देशभर में 1 अगस्त से डिजिटल जनगणना (Census 2026) की शुरुआत हो गई है। पहले चरण में नागरिक 15 अगस्त तक ऑनलाइन 'सेल्फ एन्यूमरेशन' के जरिए अपनी और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए कोलकाता के करीब 1,000 स्कूलों के कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है, जो लोगों को ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए जागरूक करेंगे। जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 16 अगस्त से 14 सितंबर तक सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जनगणना करेंगे।
देशभर के साथ पश्चिम बंगाल में आज यानी 1 अगस्त से डिजिटल जनगणना (Census 2026) की शुरुआत हो गई है। पहले चरण में नागरिक स्वयं ऑनलाइन "सेल्फ एन्यूमरेशन" (Self Enumeration) के जरिए अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए कोलकाता के करीब 1,000 सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी जोड़ा गया है। यह पहला चरण 15 अगस्त तक चलेगा, जबकि जो लोग ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उनके लिए 16 अगस्त से घर-घर जाकर गणना की जाएगी।
आज से शुरू हुई डिजिटल जनगणना भारत में स्वतंत्रता के बाद शुरू हुई आठवीं जनगणना के तहत आज से डिजिटल प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। पहले चरण में नागरिकों को "सेल्फ एन्यूमरेशन" यानी स्वयं ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने की सुविधा दी गई है। इस दौरान नागरिकों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी पारिवारिक और आवास संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी। यह चरण 1 अगस्त से 15 अगस्त तक चलेगा।
कोलकाता के 1,000 स्कूलों के छात्र निभाएंगे अहम भूमिका कोलकाता नगर निगम की प्रशासक (कमिश्नर) स्मिता पांडे ने बताया कि इस अभियान में शहर के लगभग— 700 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल 300 प्रमुख निजी स्कूल को शामिल किया गया है। इन स्कूलों की कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को इस अभियान में भाग लेने के लिए चुना गया है।
हर कक्षा में बनाया जाएगा 'सेंसस प्रीफेक्ट' जनगणना अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक कक्षा में एक "सेंसस प्रीफेक्ट" नियुक्त किया जाएगा। इन तकनीक से परिचित विद्यार्थियों की जिम्मेदारी होगी कि वे— अपने परिवार का ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन पूरा कराएं। इसके अलावा कम से कम 10 अन्य परिवारों को भी ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए प्रेरित करें। नगर प्रशासन का मानना है कि इससे अधिक से अधिक लोग डिजिटल जनगणना से जुड़ सकेंगे।
25 से 30 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य स्मिता पांडे के अनुसार, कोलकाता की अनुमानित आबादी करीब 55 लाख है। नगर प्रशासन का लक्ष्य है कि इनमें से 25 से 30 लाख नागरिक ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करें।
जनगणना के लिए बड़ी टीम तैनात कोलकाता में जनगणना का काम सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए— 8,200 एन्यूमरेटर (गणनाकर्मी) 1,400 सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है। ये सभी अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी और फील्ड स्तर पर कार्य करेंगे।
Disclaimer
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Ishrat. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.
ऑनलाइन फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया जनगणना के लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण करना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, पूरा फॉर्म भरने में लगभग 10 मिनट का समय लगेगा। ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान आवेदकों को कुल 34 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। इन प्रश्नों में परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी।
फॉर्म जमा करने के बाद मिलेगा SEID ऑनलाइन आवेदन पूरा होने के बाद आवेदक के मोबाइल नंबर या ई-मेल पर 11 अंकों का SEID (Self Enumeration ID) भेजा जाएगा। कोलकाता नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे इस नंबर को सुरक्षित रखें। बाद में जब सरकारी गणनाकर्मी घर आएंगे, तब यही SEID दिखाना होगा।
जो ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाएंगे, उनके लिए क्या व्यवस्था? सरकार ने उन लोगों के लिए भी व्यवस्था की है जो इंटरनेट या अन्य कारणों से ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन नहीं कर पाएंगे। ऐसे लोगों के लिए 16 अगस्त से 14 सितंबर तक सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर फील्ड एन्यूमरेशन करेंगे और आवश्यक जानकारी दर्ज करेंगे। यह व्यवस्था केवल कोलकाता ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के सभी जिलों और देशभर में लागू होगी।
दूसरे चरण में क्या होगा? पहले चरण के बाद जनगणना का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे चरण में लिंग आधारित जनगणना (Population Enumeration) की प्रक्रिया होगी, जो 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान? यह पहली बार है जब देश में बड़े स्तर पर नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने की सुविधा दी गई है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जनगणना प्रक्रिया से जोड़ना और डेटा संग्रह को तेज एवं सरल बनाना है।
जनगणना 2026, डिजिटल जनगणना, सेल्फ एन्यूमरेशन, कोलकाता जनगणना, Census 2026, स्मिता पांडे, ऑनलाइन जनगणना, SEID, जनगणना पोर्टल Census 2026, Digital Census, Self Enumeration, Kolkata Census, SEID, Census Portal, Online Census India, Smita Pandey Janganana 2026, Digital Census, Self Enumeration, Kolkata Census, Online Census, SEID, Census Portal जनगणना 2026 ऑनलाइन कैसे करें, सेल्फ एन्यूमरेशन क्या है, Census 2026 Self Enumeration Process, Kolkata Digital Census 2026, SEID कैसे प्राप्त करें Census, Digital Census, Kolkata, West Bengal, India News, Government, Self Enumeration, Census 2026, Online Services, NetGramNews