गाजा में इजरायल के हवाई हमले लगातार जारी हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में एक महिला, कई पुलिसकर्मी, एक बच्चा और एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं।
गाजा में इजरायल और हमास के बीच महीनों पहले युद्धविराम लागू होने के बावजूद हिंसा पूरी तरह नहीं रुकी है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में इजरायल के अलग-अलग हवाई हमलों में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई। इन हमलों में आम लोगों के साथ पुलिसकर्मी भी मारे गए हैं।
ताजा घटनाओं के बाद गाजा में एक बार फिर डर और चिंता का माहौल है। कई इलाकों में लोग लगातार हो रहे हमलों के बीच सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे हैं।
दो दिन में कई जगह हुए हमले बुधवार को गाजा के मध्य हिस्से में एक हवाई हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। अल अक्सा अस्पताल के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
एक दिन पहले यानी मंगलवार को उत्तरी गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर में एक पुलिस स्टेशन पर हवाई हमला किया गया। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में एक महिला और छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।
इसके अलावा दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में बने एक टेंट शिविर पर हुए हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई। वहीं राफा के पास मुवासी इलाके में एक बच्चे की गोली लगने से मौत होने की भी जानकारी सामने आई है।
जबालिया पुलिस स्टेशन पर हमला सबसे बड़ा हमला उत्तरी गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर में हुआ। यह इलाका काफी घनी आबादी वाला माना जाता है। यहां मौजूद एक पुलिस स्टेशन पर हवाई हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे गए। हमले के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अस्पतालों में घायलों को पहुंचाया गया और राहत कार्य शुरू किया गया।
इजरायली सेना ने क्या कहा? जबालिया पुलिस स्टेशन पर हुए हमले को लेकर इजरायली सेना ने बयान जारी किया। सेना का दावा है कि मारे गए पुलिसकर्मियों में से चार हमास से जुड़े थे। हालांकि सेना ने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया।
सेना ने यह भी नहीं बताया कि पुलिस स्टेशन पर कौन सी ऐसी गतिविधियां चल रही थीं, जिनकी वजह से उसे निशाना बनाया गया। मध्य और दक्षिणी गाजा में हुए बाकी हमलों पर इजरायली सेना की ओर से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की गई।
हमास का क्या कहना है? हमास के गृह मंत्रालय ने बताया कि हमले में मारे गए पुलिस अधिकारियों में कर्नल मोहम्मद मरवान सलेम भी शामिल थे। वह जबालिया पुलिस स्टेशन के प्रमुख थे और लंबे समय से वहां जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हमास का कहना है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम कर रहे थे।
गाजा की पुलिस कैसे काम करती है? हमास कई वर्षों तक गाजा का प्रशासन संभालता रहा है। उसके पास एक सशस्त्र संगठन होने के साथ-साथ पुलिस और सुरक्षा विभाग भी है, जो गृह मंत्रालय के तहत काम करता है। इन पुलिसकर्मियों का काम आम लोगों की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखना बताया जाता है।
युद्ध के दौरान कई बार स्थानीय पुलिस भी हमलों का निशाना बनी है। पहले भी पुलिस पर हुए हैं हमले यह पहली बार नहीं है जब गाजा की पुलिस को निशाना बनाया गया हो। युद्ध के दौरान पहले भी कई बार पुलिस चौकियों और पुलिसकर्मियों पर हमले हुए हैं।
इजरायल का कहना है कि अगर किसी पुलिस स्टेशन का इस्तेमाल सैन्य कामों के लिए किया जाता है या वहां ऐसे लोग मौजूद होते हैं जो हमलों की योजना बनाते हैं, तो वह जगह सैन्य लक्ष्य मानी जा सकती है।
हालांकि इस मामले में इजरायल ने कोई ऐसा सबूत सार्वजनिक नहीं किया जिससे यह साबित हो सके कि जबालिया पुलिस स्टेशन का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने हाल के महीनों में गाजा की पुलिस पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, साल 2026 में पुलिसकर्मियों पर कई बार हमले हुए हैं।
इनमें ऐसे मौके भी शामिल हैं जब पुलिसकर्मी केवल ट्रैफिक संभाल रहे थे या बाजार और सड़कों पर गश्त कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इन घटनाओं से यह चिंता बढ़ती है कि कहीं पुलिसकर्मियों और हथियारबंद लड़ाकों के बीच कोई अंतर नहीं किया जा रहा है।
आम लोगों पर बढ़ रहा असर लगातार हो रहे हवाई हमलों का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। कई परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। कुछ लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि कई लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में एक इलाके से दूसरे इलाके जा रहे हैं। बार-बार होने वाले हमलों की वजह से लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल होती जा रही है।
अस्पतालों पर भी बढ़ा दबाव हर नए हमले के बाद अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ जाती है। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार इलाज में जुटे हुए हैं। अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, लगातार हिंसा के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बना हुआ है।
युद्धविराम के बाद भी जारी हैं हमले गाजा में कई महीने पहले युद्धविराम लागू किया गया था। इसके बावजूद समय-समय पर हवाई हमले और दूसरी सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आती रही हैं। इन घटनाओं से साफ है कि इलाके में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
हालात पर दुनिया की नजर गाजा की स्थिति पर दुनिया के कई देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन नजर बनाए हुए हैं। लगातार हो रही हिंसा और आम लोगों की मौत को लेकर चिंता जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मांग भी उठती रही है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और हिंसा को रोका जाए।
फिलहाल क्या स्थिति है? ताजा जानकारी के अनुसार, गाजा के अलग-अलग इलाकों में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है।
इजरायली सेना ने जबालिया पुलिस स्टेशन पर हुए हमले को सही ठहराने का दावा किया है, जबकि हमास और स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि वहां पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था का काम कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्र ने भी पुलिस पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और हालात पर सभी की नजर है।
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