राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने राज्य के कई जिलों में पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध सोशल मीडिया नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसियां ऐसे युवाओं से पूछताछ कर रही हैं, जिनका संपर्क सोशल मीडिया के जरिए संदिग्ध लोगों से हुआ था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे फर्जी नौकरी, आसान कमाई और अनजान लोगों के संदेशों से सावधान रहें।
राजस्थान में सुरक्षा एजेंसियां इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए चल रहे संदिग्ध नेटवर्क पर लगातार नजर रख रही हैं। राज्य की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और पुलिस ने जून के आखिर से लेकर जुलाई तक कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की है। इस दौरान कई जगहों पर पूछताछ की गई और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तान में बैठे एक संदिग्ध हैंडलर से जुड़े सोशल मीडिया नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गलत कामों के लिए तो नहीं जोड़ा जा रहा था।
कई शहरों में चल रही है जांच राजस्थान ATS ने राज्य के 20 से ज्यादा शहरों और जिलों में एक साथ कार्रवाई की है। अलग-अलग जगहों पर पुलिस और ATS की टीमों ने लोगों से पूछताछ की और जरूरी जानकारी जुटाई। यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। एजेंसियां लगातार अलग-अलग जगहों से जानकारी इकट्ठा कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क को समझा जा सके।
सोशल मीडिया के जरिए बनाते थे संपर्क जांच में सामने आया है कि कुछ संदिग्ध लोग सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क करते थे। शुरुआत में वे दोस्ती करते, बातचीत बढ़ाते और भरोसा जीतने की कोशिश करते थे।
इसके बाद उन्हें नौकरी दिलाने, विदेश भेजने या जल्दी पैसा कमाने जैसे लालच दिए जाते थे। एजेंसियों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
युवाओं को बनाया जाता था निशाना जांच एजेंसियों के अनुसार, ऐसे नेटवर्क अक्सर युवाओं को अपना निशाना बनाते हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों से पहले सामान्य बातचीत की जाती है। फिर धीरे-धीरे उनसे निजी जानकारी, फोटो, लोकेशन या दूसरी जानकारियां मांगी जाती हैं।
युवाओं को यह समझना चाहिए कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा करना सुरक्षित नहीं होता।
सीमा से जुड़े इलाकों पर खास नजर रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी जांच की गई है। कुछ जगहों पर पुलिस ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि कहीं किसी ने देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी या तस्वीरें किसी अनजान व्यक्ति को तो नहीं भेजीं। जांच अभी जारी है और अधिकारी पूरे मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
फर्जी नौकरी और आसान कमाई से रहें सावधान पुलिस और ATS ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले फर्जी नौकरी के ऑफर या आसान कमाई के दावों पर भरोसा न करें।
आजकल कई लोग नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। शुरुआत में वे अच्छी बातें करते हैं और बाद में निजी जानकारी मांगने लगते हैं। ऐसे मामलों में सावधानी सबसे जरूरी है।
अनजान लोगों को जानकारी न दें सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि अगर कोई अनजान व्यक्ति बार-बार आपकी लोकेशन, फोटो या किसी सरकारी जगह की जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी अपने नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को देना चाहिए। समय रहते सूचना देने से बड़ी घटना को रोका जा सकता है।
सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल जरूरी आज के समय में सोशल मीडिया लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसका इस्तेमाल समझदारी से करना भी जरूरी है।
किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसकी जानकारी जरूर जांचें। बिना पहचान वाले लोगों से निजी बातें या जरूरी जानकारी साझा करने से बचें।
साइबर सुरक्षा पर बढ़ा जोर राजस्थान पुलिस लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक कर रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि मजबूत पासवर्ड रखें, मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट पर सुरक्षा सुविधा चालू रखें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
अगर किसी को किसी संदेश या कॉल पर शक हो तो उसका जवाब देने के बजाय संबंधित एजेंसी को इसकी जानकारी देना बेहतर होता है।
युवाओं के लिए जागरूकता जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में युवाओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल सिखाना बहुत जरूरी है। स्कूल, कॉलेज और दूसरे शिक्षण संस्थानों में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
इससे युवा समझ पाएंगे कि ऑनलाइन दुनिया में कौन-सी बातें सुरक्षित हैं और किन चीजों से बचना चाहिए।
आम लोगों को क्या करना चाहिए? अगर किसी अनजान व्यक्ति की ओर से नौकरी, विदेश में काम या जल्दी पैसा कमाने का ऑफर मिलता है तो उसकी अच्छी तरह जांच करें। किसी भी तरह की निजी जानकारी, बैंक खाते की जानकारी, पहचान पत्र या लोकेशन साझा करने से बचें।
अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत पुलिस या साइबर सेल को इसकी सूचना दें। आपकी एक छोटी-सी जानकारी किसी बड़ी घटना को रोकने में मदद कर सकती है।
जांच अभी जारी है राजस्थान ATS की यह कार्रवाई अभी जारी है। एजेंसियां अलग-अलग जगहों से मिले इनपुट की जांच कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि लोगों का सहयोग इस तरह की जांच में सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर आम लोग सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर दें, तो समाज और देश दोनों की सुरक्षा मजबूत हो सकती है।
सोशल मीडिया का सही और सुरक्षित इस्तेमाल आज समय की जरूरत है। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर लोग खुद को भी सुरक्षित रख सकते हैं और दूसरों की सुरक्षा में भी मदद कर सकते हैं।
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