चेन्नई मेट्रो ने यात्रियों की सुविधा और शांति बनाए रखने के लिए नया नियम लागू किया है। अब ट्रेन या स्टेशन पर बिना हेडफोन गाने या वीडियो चलाने, स्पीकर मोड पर बात करने या तेज आवाज में दूसरों को परेशान करने पर ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह नियम संशोधित Metro Railways Act की धारा 59 के तहत लागू किया गया है। नियम का मकसद मेट्रो में शोर कम करना और सभी यात्रियों को बेहतर यात्रा का अनुभव देना है।
चेन्नई मेट्रो में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक नया नियम लागू किया गया है। अब अगर कोई यात्री ट्रेन या मेट्रो स्टेशन पर बिना हेडफोन के मोबाइल से गाना सुनता है, वीडियो चलाता है, स्पीकर ऑन करके बात करता है या बहुत तेज आवाज में बातचीत करके दूसरे यात्रियों को परेशान करता है, तो उस पर ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर ऐसे यात्री को मेट्रो परिसर से बाहर भी निकाला जा सकता है।
यह फैसला Chennai Metro Rail Limited (CMRL) ने यात्रियों की सुविधा और शांत माहौल बनाए रखने के लिए लिया है। पिछले कुछ समय से मेट्रो में बिना हेडफोन वीडियो देखने, तेज आवाज में गाने चलाने और स्पीकर मोड पर फोन इस्तेमाल करने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए अब नियमों को पहले से ज्यादा सख्त किया गया है।
CMRL ने अपनी एडवाइजरी में साफ कहा है कि सभी यात्रियों को मोबाइल इस्तेमाल करते समय हेडफोन या ईयरफोन का उपयोग करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति तेज आवाज में वीडियो या गाने चलाकर दूसरे यात्रियों को परेशानी देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
यह नया नियम Metro Railways (Operations and Maintenance) Act, 2002 की धारा 59 के तहत लागू किया गया है। इस कानून में हाल ही में Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Act, 2026 के जरिए बदलाव किया गया है। पहले ऐसे मामलों में अधिकतम ₹500 तक का जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹2,500 तक कर दिया गया है।
CMRL का कहना है कि मेट्रो में हर दिन बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। इनमें नौकरीपेशा लोग, छात्र, बुजुर्ग, महिलाएं और परिवार शामिल होते हैं। ऐसे में सभी यात्रियों को शांत और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलना जरूरी है। अगर कुछ लोग तेज आवाज में मोबाइल चलाते हैं, तो इससे पूरे डिब्बे में बैठे दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है। आज के समय में मोबाइल हर किसी के हाथ में है। कई लोग सफर के दौरान फिल्में देखते हैं, सोशल मीडिया वीडियो चलाते हैं या गाने सुनते हैं। लेकिन जब यह सब बिना हेडफोन के किया जाता है, तो आसपास बैठे लोगों का सफर भी प्रभावित होता है। कई बार लोग काम करके लौट रहे होते हैं, कुछ पढ़ाई कर रहे होते हैं, तो कुछ आराम करना चाहते हैं। ऐसे में तेज आवाज सभी के लिए असुविधा पैदा करती है। CMRL ने यह भी साफ किया है कि सिर्फ गाने या वीडियो ही नहीं, बल्कि स्पीकर मोड पर लंबी बातचीत करना या जानबूझकर तेज आवाज में बात करना भी नियमों के खिलाफ माना जाएगा। अगर कोई व्यक्ति बार-बार ऐसा करता है या चेतावनी के बाद भी नहीं मानता, तो अधिकृत अधिकारी उसे मेट्रो स्टेशन या ट्रेन से बाहर जाने का निर्देश दे सकते हैं।
मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवा में हर यात्री की जिम्मेदारी होती है कि वह दूसरे लोगों का भी ध्यान रखे। छोटे-छोटे नियमों का पालन करने से यात्रा सभी के लिए आसान और आरामदायक बनती है। इसी सोच के साथ चेन्नई मेट्रो ने यह कदम उठाया है।
पिछले 24 घंटों में इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई। कई लोगों ने इस नियम का स्वागत किया और कहा कि इससे मेट्रो में शोर कम होगा और सफर पहले से बेहतर बनेगा। उनका मानना है कि सार्वजनिक जगहों पर सभी को दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए।
कुछ लोगों ने जुर्माने की रकम को ज्यादा बताया। उनका कहना है कि पहली बार गलती करने वालों को पहले चेतावनी दी जानी चाहिए। हालांकि कई यात्रियों का यह भी कहना है कि अगर नियम सख्त नहीं होंगे तो लोग उनका पालन भी नहीं करेंगे।
CMRL और शहरी विकास मंत्रालय का मानना है कि शहरों में तेजी से बढ़ रही मेट्रो सेवाओं के साथ यात्रियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सिर्फ अच्छी ट्रेनें और बेहतर सुविधाएं ही काफी नहीं हैं, बल्कि यात्रियों का जिम्मेदार व्यवहार भी उतना ही जरूरी है। शांत माहौल बनाए रखने से सभी लोगों को बेहतर यात्रा का अनुभव मिलता है।
चेन्नई मेट्रो का यह फैसला दूसरे शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य बड़े शहरों की मेट्रो में भी बिना हेडफोन वीडियो देखने, तेज आवाज में गाने चलाने और स्पीकर पर बात करने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। अगर चेन्नई में यह नियम सफल रहता है और यात्रियों को इसका फायदा मिलता है, तो दूसरे मेट्रो निगम भी इसी तरह के नियम लागू करने पर विचार कर सकते हैं।
यात्रियों के लिए सबसे आसान तरीका यही है कि सफर के दौरान हमेशा हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल करें। अगर फोन पर बात करनी हो तो धीमी आवाज में करें और स्पीकर मोड का उपयोग न करें। वीडियो या गाने सुनने के लिए भी हेडफोन का इस्तेमाल करें। इससे न केवल जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि दूसरे यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा सकता है।
चेन्नई मेट्रो ने साफ कर दिया है कि उसका उद्देश्य यात्रियों पर जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि सभी के लिए सुरक्षित, शांत और आरामदायक यात्रा का माहौल बनाना है। इसलिए यात्रियों से अपील की गई है कि वे नए नियमों का पालन करें और सफर के दौरान जिम्मेदार व्यवहार अपनाएं।
ChennaiMetro MetroRules MetroUpdate PublicTransport TravelNews HeadphonesOnly चेन्नई मेट्रो अपडेट मेट्रो यात्रा नियम मेट्रो जुर्माना हेडफोन नियम मोबाइल स्पीकर नियम NetGramNews
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Ishrat. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.