विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट के अनुसार, साल 2050 तक दुनिया में हर साल करीब 3.5 करोड़ नए कैंसर के मामले सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 92% लोग अपने जीवन में किसी न किसी रूप में कैंसर से प्रभावित होंगे। WHO ने समय पर जांच, बेहतर इलाज और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया है, ताकि कैंसर के बढ़ते बोझ को कम किया जा सके।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की नई रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में दुनिया में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ेंगे। साल 2050 तक हर साल लगभग 3.5 करोड़ नए कैंसर के मामले सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 92% लोग अपने जीवन में किसी न किसी रूप में कैंसर से प्रभावित होंगे, चाहे उन्हें खुद बीमारी हो या उनके परिवार या करीबी व्यक्ति को।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कैंसर को लेकर एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसमें आने वाले वर्षों के लिए चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर मौजूदा स्थिति बनी रही तो साल 2050 तक दुनिया में हर साल कैंसर के लगभग 3.
5 करोड़ नए मामले सामने आ सकते हैं। यह संख्या आज के मुकाबले करीब 67 प्रतिशत अधिक होगी। WHO ने यह रिपोर्ट 8 जुलाई को इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) के साथ मिलकर जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस समय दुनिया में हर साल करीब 2.
06 करोड़ लोगों में कैंसर की पहचान होती है। अगले 25 वर्षों में यह संख्या तेजी से बढ़ने का अनुमान है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की लगभग 92 प्रतिशत आबादी अपने जीवन में किसी न किसी तरह कैंसर का असर महसूस करेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी लोगों को कैंसर होगा, बल्कि कई लोग अपने परिवार, रिश्तेदार, दोस्त या किसी करीबी व्यक्ति के कैंसर से प्रभावित होंगे।
WHO का कहना है कि कैंसर अब सिर्फ एक बीमारी नहीं रह गया है। यह मरीज और उसके परिवार के लिए मानसिक, सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी बनता जा रहा है। इलाज का खर्च, लंबे समय तक इलाज चलना और मरीज की देखभाल जैसी कई बातें परिवारों पर बड़ा असर डालती हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस समय हर साल करीब 1 करोड़ लोगों की मौत कैंसर की वजह से होती है। यानी हर दिन लगभग 26 हजार से ज्यादा लोगों की जान इस बीमारी से चली जाती है। इसी कारण कैंसर दुनिया में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। पहले स्थान पर दिल से जुड़ी बीमारियां हैं।
WHO के अनुसार, दुनिया की बढ़ती आबादी और लोगों की बढ़ती उम्र भी कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी की बड़ी वजह है। जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे कई तरह के कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
इसके अलावा धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन, खराब खान-पान, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी और प्रदूषण जैसे कारण भी कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। कुछ मामलों में संक्रमण और आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई देशों में अभी भी कैंसर की जांच और इलाज की सुविधाएं सभी लोगों तक नहीं पहुंच पाती हैं। गरीब और कम आय वाले देशों में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है।
WHO का मानना है कि अगर कैंसर की पहचान शुरुआती समय में हो जाए तो कई मामलों में इलाज आसान हो सकता है। इसलिए लोगों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है। डॉक्टर भी लंबे समय से यह सलाह देते रहे हैं कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कई तरह के कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है। धूम्रपान से दूरी, संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन बनाए रखना और शराब का कम सेवन शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
कुछ कैंसर ऐसे भी हैं जिनसे बचाव के लिए टीके उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीन और लीवर कैंसर के खतरे को कम करने के लिए हेपेटाइटिस-बी का टीका उपयोगी माना जाता है। WHO लोगों से अपने देश की स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा दी जाने वाली सलाह का पालन करने की अपील करता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकारों को कैंसर की रोकथाम, जांच और इलाज की सुविधाओं को मजबूत करना होगा। साथ ही लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है ताकि बीमारी की पहचान समय पर हो सके और इलाज जल्दी शुरू किया जा सके।
WHO का कहना है कि अगर अभी से सही कदम उठाए जाएं, लोगों को जागरूक किया जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाए, तो आने वाले वर्षों में कैंसर से होने वाली कई मौतों को कम किया जा सकता है।
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