देशभर में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर CJP का आंदोलन 35वें दिन भी जंतर-मंतर पर जारी है। आज दोपहर 12:30 बजे सरकार और CJP के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में दूसरे दौर की अहम बैठक होगी। उधर, सोनम वांगचुक ने सरकार के लिखित आश्वासन के बाद 26 दिन का अनशन समाप्त कर दिया, जबकि CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
देशभर में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन शुक्रवार को 35वें दिन भी जारी रहा। जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और समर्थक डटे हुए हैं। आज दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच दूसरी दौर की बातचीत होनी है। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास पर हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी।
आज होगी दूसरी महत्वपूर्ण बैठक सरकार और CJP के बीच लंबे समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए आज दोपहर 12:30 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक होगी। यह स्थान दोनों पक्षों की सहमति से चुना गया है। CJP पहले से ही किसी मंत्री के घर या कार्यालय में बातचीत करने से इनकार करता रहा है और उसने न्यूट्रल स्थान पर बैठक की मांग रखी थी।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने साफ कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देर रात वीडियो जारी करना पड़ा, जिससे साफ है कि सरकार आंदोलन के दबाव में है।
उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट के फैसले से आंदोलन समाप्त नहीं होगा और उनकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन चलता रहेगा। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी दोहराया कि संगठन शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने से राहत जरूर मिली है, लेकिन आंदोलन का उद्देश्य अभी पूरा नहीं हुआ है। मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने आखिरकार न्यूट्रल स्थान पर बातचीत के लिए सहमति दी है, जिसे आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी। देर रात केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे और उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। जंतर-मंतर और संसद मार्च में शामिल छात्रों पर कोई नया केस दर्ज नहीं किया जाएगा।
आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। संसद में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी। परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने पर भी बहस होगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला है।
उनके अनुसार, यदि मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो इससे सरकार को राजनीतिक नुकसान होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार पेपर लीक के मामलों को लेकर बेहद गंभीर है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। कठोर कानून लाया जाएगा। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस संबंध में कैबिनेट जल्द निर्णय लेकर संसद में नया विधेयक लाएगी। बाद में प्रधानमंत्री ने सोनम वांगचुक के लिए सोशल मीडिया पर संदेश भी जारी किया और डॉक्टरों की सलाह मानने तथा जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं।
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल किया सरकार ने गुरुवार देर रात नौकरशाही में बड़ा बदलाव करते हुए 17 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति की घोषणा की। मुख्य बदलाव— उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय भेजा गया। राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया। टी.के. अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया।
आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 17 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रही।
रात में बैरिकेड तोड़े गए देर रात करीब 2 बजे कुछ प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग पर पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए। इससे पहले 23 जुलाई की रात भी बैरिकेड तोड़े गए थे और पत्थरबाजी में दो ACP सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। शुक्रवार सुबह जंतर-मंतर पर फिर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। मंच पर पोस्टर और झंडों के साथ नारेबाजी होती रही। कई छात्र रातभर सड़कों पर ही सोए। वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद समर्थकों ने जश्न भी मनाया।
हाईकोर्ट में आज दो महत्वपूर्ण सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को— जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका। प्रदर्शन स्थल पर लगातार निगरानी किए जाने के खिलाफ दायर याचिका। इन दोनों मामलों पर सुनवाई करेगा।
RSS नेता इंद्रेश कुमार का बयान RSS के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने आरोप लगाया कि CJP आंदोलन के पीछे देश और विदेश की कुछ ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने परीक्षा के मुद्दे को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की है और कुछ शक्तियां भारत को मजबूत और विकसित राष्ट्र नहीं बनने देना चाहतीं।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वीडियो से कोई फर्क नहीं पड़ता। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। 20 जुलाई के लाठीचार्ज के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई।
छात्रों से सार्वजनिक माफी। सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने के बजाय उन्हें दुश्मन की तरह देख रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में बयान देना चाहिए था, न कि देर रात वीडियो जारी करना चाहिए।
बैरिकेडिंग की गई। छात्रों को हिरासत में लिया गया। कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए। इंटरनेट प्रतिबंध लगाए गए। बाद में आंदोलन को कई राज्यों से समर्थन मिलने लगा। विपक्ष, सामाजिक संगठनों और बड़ी हस्तियों ने भी समर्थन दिया। संसद मार्च के दौरान हिंसा और लाठीचार्ज के बाद सरकार बातचीत के लिए तैयार हुई।
पिछले चार दिनों में सरकार ने CJP को पांच बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा।
संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प। लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल। पहली बैठक जे.पी. नड्डा के घर हुई लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष का प्रदर्शन। सरकार से सीधे बातचीत की मांग।
सोनम वांगचुक ने कहा कि लिखित आश्वासन मिलने पर ही अनशन समाप्त करेंगे। सरकार ने कई बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा। प्रधानमंत्री ने देर रात वीडियो जारी किया। वांगचुक ने अनशन समाप्त किया।
CJP की प्रमुख मांगें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। पेपर लीक मामलों में कड़ा कानून। फास्ट ट्रैक कोर्ट। दोषियों को कठोर सजा। छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेना। परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार। छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
देशभर में प्रदर्शन CJP ने शुक्रवार को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। कई राज्यों में छात्र संगठनों और समर्थकों ने रैलियों और धरनों की तैयारी की है।
फिलहाल स्थिति दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है। सरकार और CJP की आज होने वाली बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। यदि बैठक में सहमति बनती है तो लंबे समय से चल रहा यह आंदोलन नए मोड़ पर पहुंच सकता है। वहीं यदि बातचीत विफल रहती है तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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