सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे में कहा जा रहा है कि 12 अगस्त 2026 को 7 सेकंड के लिए धरती का गुरुत्वाकर्षण खत्म हो जाएगा, लेकिन यह दावा पूरी तरह फर्जी है। वैज्ञानिकों और फैक्ट-चेक रिपोर्टों के अनुसार नासा, इसरो या किसी अन्य अंतरिक्ष संस्था ने ऐसी कोई जानकारी जारी नहीं की है।
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 12 अगस्त 2026 को 7 सेकंड के लिए धरती का गुरुत्वाकर्षण खत्म हो जाएगा। वैज्ञानिकों और फैक्ट-चेक रिपोर्टों ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। नासा, इसरो या किसी भी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने ऐसी कोई जानकारी जारी नहीं की है।
सोशल मीडिया पर हर दिन कई तरह के दावे वायरल होते हैं। कुछ दावे सही होते हैं, जबकि कई दावे पूरी तरह झूठे निकलते हैं। इन दिनों एक ऐसा ही दावा तेजी से फैल रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि 12 अगस्त 2026 को कुछ सेकंड के लिए धरती का गुरुत्वाकर्षण खत्म हो जाएगा। दावा यह भी किया जा रहा है कि उस समय लोग और दूसरी चीजें हवा में तैरने लगेंगी।
इस दावे के साथ कई वीडियो और पोस्ट भी शेयर किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में कहा गया है कि यह घटना सिर्फ 7 सेकंड तक रहेगी। वहीं कुछ लोगों ने इसे नासा के एक गुप्त प्रोजेक्ट से जोड़ दिया है। कई पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि दुनिया के लोगों को इस बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
यह दावा तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है। कई लोग बिना जांच किए इसे सही मानकर आगे शेयर कर रहे हैं। इसी वजह से लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि क्या सच में ऐसा होने वाला है।
वैज्ञानिकों और फैक्ट-चेक रिपोर्टों ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। उनके अनुसार 12 अगस्त 2026 को धरती का गुरुत्वाकर्षण खत्म होने जैसी कोई घटना नहीं होने वाली है। इस दावे का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती का गुरुत्वाकर्षण उसके द्रव्यमान और प्रकृति के नियमों पर आधारित है। इसे किसी मशीन, तकनीक या इंसानों द्वारा बनाई गई किसी परियोजना से कुछ सेकंड के लिए बंद नहीं किया जा सकता। इसलिए लोगों का हवा में तैरने वाला दावा पूरी तरह गलत है।
वायरल पोस्ट में नासा का नाम भी लिया जा रहा है, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। नासा, इसरो, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) या किसी दूसरी बड़ी अंतरिक्ष संस्था ने इस तरह की किसी घटना की जानकारी या चेतावनी जारी नहीं की है। फैक्ट-चेक रिपोर्टों में भी साफ कहा गया है कि वायरल हो रही पोस्ट में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि 12 अगस्त को गुरुत्वाकर्षण खत्म होगा। पोस्ट में न तो कोई वैज्ञानिक शोध दिया गया है और न ही किसी आधिकारिक संस्था का दस्तावेज।
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की अफवाह फैली हो। पहले भी अलग-अलग साल और अलग-अलग तारीखों के साथ इसी तरह के दावे सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। हर बार दावा किया गया कि कुछ सेकंड के लिए धरती का गुरुत्वाकर्षण खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।
फैक्ट-चेक करने वाली कई संस्थाओं ने पहले भी ऐसे दावों को गलत बताया है। कई बार पुराने वीडियो, एडिट की गई तस्वीरें और फर्जी स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल करके लोगों को भ्रमित किया जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है।
सोशल मीडिया पर जब कोई चौंकाने वाली खबर आती है तो लोग उसे बिना जांच किए आगे भेज देते हैं। इसी वजह से फर्जी खबरें बहुत तेजी से फैल जाती हैं। बाद में जब सच्चाई सामने आती है तब तक लाखों लोग उस झूठी जानकारी को देख चुके होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी किसी भी बड़ी खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच जरूर करनी चाहिए। अगर कोई दावा सही होगा तो उसकी जानकारी नासा, इसरो, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी या दूसरी आधिकारिक संस्थाओं की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जरूर मिलेगी।
अगर भविष्य में अंतरिक्ष से जुड़ी कोई बड़ी घटना होती है, जैसे सौर ग्रहण, उल्कापिंड, सौर तूफान या कोई दूसरी वैज्ञानिक घटना, तो उसकी जानकारी पहले से आधिकारिक तौर पर जारी की जाती है। ऐसे मामलों में वैज्ञानिक लोगों को जरूरी सलाह भी देते हैं।
फर्जी खबरों का असर केवल इंटरनेट तक सीमित नहीं रहता। कई बार लोग गलत जानकारी पर भरोसा करके डर जाते हैं या गलत फैसले लेने लगते हैं। इसलिए किसी भी वायरल पोस्ट पर आंख बंद करके विश्वास नहीं करना चाहिए।
अगर किसी पोस्ट में किसी बड़ी संस्था का नाम लिखा हो, तब भी उसकी पुष्टि करना जरूरी है। कई बार लोग भरोसा बढ़ाने के लिए नासा, इसरो या दूसरी बड़ी संस्थाओं का नाम जोड़ देते हैं, जबकि उनका उस खबर से कोई संबंध नहीं होता।
सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल तभी है जब लोग जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करें। किसी भी खबर को आगे भेजने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह किसी भरोसेमंद स्रोत से आई है या नहीं। विज्ञान से जुड़े विषयों में अफवाहें बहुत जल्दी फैलती हैं क्योंकि ऐसे विषय लोगों की दिलचस्पी बढ़ाते हैं। यही वजह है कि कई बार झूठी खबरें भी तेजी से वायरल हो जाती हैं। ऐसे समय में सही जानकारी देना और गलत खबरों को रोकना जरूरी होता है।
फैक्ट-चेक का साफ निष्कर्ष है कि 12 अगस्त 2026 को 7 सेकंड के लिए धरती का गुरुत्वाकर्षण खत्म होने वाली बात पूरी तरह फर्जी है। ऐसी कोई घटना होने वाली नहीं है और न ही किसी वैज्ञानिक संस्था ने इसकी पुष्टि की है।
इसलिए अगर आपके पास इस तरह का कोई मैसेज, वीडियो या पोस्ट आए तो उसे बिना जांच किए आगे शेयर न करें। हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। सही जानकारी ही अफवाहों को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है।
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