बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा कोलकाता में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित आपत्तिजनक पोस्टर हाथ में लेने के बाद विवादों में घिर गई हैं। तस्वीर वायरल होने पर भाजपा नेता केया घोष ने उनके खिलाफ आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई और गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद बिधाननगर साइबर पुलिस में भी शिकायत दर्ज हुई।
बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। कोलकाता में आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित आपत्तिजनक पोस्टर हाथ में लेने की तस्वीर वायरल होने के बाद उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री का अपमान बताते हुए गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि अभिनेत्री का कहना है कि उन्होंने पोस्टर को ठीक से देखा ही नहीं था।
छात्र प्रदर्शन से शुरू हुआ पूरा विवाद पूरा मामला उस समय सामने आया जब शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित एक छात्र आंदोलन में श्रीलेखा मित्रा भी शामिल हुईं। प्रदर्शन के दौरान उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। इन तस्वीरों में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक कथित आपत्तिजनक पोस्टर हाथ में पकड़े दिखाई दीं। पोस्टर में मौजूद सामग्री आपत्तिजनक होने के कारण उसे सार्वजनिक रूप से पूरा नहीं दिखाया गया, लेकिन तस्वीर वायरल होते ही राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
भाजपा नेता केया घोष ने दर्ज कराई शिकायत मामले को लेकर पश्चिम बंगाल भाजपा की नेता केया घोष ने आनंदपुर पुलिस स्टेशन में श्रीलेखा मित्रा के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिनेत्री ने छात्र आंदोलन की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक पोस्टर का प्रदर्शन किया। केया घोष ने शिकायत दर्ज कराने के बाद कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री का अपमान नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी की गई और एक महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार हुआ। भाजपा नेता ने श्रीलेखा की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की हरकत को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
शिकायतों के बाद श्रीलेखा मित्रा की सफाई विवाद बढ़ने के बाद रविवार को श्रीलेखा मित्रा ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर काफी भीड़ थी और उन्होंने पोस्टर को ध्यान से देखा ही नहीं था। अभिनेत्री के अनुसार, उन्होंने केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक कैरिकेचर देखा था जिसमें वह हाथ फैलाए हुए दिखाई दे रहे थे। उन्हें वह चित्र सामान्य और हास्यपूर्ण लगा, इसलिए उन्होंने उसके साथ फोटो खिंचवा ली। उनका कहना है कि उन्होंने पोस्टर के अन्य हिस्से पर ध्यान नहीं दिया क्योंकि उन्होंने उस समय चश्मा भी नहीं पहना हुआ था। श्रीलेखा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पोस्टर उनका बनाया हुआ नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में मौजूद किसी अन्य व्यक्ति ने वह पोस्टर बनाया था और उन्होंने केवल उसके साथ तस्वीर खिंचवाई थी।
'गिरफ्तार करना है तो कर लें, फांसी पर भी चढ़ा दें' अपने बयान में श्रीलेखा मित्रा ने कहा कि यदि सरकार या पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है तो वह इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि चाहें तो उन्हें फांसी पर भी चढ़ा दें। अभिनेत्री ने दावा किया कि यदि ऐसा हुआ तो उनके समर्थन में एक और बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। उनका कहना था कि उन्होंने जानबूझकर किसी का अपमान नहीं किया और पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला श्रीलेखा मित्रा के खिलाफ आनंदपुर थाना के अलावा बिधाननगर साइबर पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। आनंदपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज केस संख्या 302 (26 जुलाई 2026) के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(2) और 356(3) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
पहले भी विवादों में रह चुकी हैं श्रीलेखा यह पहली बार नहीं है जब श्रीलेखा मित्रा किसी विवाद को लेकर सुर्खियों में आई हैं। इससे पहले उन्होंने मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। हेमा कमेटी रिपोर्ट सामने आने के बाद अभिनेत्री ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि वर्ष 2009 में फिल्म में काम दिलाने के बहाने उन्हें निर्देशक के घर बुलाया गया और वहां उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उस मामले ने भी फिल्म इंडस्ट्री में काफी चर्चा बटोरी थी।
कौन हैं श्रीलेखा मित्रा? श्रीलेखा मित्रा बंगाली फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। वह अपने बेबाक अंदाज, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर राय रखने तथा दमदार अभिनय के लिए पहचानी जाती हैं। उन्होंने 1990 के दशक में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और कई सफल बंगाली फिल्मों व टीवी धारावाहिकों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में कांतातर, रेनकोट, अश्चर्य प्रदीप, बोंग कनेक्शन, निर्बासित, रेनबो जेली और वन्स अपॉन ए टाइम इन कोलकाता शामिल हैं।
फिलहाल क्या है स्थिति? वर्तमान में श्रीलेखा मित्रा के खिलाफ दर्ज शिकायतों की जांच जारी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और वायरल तस्वीरों की जांच कर रही है। दूसरी ओर अभिनेत्री अपने बयान पर कायम हैं कि उन्होंने पोस्टर को ठीक से नहीं देखा था और उनका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही इस मामले की अगली तस्वीर साफ हो सकेगी।
श्रीलेखा मित्रा, श्रीलेखा मित्रा विवाद, PM मोदी पोस्टर विवाद, कोलकाता छात्र आंदोलन, भाजपा शिकायत, श्रीलेखा मित्रा FIR, बंगाली अभिनेत्री Sreelekha Mitra, PM Modi Poster Controversy, Kolkata Student Protest, BJP Complaint, Sreelekha Mitra FIR, Bengali Actress Sreelekha Mitra, PM Modi Poster, Kolkata Protest, BJP Complaint, Sreelekha FIR, Bengali Actress श्रीलेखा मित्रा पर FIR क्यों हुई, PM मोदी पोस्टर विवाद क्या है, Sreelekha Mitra controversy latest news, Kolkata protest PM Modi poster, Bengali actress Sreelekha Mitra case Entertainment, Bollywood, Bengali Cinema, Politics, West Bengal, Trending News, Celebrity Controversy, NetGramNews
Disclaimer
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Ishrat. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.