राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तमिल निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर आर. चेझियान का 57 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद चेन्नई में निधन हो गया। उन्होंने 'To Let' जैसी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म का निर्देशन किया और 'परदेसी', 'जोकर' सहित कई चर्चित फिल्मों की सिनेमैटोग्राफी की। चेझियान अपनी यथार्थवादी फिल्म निर्माण शैली और सामाजिक विषयों पर आधारित कहानियों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से तमिल और भारतीय सिनेमा को एक प्रतिभाशाली निर्देशक और तकनीकी विशेषज्ञ का बड़ा नुकसान हुआ।
तमिल फिल्म इंडस्ट्री के लिए 10 जुलाई 2026 का दिन बेहद दुखद रहा। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर, लेखक और गीतकार आर. चेझियान (R.
Chezhiyan) का चेन्नई में लंबी बीमारी के बाद 57 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही तमिल फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अभिनेता, निर्देशक, निर्माता और फिल्म प्रेमियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।
फिल्मी सफर की शुरुआत तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में जन्मे आर. चेझियान ने शुरुआत में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन फोटोग्राफी और सिनेमा के प्रति उनके जुनून ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की ओर आकर्षित किया। उन्होंने प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर पी.
सी. श्रीराम के सहायक के रूप में काम करते हुए कैमरे की बारीकियां सीखीं। बाद में उन्होंने फिल्म 'थम्बी' में अतिरिक्त सिनेमैटोग्राफर के रूप में काम किया और यहीं से उनके सफल फिल्मी करियर की शुरुआत हुई।
शानदार सिनेमैटोग्राफी से बनाई अलग पहचान चेझियान ने अपनी प्राकृतिक और यथार्थवादी सिनेमैटोग्राफी के दम पर तमिल सिनेमा में अलग पहचान बनाई। उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में कैमरे का जिम्मा संभाला, जिनमें 'कल्लूरी', 'थेनमेरकु परुवाकात्रु', 'परदेसी', 'थरई थपट्टई', 'जोकर' और 'कोंड्राल पावम' जैसी फिल्में शामिल हैं। उनकी कैमरा शैली को दर्शकों और फिल्म समीक्षकों ने हमेशा सराहा। (
'To Let' से राष्ट्रीय पहचान सिनेमैटोग्राफर के अलावा चेझियान ने निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी निर्देशित फिल्म 'To Let' (टू लेट) एक मध्यमवर्गीय परिवार की घर की तलाश पर आधारित संवेदनशील कहानी थी। इस फिल्म को 2018 के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ तमिल फीचर फिल्म का सम्मान मिला। यह फिल्म सामाजिक यथार्थ को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने के लिए आज भी याद की जाती है।
लेखक और बहुमुखी कलाकार चेझियान केवल निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर ही नहीं थे, बल्कि लेखक और गीतकार भी थे। उन्होंने विश्व सिनेमा पर लेखन किया और फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। उनकी फिल्मों में आम लोगों के संघर्ष, जीवन की वास्तविकता और मानवीय भावनाओं को प्रमुखता से दिखाया जाता था।
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फिल्म जगत ने दी श्रद्धांजलि उनके निधन के बाद तमिल फिल्म उद्योग से जुड़े कई कलाकारों, निर्देशकों और तकनीशियनों ने गहरा दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने अपने कैमरे और कहानी कहने की कला से कई यादगार फिल्में दीं।
भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति आर. चेझियान का निधन भारतीय फिल्म जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपनी रचनात्मक सोच, बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी और संवेदनशील फिल्मों के जरिए तमिल सिनेमा को नई पहचान दिलाई। उनकी बनाई फिल्में और उनका काम आने वाली पीढ़ियों के फिल्मकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
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