भजन लाल शर्मा ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूशनल लीडरशिप समिट-2026 में कहा कि आधुनिक शिक्षा में टेक्नोलॉजी और भारतीय ज्ञान परंपरा का समन्वय जरूरी है। कार्यक्रम राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित हुआ। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के अनुसार 1 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं, 1.54 लाख पदों पर भर्ती जारी है, 3.5 लाख युवाओं को स्किल ट्रेनिंग और 2 लाख को इंटर्नशिप दी गई है। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि संस्थागत सहयोग और नेतृत्व विकास के जरिए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति दी जा रही है।
जयपुर (राजस्थान) [भारत], 16 फरवरी (ANI): राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे न सिर्फ युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि उनका चरित्र निर्माण भी होगा।
वे ऑल इंडिया इंस्टीट्यूशनल लीडरशिप समिट-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और उसे ज्यादा रोजगारपरक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे राष्ट्र निर्माण में युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को सही दिशा देने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, शर्मा ने सोमवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूशनल लीडरशिप समिट-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल हो। जहां वेदों का ज्ञान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की समझ के साथ जुड़ा हो, कोडिंग की भाषा संस्कृत के श्लोकों से मिले, और रोबोटिक्स व नैनोटेक्नोलॉजी के साथ योग और ध्यान भी सिखाया जाए।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का विषय “इंटर-इंस्टीट्यूशनल डायलॉग ऑन डेवलपमेंट” बेहद प्रासंगिक है। IITs, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों, रिसर्च संस्थानों और निजी शैक्षणिक संस्थाओं के बीच मिलकर काम करने से जमीन पर असली बदलाव लाया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। 65 प्रतिशत से ज्यादा आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है। यह जनसांख्यिकीय ताकत हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को सही शिक्षा, कौशल और मार्गदर्शन देकर हमें इस ताकत का उपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को पूरा करने में करना होगा।
उन्होंने कहा कि आज हमारे युवा स्टार्टअप, रिसर्च, खेल और कला सहित कई क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। हमें उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देना है और उनके सपनों को साकार करने में मार्गदर्शन देना है, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक नागरिक बन सकें।
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रिसर्च व इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। हमारी सरकार शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को भरपूर रोजगार के अवसर भी दे रही है।
अब तक 1 लाख से ज्यादा सरकारी पदों पर नियुक्ति हो चुकी है और 1.54 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस साल 1 लाख सरकारी पदों के लिए भर्ती कैलेंडर भी जारी किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने निजी क्षेत्र में 2 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया है, 3.5 लाख छात्रों को स्किल ट्रेनिंग दी है और 2 लाख से अधिक युवाओं को इंटर्नशिप उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने युवाओं के साथ धोखा किया और पेपर लीक के कई मामले सामने आए।
हमारी सरकार के कार्यकाल में 351 परीक्षाएं कराई गईं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि राज्य में 65 iStartup लॉन्चपैड नेस्ट की स्थापना, 17 नए खेलो इंडिया केंद्र, 71 नए सरकारी कॉलेज, 185 नए सरकारी कॉलेज भवनों का उद्घाटन और लगभग 40,000 छात्राओं को स्कूटी वितरण जैसे कई कदम उठाए गए हैं, जो युवाओं को सशक्त बना रहे हैं।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि इस समागम का उद्देश्य संस्थागत सहयोग, नेतृत्व विकास और नीति निर्माण के जरिए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को तेज गति देना है। उन्होंने कहा कि हमारा देश गौरवशाली अतीत वाला रहा है।
दुनिया भर से छात्र तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों में पढ़ने आते थे। “गुरुकुलों में छात्रों का व्यावहारिक और समग्र विकास होता था। वैश्वीकरण के इस दौर में भारतीय ज्ञान परंपरा पहले जितनी ही प्रासंगिक है,” उन्होंने कहा।
बाद में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के सक्षम नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार उच्च शिक्षा में स्किल डेवलपमेंट और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दे रही है, जिससे युवाओं के रोजगार का रास्ता खुल रहा है।
इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि इस सम्मेलन में संस्थागत विकास, भविष्य के लिए तैयार फैकल्टी, भारत आधारित शोध को बढ़ावा, भारतीय भाषाओं का प्रसार और टेक्नोलॉजी आधारित उच्च शिक्षा के भविष्य जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा होगी।
इस मौके पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा, शिक्षा मंत्रालय की भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष चामू कृष्ण शास्त्री, शिक्षा मंत्रालय के भारतीय ज्ञान प्रणाली के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो.
गांटी एस. मूर्ति, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा, राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम सहित देशभर से आए विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के पदाधिकारी, बुद्धिजीवी और शिक्षक मौजूद रहे।