सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे में कहा जा रहा है कि India–UK CETA लागू होने के बाद भारतीय नागरिक बिना वीज़ा के ब्रिटेन में नौकरी कर सकेंगे। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और समझौते के प्रावधान बताते हैं कि यह दावा गलत है। CETA व्यापार और सेवाओं से जुड़ा समझौता है, न कि बिना वीज़ा रोजगार की अनुमति देने वाला समझौता।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे में कहा जा रहा है कि India–UK CETA लागू होने के बाद भारतीय नागरिक बिना वीज़ा के ब्रिटेन में नौकरी कर सकेंगे। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और समझौते के प्रावधान बताते हैं कि यह दावा गलत है। CETA व्यापार और सेवाओं से जुड़ा समझौता है, न कि बिना वीज़ा रोजगार की अनुमति देने वाला समझौता।
भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुए Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। कई पोस्ट्स में कहा जा रहा है कि इस समझौते के लागू होने के बाद भारतीय नागरिकों को अब ब्रिटेन में बिना वीज़ा नौकरी करने का अधिकार मिल गया है और कोई भी व्यक्ति सीधे UK जाकर रोजगार हासिल कर सकता है।
फैक्ट-चेक में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी, समझौते के प्रमुख प्रावधानों और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स का अध्ययन करने पर यह दावा सही नहीं पाया गया। CETA का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सेवाओं और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें कहीं भी भारतीय नागरिकों को बिना वीज़ा ब्रिटेन में काम करने का अधिकार देने का प्रावधान नहीं है।
समझौते के तहत कई क्षेत्रों में व्यापारिक सहयोग को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा कुछ पेशेवर श्रेणियों के लोगों के लिए यात्रा और कार्य संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उपाय शामिल किए गए हैं। इनमें बिजनेस विज़िटर्स, Intra-Company Transferees, Contractual Service Suppliers और Independent Professionals जैसी श्रेणियां शामिल हैं। हालांकि इन सुविधाओं का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति बिना वीज़ा ब्रिटेन में जाकर नौकरी कर सकते हैं।
दरअसल, इन श्रेणियों के पात्र पेशेवरों के लिए वीज़ा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और अपेक्षाकृत सरल बनाया जा सकता है, लेकिन ब्रिटेन के मौजूदा इमिग्रेशन नियम और वीज़ा आवश्यकताएं लागू रहती हैं। यानी UK में रोजगार के लिए आवश्यक वर्क वीज़ा या संबंधित अनुमति लेना अब भी अनिवार्य है।
सोशल मीडिया पर भ्रम का एक कारण Double Contribution Convention (DCC) भी बना है। कई पोस्ट्स में इसे बिना वीज़ा रोजगार से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविकता अलग है। DCC का उद्देश्य उन पात्र कर्मचारियों को राहत देना है जिन्हें भारत और ब्रिटेन दोनों देशों की सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था में एक साथ योगदान देना पड़ सकता है।
इस व्यवस्था के तहत कुछ भारतीय कर्मचारियों को, जो निर्धारित शर्तों के तहत अस्थायी अवधि के लिए UK में कार्यरत होंगे, पांच वर्ष तक ब्रिटेन के नेशनल इंश्योरेंस में दोहरा योगदान देने से छूट मिल सकती है। यह केवल सोशल सिक्योरिटी योगदान से जुड़ा प्रावधान है और इसका वीज़ा नियमों से कोई संबंध नहीं है। इसलिए DCC को बिना वीज़ा रोजगार की अनुमति मानना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।
CETA के व्यापक उद्देश्य को देखें तो यह मुख्य रूप से व्यापारिक बाधाओं को कम करने, टैरिफ में राहत देने, सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। ऐसे समझौतों में पेशेवरों की सीमित श्रेणियों के लिए यात्रा और सेवा प्रदान करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाना सामान्य बात है, लेकिन यह किसी भी देश की इमिग्रेशन नीति या वर्क वीज़ा व्यवस्था को समाप्त नहीं करता।
यही कारण है कि ""अब कोई भी भारतीय बिना वीज़ा UK जाकर नौकरी कर सकता है"" जैसा दावा वास्तविक समझौते के प्रावधानों से मेल नहीं खाता। उपलब्ध जानकारी स्पष्ट करती है कि ब्रिटेन में काम करने के लिए संबंधित व्यक्ति को निर्धारित इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों का पालन करना होगा।
विशेषज्ञों और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर प्रकाशित रिपोर्टों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि CETA फ्री मूवमेंट ऑफ पीपल (Free Movement of People) का समझौता नहीं है। इसका उद्देश्य व्यापारिक और पेशेवर सहयोग को बढ़ाना है, न कि सामान्य नागरिकों के लिए बिना वीज़ा रोजगार की व्यवस्था करना।
ऐसे वायरल दावे उन लोगों को भ्रमित कर सकते हैं जो विदेश में रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं। गलत जानकारी के आधार पर किसी एजेंट, विज्ञापन या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करना आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का कारण बन सकता है। इसलिए विदेश में नौकरी या इमिग्रेशन से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि हमेशा संबंधित सरकारी पोर्टल, आधिकारिक घोषणाओं या अधिकृत इमिग्रेशन सलाहकारों से ही करनी चाहिए।
वायरल दावा कि India–UK CETA के बाद भारतीय नागरिक बिना वीज़ा UK में नौकरी कर सकते हैं, गलत है। यह समझौता व्यापार, सेवाओं और कुछ पेशेवर श्रेणियों के लिए प्रक्रियागत सुविधाओं से जुड़ा है। वीज़ा की अनिवार्यता समाप्त नहीं हुई है और निर्धारित नियमों के तहत ही ब्रिटेन में रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।" desclaimer :
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