IDFC First Bank का 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड केस: 10 आसान पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला

2/23/2026, 11:43:00 AM

IDFC First Bank की चंडीगढ़ ब्रांच में ₹590 करोड़ का फ्रॉड सामने आया। कुछ कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में अनधिकृत लेन-देन किए। चार अधिकारी सस्पेंड हुए और फॉरेंसिक जांच शुरू हो गई है। खबर के बाद बैंक का शेयर 20% गिर गया। अब सबकी नजर जांच और रकम की रिकवरी पर है।

IDFC First Bank के चंडीगढ़ ब्रांच में करीब 590 करोड़ रुपये का बड़ा फ्रॉड सामने आया है। इस खबर के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई और निवेशकों की लगभग 14,000 करोड़ रुपये की दौलत कुछ ही घंटों में साफ हो गई। आइए 10 पॉइंट्स में समझते हैं पूरा मामला: क्या है पूरा मामला? IDFC First Bank के मुताबिक, चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में बिना अनुमति के लेन-देन किए, जिससे करीब 590 करोड़ रुपये का डिपॉजिट मिसमैच हुआ। यह रकम बैंक के तीसरी तिमाही के 503 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट से भी ज्यादा है। शुरुआती जांच में पता चला कि गड़बड़ी सिर्फ हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खास खातों तक सीमित थी। इस मामले में शामिल होने के शक में चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। बैंक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, ऑडिटर्स को सूचना दी है और KPMG को फॉरेंसिक जांच के लिए नियुक्त किया है। बैंक के MD और CEO वी. वैद्यनाथन ने कहा कि यह मामला सीमित दायरे का है और किसी बड़ी सिस्टम कमजोरी का

IDFC First Bank का 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड केस: 10 आसान पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला | NetGram News