राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में अगले चार से पांच दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में जलभराव, सड़कें बंद होने और जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। वहीं दूसरी ओर यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों को नमी मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में अगले चार से पांच दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में जलभराव, सड़कें बंद होने और जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। वहीं दूसरी ओर यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों को नमी मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ इस समय बीकानेर के पास से गुजर रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में लगातार अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बांसवाड़ा जिले के जगपुरा में 167 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो इस अवधि की सबसे अधिक वर्षा रही। भीलवाड़ा जिले के आसिंंद और बगोरे में 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। ब्यावर में 110 मिमी वर्षा हुई, जबकि झालावाड़ के कई क्षेत्रों में 70 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि मानसून का प्रभाव दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में सबसे अधिक दिखाई दे रहा है।
लगातार हो रही बारिश का असर शहरों और ग्रामीण इलाकों दोनों में देखा जा रहा है। कई निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कुछ स्थानों पर सड़कें पानी में डूबने के कारण बंद करनी पड़ी हैं। इससे दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है और स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, कोटा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के अन्य जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि लोगों को मौसम की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर सहित कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। येलो अलर्ट के तहत लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 जुलाई के आसपास कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग में व्यापक बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान मौसम प्रणाली सक्रिय रहने तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। यदि मानसून ट्रफ और चक्रवातीय परिसंचरण की स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में और अधिक वर्षा देखने को मिल सकती है। भारी बारिश के कारण प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों को पानी भरे क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी स्कूल बंद रखने, ट्रैफिक डायवर्जन या अन्य सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।
बारिश के दौरान सड़क पार करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। जिन स्थानों पर जलभराव हो, वहां बिना जरूरत वाहन लेकर जाने से बचना चाहिए। तेज बहाव वाले नालों और पुलों के आसपास भी सावधानी बरतना जरूरी है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए राहत की खबर भी लेकर आई है। खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त नमी मिलने से खेती को फायदा हो सकता है। जिन क्षेत्रों में लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार था, वहां यह वर्षा फसलों की बढ़वार में मददगार साबित हो सकती है। हालांकि अत्यधिक बारिश किसानों के लिए नई चुनौतियां भी पैदा कर सकती है। लगातार पानी भरने से खड़ी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। अधिक नमी के कारण पौधों में बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और मिट्टी का कटाव भी हो सकता है। इसलिए किसानों को अपनी फसलों पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार उचित कृषि प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में मानसून की यह सक्रियता एक तरफ लोगों को गर्मी और उमस से राहत दे रही है तो दूसरी ओर भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्कता भी जरूरी हो गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए संबंधित जिलों में प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में फसलों और खेतों की नियमित निगरानी करना भी जरूरी रहेगा। desclaimer :
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