमानों में अभी तक इस तरह की दरार मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। फिर भी जांच का आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि इससे मिलते-जुलते Boeing 737 Next Generation यानी 737 NG विमानों में पहले ऐसी समस्या सामने आ चुकी है।
737 Max में भी इसी तरह का डिजाइन मौजूद है। इसी वजह से FAA को लगा कि Max विमानों की भी जांच करना जरूरी है। इसका मतलब यह नहीं है कि 471 विमानों में दरार मिली है। अभी मामला संभावित खतरे की जांच तक सीमित है। FAA यह पता लगाना चाहता है कि पुराने मॉडल में सामने आई समस्या का असर नए मॉडल में भी हो सकता है या नहीं।
Boeing कई साल से इस मुद्दे पर काम कर रही है Boeing का कहना है कि कंपनी इस मामले पर करीब छह साल से ऑपरेटर्स के साथ काम कर रही है। कंपनी की ओर से डिजाइन में सुधार और इंजीनियरिंग बदलाव पर भी काम किया जा रहा है। कंपनी का काम यह सुनिश्चित करना है कि विमान में इस्तेमाल होने वाले इस हिस्से से जुड़ी किसी भी संभावित समस्या को कम किया जा सके।
FAA की जांच और Boeing की ओर से किए जा रहे बदलावों का मकसद एक ही है कि विमानों की सुरक्षा बनी रहे और किसी संभावित परेशानी का समय रहते पता चल सके।
यात्रियों पर क्या असर होगा? आम यात्रियों के लिए इस आदेश का असर तुरंत बहुत बड़ा नजर नहीं आ सकता। क्योंकि FAA ने विमानों को तुरंत उड़ान से हटाने का आदेश नहीं दिया है। फिर भी आने वाले समय में एयरलाइंस को अपने विमानों को जांच के लिए भेजना होगा। इसके कारण कुछ विमानों के उड़ान कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है।
कुछ रूट पर फ्लाइट में देरी हो सकती है या विमान की उपलब्धता में बदलाव आ सकता है। हालांकि, इसका असर हर एयरलाइन और उसके विमानों की जांच के कार्यक्रम पर निर्भर करेगा। अगर जांच के दौरान किसी विमान में दरार नहीं मिलती है तो विमान सामान्य सेवा में बना रह सकता है। वहीं, अगर कोई समस्या मिलती है तो उसे ठीक करने के लिए विमान को कुछ समय के लिए सेवा से हटाया जा सकता है।
यात्रियों के लिए अभी क्या समझना जरूरी है? इस समय सबसे जरूरी बात यह है कि FAA ने Boeing 737 Max विमानों को पूरी तरह ग्राउंड करने का आदेश नहीं दिया है। जांच का आदेश एक सुरक्षा कदम के तौर पर दिया गया है। यानी 471 विमानों में दरार मिल चुकी है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। दरअसल, इन विमानों में संभावित समस्या की जांच की जानी है। जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि कितने विमानों में किसी तरह की परेशानी है। अगर किसी विमान में दरार मिलती है तो उसकी मरम्मत की जाएगी।
इसलिए यात्रियों को अभी इस आदेश को सीधे सभी Boeing 737 Max विमानों की उड़ान बंद होने के तौर पर नहीं देखना चाहिए। Boeing 737 Max पहले भी रहा है सुरक्षा को लेकर चर्चा में Boeing 737 Max विमान पहले भी सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर काफी चर्चा में रहा है। इस विमान परिवार को दो बड़ी दुर्घटनाओं के बाद लंबे समय तक उड़ान से दूर रखा गया था। इसी वजह से Boeing 737 Max से जुड़ी कोई भी नई सुरक्षा जांच काफी अहम मानी जाती है। यात्रियों और एयरलाइंस के लिए विमान की सुरक्षा सबसे जरूरी है। इस बार FAA ने सीधे उड़ान बंद करने के बजाय जांच का रास्ता चुना है। इसका मकसद यह देखना है कि विमान के एक खास हिस्से में समय के साथ किसी तरह की दरार तो नहीं बन रही।
FAA की जांच क्यों जरूरी मानी जा रही है? विमान की बॉडी में इस्तेमाल होने वाले हर जरूरी हिस्से की मजबूती बहुत मायने रखती है। अगर किसी हिस्से में छोटी दरार भी लंबे समय तक नजर नहीं आती है तो आगे चलकर समस्या बढ़ सकती है। इसी वजह से FAA ने पुराने Boeing 737 NG विमानों में सामने आई समस्या को ध्यान में रखते हुए Boeing 737 Max की भी जांच कराने का फैसला किया है। यह एक तरह की पहले से की जाने वाली सुरक्षा जांच है। इसका फायदा यह है कि अगर किसी विमान में समस्या मौजूद है तो उसे किसी बड़ी घटना से पहले ही पकड़ा जा सकता है।
जांच के बाद आगे क्या होगा? अब एयरलाइंस को अपने प्रभावित Boeing 737 Max विमानों की जांच तय समय के अंदर पूरी करनी होगी। जांच के दौरान विमान के उस हिस्से को ध्यान से देखा जाएगा जहां दरार की आशंका जताई गई है। अगर कोई समस्या नहीं मिलती है तो विमान सेवा में चलता रहेगा। अगर दरार मिलती है तो जरूरी मरम्मत करनी होगी। इस पूरे मामले में FAA की निगरानी अहम रहेगी। Boeing भी ऑपरेटर्स के साथ मिलकर डिजाइन और इंजीनियरिंग में जरूरी बदलाव पर काम कर रही है।
फिलहाल इस आदेश का सबसे बड़ा संदेश यही है कि Boeing 737 Max के करीब 471 विमानों की सुरक्षा जांच की जाएगी, लेकिन उन्हें तुरंत उड़ान से हटाने का फैसला नहीं लिया गया है। FAA संभावित समस्या को पहले ही पकड़कर उसका समाधान करना चाहता है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किसी बड़े खतरे की नौबत न आए।
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