राजस्थान में 2 से 5 जुलाई के बीच मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों के लिए भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में 2 से 5 जुलाई के बीच मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों के लिए भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। बारिश से तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
राजस्थान में 2 से 5 जुलाई तक मौसम बदलेगा राजस्थान में लंबे समय से पड़ रही गर्मी के बाद अब मौसम बदलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने 2 जुलाई से 5 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने का अनुमान लगाया है। इस दौरान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज बारिश की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, कोटा और उदयपुर संभाग के कई जिलों के लिए भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि मानसून अब धीरे-धीरे पूरे राज्य में सक्रिय हो रहा है। इसके असर से कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
किन इलाकों में ज्यादा बारिश की संभावना है मौसम विभाग के अनुसार इस बार सबसे ज्यादा असर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल सकता है। खासतौर पर कोटा और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है। इसलिए स्थानीय लोगों को मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
तापमान में मिलेगी राहत पिछले कई दिनों से राजस्थान के अधिकांश जिलों में तेज गर्मी और उमस बनी हुई है। कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया गया। बारिश शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। बादल छाए रहने और लगातार बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। खासकर दिन के समय तेज धूप का असर कम होने की संभावना है।
मानसून के सक्रिय होने का क्या मतलब है जब मानसून सक्रिय होता है तो लगातार कई दिनों तक बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। हवा में नमी बढ़ती है और बादलों की आवाजाही तेज हो जाती है। राजस्थान जैसे राज्य में मानसून का सक्रिय होना काफी अहम माना जाता है क्योंकि यहां का बड़ा हिस्सा बारिश पर निर्भर रहता है। अच्छी बारिश होने से जल स्रोत भरने लगते हैं और खेती के लिए जरूरी पानी उपलब्ध होता है।
भारी बारिश से बढ़ सकती हैं परेशानियां बारिश जहां राहत लेकर आती है, वहीं कई बार कुछ परेशानियां भी बढ़ा देती है। अगर कम समय में ज्यादा बारिश होती है तो शहरों के निचले इलाकों में पानी भर सकता है। कई जगह सड़कें जलमग्न हो सकती हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। पुरानी कॉलोनियों और कम ऊंचाई वाले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका रहती है। ऐसे समय में वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
ग्रामीण इलाकों पर क्या असर पड़ेगा ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश का असर अलग तरह से देखने को मिल सकता है। कई गांवों को जोड़ने वाली कच्ची सड़कें खराब हो सकती हैं। छोटे नाले और बरसाती रास्तों में पानी बढ़ने से आवाजाही प्रभावित हो सकती है। अगर लगातार तेज बारिश होती है तो कुछ जगह खेतों में पानी भरने की भी संभावना रहती है।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह बारिश राजस्थान में खरीफ की खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। इस समय किसान खेतों की तैयारी कर रहे हैं। समय पर बारिश होने से खेतों में नमी बनी रहती है और बुवाई करना आसान हो जाता है। बाजरा, सोयाबीन, धान, मक्का और दूसरी खरीफ फसलों के लिए शुरुआती बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। अगर बारिश संतुलित मात्रा में होती है तो फसलों की शुरुआत अच्छी होती है।
बहुत ज्यादा बारिश से किसानों को भी नुकसान हो सकता है अगर कम समय में बहुत तेज बारिश हो जाए तो खेतों में पानी भर सकता है। ऐसी स्थिति में बीज खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। मिट्टी का कटाव भी हो सकता है, जिससे खेती पर असर पड़ सकता है। कई बार खेतों तक जाने वाले रास्ते भी खराब हो जाते हैं, जिससे किसानों को दिक्कत होती है।
शहरों में इन बातों का रखें ध्यान भारी बारिश के दौरान लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। पानी भरी सड़कों से गुजरने से बचें। वाहन चलाते समय गति कम रखें। मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखें। बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
प्रशासन की तैयारियां भी जरूरी बारिश शुरू होने से पहले शहरों के नालों की सफाई जरूरी होती है ताकि पानी जल्दी निकल सके। जहां जलभराव की समस्या रहती है वहां पहले से तैयारी करना जरूरी माना जाता है। अगर समय रहते जरूरी इंतजाम कर लिए जाएं तो भारी बारिश के दौरान लोगों को कम परेशानी होती है।
जल स्रोतों के लिए अच्छी खबर राजस्थान के कई इलाकों में पानी की कमी लंबे समय से बनी रहती है। अच्छी बारिश होने पर तालाब, बांध और छोटे जल स्रोतों में पानी बढ़ने लगता है। इससे आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। यह बारिश पीने के पानी और खेती दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की है। जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है वहां रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की स्थिति जरूर देख लें।
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 2 से 5 जुलाई के बीच राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में ज्यादा बारिश होने के आसार हैं। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, लेकिन कुछ इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी भी हो सकती है।
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