1 लाख प्रॉम्प्ट से Gemini को clone करने की कोशिश, Google ने ऐसे रोका हमला

2/14/2026, 11:52:00 AM

Google के AI चैटबॉट Gemini को हैकर्स ने clone करने की कोशिश की। Google ने संदिग्ध गतिविधि पकड़कर सुरक्षा बढ़ाई। बड़ी भाषा मॉडल की इंटरैक्टिव प्रकृति उन्हें हमलों के लिए संवेदनशील बनाती है और AI मॉडल की सुरक्षा अब डेटा जितनी ही महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है।

Google ने खुलासा किया है कि हैकर्स ने उसके AI चैटबॉट Google Gemini को clone करने की कोशिश की। इसके लिए सिस्टम पर 1,00,000 से ज्यादा खास तरह के प्रॉम्प्ट भेजे गए। कंपनी के मुताबिक, यह हमला “model extraction” या “distillation attack” का हिस्सा था। इसका मकसद सीधे कोड चुराना नहीं था, बल्कि AI कैसे सोचता है और जवाब बनाता है, यह समझकर उसका clone तैयार करना था। हमला कैसे किया गया? Google के अनुसार, हमलावरों ने बार-बार ऐसे सवाल पूछे जो Gemini की अंदरूनी लॉजिक को समझने के लिए डिजाइन किए गए थे। वे यह देख रहे थे कि: मॉडल समस्या कैसे हल करता है संदर्भ (context) को कैसे समझता है अलग-अलग विचारों को कैसे जोड़ता है इतने बड़े पैमाने पर सवाल पूछकर वे आउटपुट पैटर्न का विश्लेषण कर रहे थे, ताकि मॉडल के काम करने का तरीका धीरे-धीरे दोबारा बनाया जा सके और उसका clone विकसित किया जा सके। कंपनी ने बताया कि यह गतिविधि अलग-अलग देशों से जुड़ी दिखाई दी, लेकिन संदिग्धों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। Google ने कैसे पकड़