राजस्थान के 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में ACB ने बड़ी कार्रवाई की है। रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकानों समेत 4 राज्यों में 15 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 9 रसूखदार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि ‘हर घर जल’ योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों के ठेके दिए गए, घटिया पाइप लगाए गए और बिना काम किए भुगतान लिया गया। पहले भी PHED के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। मामले की जांच अब बड़े अफसरों और ठेकेदारों तक पहुंच चुकी है, और ACB व ED की कार्रवाई जारी है।
राजस्थान के चर्चित 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ा एक्शन लिया है। ACB ने रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल सहित 4 राज्यों में 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस दौरान 9 रसूखदार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
JJM Scam Rajasthan: रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकानों पर ACB की रेड, 9 लोग हिरासत में NDTV Reporter Jaipur News: राजस्थान के बहुचर्चित ‘जल जीवन मिशन’ (JJM) घोटाले में ACB ने मंगलवार सुबह राज्यभर में कार्रवाई की। DIG रामेश्वर सिंह की अगुवाई में बनी SIT टीम ने जयपुर, दिल्ली, बाड़मेर, सीकर, जालौर के साथ-साथ बिहार और झारखंड में 15 से ज्यादा जगहों पर एक साथ छापे मारे।
रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकानों पर हलचल इस कार्रवाई का मुख्य फोकस पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के ठिकाने रहे। माना जा रहा है कि मिशन के दौरान हुए करोड़ों के घोटाले की कड़ियां बड़े अफसरों तक जुड़ी हुई हैं। सुबह-सुबह ACB की टीमों ने संदिग्धों के घर और दफ्तरों को घेर लिया।
सिर्फ छापेमारी ही नहीं, ACB ने सख्त रुख अपनाते हुए कई रसूखदार लोगों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में शामिल अफसरों और ठेकेदारों से गहन पूछताछ की जा रही है। केडी गुप्ता, सुशील शर्मा, डीके गौड़, महेंद्र सोनी, विशाल सक्सेना, दिनेश गोयल, शुभांशु दीक्षित, अरुण श्रीवास्तव और निरिल कुमार।
इन सभी से अज्ञात जगह पर पूछताछ हो रही है और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Netgram Team. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.
पहले भी दर्ज हुई थी FIR इससे पहले ACB ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों के ठेके देने के मामले में PHED के तीन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों को नजरअंदाज कर अपनी पसंद की कंपनियों को फायदा पहुंचाया और सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल किया। जिन बड़े नामों को जांच रिपोर्ट में शामिल किया गया है, उनमें शामिल हैं: तत्कालीन मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना) दिनेश गोयल
तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (अजमेर) महेंद्र प्रकाश सोनी (अब सेवानिवृत्त)
अधिशासी अभियंता (परियोजना खंड, मांडल, भीलवाड़ा) सिद्धार्थ टांक
क्या है जल जीवन मिशन घोटाला? जल जीवन मिशन घोटाला राजस्थान का बड़ा भ्रष्टाचार मामला है। ‘हर घर जल’ योजना के तहत गांवों में नल कनेक्शन देने के नाम पर 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की गड़बड़ी की गई।
आरोप है कि ठेकेदारों ने PHED अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र (Fake Certificates) के आधार पर बड़े टेंडर हासिल किए। घटिया क्वालिटी के पाइप लगाए गए और कई जगह बिना काम किए ही करोड़ों रुपये का भुगतान ले लिया गया।
जांच की आंच अब पूर्व ACS सुबोध अग्रवाल और बड़े ठेकेदारों तक पहुंच चुकी है। इसी कड़ी में ACB और ED लगातार छापेमारी कर रही हैं।