अमेरिका ने ईरान के कई इलाकों में नए हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। लगातार हो रहे हमलों से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है और हालात पहले से ज्यादा गंभीर हो गए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। गुरुवार 16 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के कई हिस्सों में नए हवाई हमले किए। बताया गया कि इस बार हमले ईरान के उत्तरी इलाकों तक पहुंच गए। वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
लगातार हो रहे इन हमलों से पूरे पश्चिम एशिया में चिंता बढ़ गई है। कई देशों की नजर इस संघर्ष पर बनी हुई है क्योंकि इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है।
अमेरिका ने किन इलाकों में किए हमले अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें बंदर अब्बास भी शामिल है। यह ईरान का सबसे बड़ा बंदरगाह है और यहां नौसेना तथा रिवोल्यूशनरी गार्ड की अहम मौजूदगी है। यह इलाका होरमुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल कारोबार गुजरता है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद उन सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था जिनका इस्तेमाल समुद्री रास्तों के लिए खतरा पैदा करने में किया जा सकता है।
तेहरान में सुनाई दिए धमाके ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार गुरुवार सुबह राजधानी तेहरान के कई हिस्सों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया। इसके बाद उत्तर और पश्चिमी इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट में कहा गया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार तेहरान में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा पश्चिमी लोरेस्तान और उत्तरी सेमनान प्रांत में भी विस्फोट की खबरें सामने आईं।
ईरान का जवाबी हमला ईरान की सेना ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया। सरकारी टीवी के अनुसार इन हमलों में संचार व्यवस्था और ईंधन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने बाद में कहा कि उसने जॉर्डन में एक अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से भी हमला किया। आईआरजीसी का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका के हालिया हमलों के जवाब में की गई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जॉर्डन का दावा जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई आठ मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। देश की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है। जॉर्डन ने यह भी कहा कि उसकी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
कुवैत और बहरीन में भी ड्रोन हमले का दावा ईरान की सेना ने यह भी दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया। ईरानी मीडिया के अनुसार कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर रडार सिस्टम, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और ईंधन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया।
इसके अलावा बहरीन के शेख ईसा एयर बेस में मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं पर भी हमला करने का दावा किया गया। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी अरब को हथियार बिक्री की मंजूरी इसी बीच अमेरिका ने सऊदी अरब को करीब 1.96 अरब डॉलर के हथियार बेचने की मंजूरी दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि इससे सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा मजबूत होगी और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा में मदद मिलेगी। अमेरिका का कहना है कि यह कदम उसके सुरक्षा और विदेश नीति के लक्ष्यों के अनुरूप है।
होरमुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता इस संघर्ष के बीच होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। अगर यहां तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों की नजर इस बात पर भी है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
लगातार बढ़ रहा तनाव पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच कई बार जवाबी कार्रवाई हुई है। अब नए हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
कई देशों ने हालात पर नजर बनाए रखी है। अभी तक दोनों पक्षों की ओर से हमले रुकने के संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है। फिलहाल दोनों देशों के दावों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है और आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
Iran US Conflict West Asia War US Airstrikes Iran Drone Attack Jordan US Base Kuwait Attack Bahrain Attack Strait of Hormuz Tehran Explosion Middle East Tension ईरान अमेरिका संघर्ष पश्चिम एशिया युद्ध अमेरिकी हवाई हमला ईरान ड्रोन हमला जॉर्डन अमेरिकी बेस कुवैत हमला बहरीन हमला होरमुज जलडमरूमध्य तेहरान विस्फोट पश्चिम एशिया तनाव NetGramNews
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Gulam Rasool. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.