भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिमी राजस्थान के लिए 1 से 6 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इससे जोधपुर सहित आसपास के इलाकों में तापमान में गिरावट आने और लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान के लोगों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब राजस्थान के और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। इसके असर से आने वाले दिनों में जोधपुर में भी मौसम बदल सकता है और लोगों को लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
कई दिनों से पड़ रही थी तेज गर्मी पिछले कई हफ्तों से जोधपुर में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर लगातार बना हुआ था। दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। दोपहर के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम देखने को मिल रही थी। गर्म हवाओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मौसम विभाग की पहले जारी रिपोर्ट में राजस्थान के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी दी गई थी। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में लू जैसी स्थिति बनी हुई थी। जोधपुर में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
अब बदलेगा मौसम IMD के नए पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 6 जुलाई के बीच पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे राज्य के और हिस्सों में सक्रिय हो रहा है।
बारिश शुरू होने के साथ आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इससे दिन का तापमान कम होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में 2 जुलाई तक अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद 3 से 6 जुलाई के बीच तापमान लगभग स्थिर रहने का अनुमान है।
जोधपुर के लोगों को मिलेगी राहत अगर मौसम विभाग का अनुमान सही रहता है तो जोधपुर के लोगों को सबसे पहले तेज गर्मी और गर्म हवाओं से राहत मिलेगी। पिछले कई दिनों से लोग बारिश का इंतजार कर रहे थे। बादल छाने और बारिश होने से दिन और रात दोनों के तापमान में कमी आ सकती है।
खासकर वे लोग जो निर्माण कार्य, खेती, सड़क निर्माण, डिलीवरी, ट्रांसपोर्ट और अन्य खुले स्थानों पर काम करते हैं, उन्हें मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी गर्मी का असर कुछ कम हो सकता है।
किसानों के लिए भी अच्छी खबर मानसून की बारिश किसानों के लिए भी राहत लेकर आती है। बारिश शुरू होने से खेतों में नमी बढ़ती है और खरीफ फसलों की बुवाई आसान हो जाती है।
जोधपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे हैं। अच्छी बारिश होने पर बाजरा, मूंग, ग्वार और दूसरी खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है। इससे खेती की तैयारियां भी बेहतर तरीके से शुरू हो सकेंगी।
बिजली की मांग में आ सकती है कमी इस बार गर्मी के कारण देशभर में बिजली की मांग काफी बढ़ गई थी। लोग लगातार एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल कर रहे थे। बारिश होने और तापमान कम होने के बाद बिजली की खपत में भी कुछ कमी आने की संभावना है।
इससे बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव भी कुछ कम हो सकता है। शहर में बढ़ सकती हैं कुछ परेशानियां बारिश राहत लेकर आती है, लेकिन इसके साथ कुछ दिक्कतें भी सामने आती हैं। जोधपुर के कई इलाकों में हर साल पहली बारिश के दौरान जलभराव की समस्या देखने को मिलती है। कई निचले इलाकों में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है और ट्रैफिक भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए लोगों को सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी जाती है।
नालों की सफाई पर ध्यान मानसून को देखते हुए नगर निगम की ओर से नालों और पानी निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। जिन जगहों पर हर साल पानी भरने की समस्या रहती है, वहां पहले से तैयारी की जा रही है ताकि बारिश के दौरान लोगों को कम परेशानी हो। अगर समय पर पानी की निकासी होती है तो शहर में जलभराव की स्थिति काफी हद तक रोकी जा सकती है।
मौसम विभाग ने क्या कहा मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में "आइसोलेटेड टू स्कैटर्ड" यानी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे क्षेत्र में एक जैसी बारिश होगी। कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर केवल हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मानसून क्यों है जरूरी राजस्थान जैसे राज्य में मानसून का काफी महत्व होता है। यहां खेती का बड़ा हिस्सा बारिश पर निर्भर रहता है। बारिश अच्छी होने पर जलाशयों में पानी बढ़ता है, भूजल स्तर में सुधार होता है और किसानों को फायदा मिलता है।
इसके अलावा बारिश से वातावरण में ठंडक आती है, धूल कम होती है और हवा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलता है।
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए बारिश शुरू होने के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। मौसम विभाग की ताजा अपडेट पर नजर रखें। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें। जरूरत होने पर ही यात्रा करें।
जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पीते रहें और मौसम के अनुसार कपड़े पहनें।
आगे कैसा रहेगा मौसम IMD के अनुसार 1 से 6 जुलाई के बीच पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इसके चलते तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बारिश की मात्रा अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकती है। इसलिए मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ही अपनी योजना बनाना बेहतर रहेगा।
Jodhpur JodhpurRain JodhpurWeather Monsoon2026 RajasthanMonsoon IMD RainAlert NetGramNews
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Ishrat. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.