जुलाई के पहले सप्ताह में जोधपुर में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना से मौसम में कुछ राहत मिल सकती है।
"जुलाई की शुरुआत में जोधपुर में गर्मी का असर अभी भी महसूस किया जा रहा है। दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है, लेकिन मानसून की गतिविधियां बढ़ने के साथ बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं हल्की बारिश ने मौसम में मामूली राहत के संकेत दिए हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
निजी मौसम एजेंसी AccuWeather के अनुमान के अनुसार जुलाई के दौरान जोधपुर का अधिकतम तापमान लगभग 93 से 104 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच रह सकता है। वहीं रात का तापमान भी 78 से 85 डिग्री फ़ारेनहाइट के आसपास रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि रात के समय भी पूरी तरह ठंडक महसूस होने की संभावना कम रहेगी और उमस बनी रह सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत में मानसून सक्रिय बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में अपेक्षाकृत अच्छी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है, जबकि पश्चिमी राजस्थान, जिसमें जोधपुर भी शामिल है, वहां कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
जोधपुर में पिछले कुछ दिनों के दौरान दिनभर तेज धूप के बाद शाम और रात के समय बादल छाने तथा हल्की फुहारें पड़ने से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन रात का तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने के कारण उमस का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जिन घरों और छोटे प्रतिष्ठानों में पर्याप्त शीतलन व्यवस्था नहीं है, वहां गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस किया जा रहा है।
मारवाड़ क्षेत्र में मानसून सामान्यतः सीमित और असमान रूप से सक्रिय होता है। यही वजह है कि बारिश का वितरण खेती और जल उपलब्धता दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। समय पर वर्षा होने से खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलती है, जबकि बारिश में देरी या कमी का असर ग्रामीण इलाकों की कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है।
आईएमडी ने अपने व्यापक मौसम पूर्वानुमान में यह भी कहा है कि उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। हालांकि यह चेतावनी सीधे जोधपुर के लिए नहीं है, लेकिन उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम की सक्रियता का असर परिवहन और आवाजाही पर पड़ सकता है।
मौसम के इस दौर का प्रभाव शहर के दैनिक जीवन पर भी दिखाई देता है। दिन में तेज गर्मी के कारण बिजली और पानी की मांग बढ़ जाती है, जबकि बादलों और बारिश की संभावना लोगों की यात्रा और बाहरी कार्यों की योजना को प्रभावित कर सकती है। किसानों के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण है क्योंकि मानसून की प्रगति के साथ खरीफ सीजन की तैयारियां तेज होती हैं।
स्वास्थ्य के लिहाज से भी सावधानी जरूरी है। गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक धूप में रहने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार ही यात्रा या बाहरी कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग फिलहाल राजस्थान में मानसून की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। आगामी मौसम बुलेटिन के आधार पर वर्षा की स्थिति और तापमान में होने वाले बदलाव का अधिक स्पष्ट आकलन सामने आएगा।
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