मुंबई के मानखुर्द चॉल हादसे के बाद सोशल मीडिया पर ‘दर्जनों लोगों’ के अब भी मलबे में फंसे होने का दावा वायरल हो रहा है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स इस दावे की पुष्टि नहीं करतीं।
"मुंबई के मानखुर्द इलाके में चॉल का हिस्सा ढहने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि हादसे के बाद भी दर्जनों लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं और प्रशासन वास्तविक स्थिति छिपा रहा है। इन दावों ने लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। ऐसे में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय रिपोर्ट्स के आधार पर इन दावों की पड़ताल करना जरूरी है।
जांच में सामने आया कि वायरल पोस्ट में किया गया ""दर्जनों लोगों के फंसे होने"" का दावा उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों से मेल नहीं खाता। प्रमुख समाचार संस्थानों और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में ऐसी किसी संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मानखुर्द में ग्राउंड-प्लस-थ्री चॉल का एक हिस्सा रात करीब 8:30 बजे ढह गया था। शुरुआती राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि चार से पांच लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। इसके साथ ही हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि की गई थी और एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी भी सामने आई।
घटना के बाद मुंबई नगर निगम (BMC), फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं। रातभर मलबा हटाने का काम चलता रहा और आधिकारिक अपडेट्स में भी संभावित रूप से चार से पांच लोगों के फंसे होने की बात ही कही गई। किसी भी आधिकारिक बयान में दर्जनों लोगों के मलबे में दबे होने का उल्लेख नहीं किया गया।
स्थानीय समाचार पोर्टलों और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में भी लगभग यही जानकारी सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चॉल के दो से तीन हिस्से प्रभावित हुए थे, जिसके कारण कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका बनी रही। लेकिन वायरल दावे में बताई गई संख्या का समर्थन करने वाला कोई प्रमाणित दस्तावेज, आधिकारिक बयान या विश्वसनीय रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
आपदा जैसी घटनाओं के दौरान शुरुआती घंटों में सूचनाएं लगातार बदलती रहती हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई बार अपुष्ट दावे भी तेजी से वायरल हो जाते हैं। कई पोस्ट पुराने वीडियो, अधूरी जानकारी या अनुमान के आधार पर साझा की जाती हैं, जिससे वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।
तथ्यों की समीक्षा के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि ""दर्जनों लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं"" वाला दावा भ्रामक और अतिरंजित है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि चार से पांच लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। इससे अधिक संख्या की पुष्टि किसी विश्वसनीय स्रोत ने नहीं की है।
संवेदनशील घटनाओं के दौरान किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक एजेंसियों, प्रशासनिक अपडेट और विश्वसनीय समाचार संस्थानों की रिपोर्ट जरूर जांचनी चाहिए। अपुष्ट या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे न केवल भ्रम फैलाते हैं, बल्कि राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी गलत धारणाएं भी पैदा कर सकते हैं।
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