जोधपुर जिले के करवड़ क्षेत्र में खेत के पास संदिग्ध पुराना विस्फोटक गोला मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और सेना ने संयुक्त कार्रवाई की। बम डिफ्यूज़ल टीम ने गोले को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट किया और पूरे अभियान में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
"जोधपुर जिले के करवड़ क्षेत्र में खेत के पास एक पुराना संदिग्ध विस्फोटक गोला मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था संभाली। सूचना मिलने पर सेना की बम डिफ्यूज़ल टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने के बाद गोले को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट कर दिया। कई घंटे तक चले इस अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में एहतियात बरती गई और किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान की सूचना नहीं मिली।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों की नजर खेत के पास पड़ी संदिग्ध धातु की वस्तु पर गई। वस्तु का आकार और बनावट असामान्य होने पर स्थानीय लोगों ने उसे छूने या हटाने की कोशिश नहीं की और तुरंत पुलिस व प्रशासन को इसकी सूचना दी। प्रारंभिक जांच के बाद इसे संभावित विस्फोटक मानते हुए सेना की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया।
सेना की बम डिफ्यूज़ल टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और सुरक्षा घेरा बनाया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत विस्फोटक गोले को सावधानीपूर्वक सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। वहां नियंत्रित विस्फोट कर उसे पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार पूरी कार्रवाई मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप की गई, जिससे आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित रही।
पुलिस ने अभियान के दौरान ग्रामीणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध धातु, पुराने गोले या हथियार जैसी वस्तु को हाथ लगाने की बजाय तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका है। समय पर मिली सूचना के कारण संभावित जोखिम को बिना किसी नुकसान के टाला जा सका।
पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में पहले भी इस तरह के पुराने विस्फोटक अवशेष मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सैन्य अभ्यास के दौरान कभी-कभी कुछ गोले विस्फोट नहीं कर पाते और वर्षों तक जमीन के भीतर दबे रह जाते हैं। खेती, निर्माण कार्य या खुदाई के दौरान ऐसे अवशेष अचानक सामने आ सकते हैं। इसी वजह से प्रशासन समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने और संदिग्ध वस्तुओं की सूचना तुरंत देने की सलाह देता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। यदि कोई व्यक्ति इन्हें कबाड़ समझकर उठाने या बेचने की कोशिश करे या बच्चे इनके संपर्क में आ जाएं, तो खतरा बढ़ सकता है। इसलिए किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने पर उससे दूरी बनाए रखना और संबंधित विभाग को सूचना देना आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खेतों, खाली जमीन या खुदाई के दौरान यदि किसी प्रकार का पुराना गोला, बारूद जैसा सामान या संदिग्ध धातु की वस्तु दिखाई दे तो उसे छेड़ें नहीं। पुलिस और सेना की विशेषज्ञ टीम ऐसे मामलों में सुरक्षित तरीके से कार्रवाई करती है। करवड़ गांव की इस घटना में भी ग्रामीणों की सतर्कता और समय पर दी गई सूचना के कारण संभावित खतरे को बिना किसी जनहानि के टाल दिया गया। भविष्य में भी ऐसे मामलों में यही सावधानी सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय मानी जा रही है।
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