फरवरी में AI disruption के डर ने भारतीय IT सेक्टर की वैल्यूएशन पर भारी असर डाला, लगभग $50 बिलियन (₹4.53 लाख करोड़) मार्केट कैप घटा। IT इंडेक्स दिन में 5.2% तक गिरा, बाद में 1.44% नीचे बंद हुआ। निवेशकों को चिंता है कि generative AI के बढ़ते इस्तेमाल से क्लाइंट बजट बदल सकते हैं और IT कंपनियों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI से IT सर्विसेज़ की जरूरत खत्म नहीं होगी, बल्कि कंपनियों को अपने सर्विस मॉडल में बदलाव करना पड़ेगा।
फरवरी में AI disruption के डर ने भारतीय IT सेक्टर की वैल्यूएशन को ज़ोरदार झटका दिया। करीब $50 बिलियन (लगभग ₹4.53 लाख करोड़) मार्केट कैप सेक्टर से उड़ गया। शुक्रवार को IT इंडेक्स दिन में 5.2% तक गिरा, हालांकि बाद में रिकवरी आई और 1.44% नीचे बंद हुआ। सबसे ज्यादा दबाव बड़े शेयरों पर दिखा: Tata Consultancy Services Ltd. 2.1% गिरा Infosys Ltd. 1.2% नीचे रहा HCL Technologies Ltd. 1.4% फिसला
गिरावट की वजह क्या है? पिछले महीने टेक स्टार्टअप Anthropic के नए AI टूल लॉन्च के बाद ग्लोबल टेक शेयरों में बिकवाली बढ़ी। निवेशकों को डर है कि generative AI के तेज़ इस्तेमाल से भारत का $283 बिलियन का IT सर्विसेज़ इंडस्ट्री मॉडल बदल सकता है। हफ्ते भर में Nifty IT इंडेक्स 8.2% गिरा — अप्रैल 2025 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट।
J.P. Morgan का क्या कहना है? J.P. Morgan के एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशकों को चिंता है कि AI की वजह से क्लाइंट अपने बजट को री-एलोकेट कर सकते हैं, जिससे भारतीय IT कंपनियां ग्रोथ टारगेट मिस कर सकती हैं।
हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि यह मान लेना “overly simplistic” है कि AI खुद-ब-खुद enterprise grade सॉफ्टवेयर बना देगा और IT सर्विस कंपनियों की जरूरत खत्म हो जाएगी। “IT सर्विस कंपनियां टेक दुनिया की plumbers जैसी हैं।
अगर enterprise सॉफ्टवेयर AI एजेंट्स से दोबारा लिखा भी जाए, तो उसे सही से चलाने और एंटरप्राइज कॉन्टेक्स्ट में फिट करने के लिए बड़ी सर्विस सपोर्ट की जरूरत होगी।”
शुक्रवार को रिकवरी क्यों आई? Centrum Broking के Piyush Pandey के मुताबिक, दिन में आई रिकवरी “buying the dip” की वजह से थी। निवेशकों को गिरावट के बाद वैल्यूएशन आकर्षक लगे। उन्होंने कहा कि AI के खतरे को लेकर ओवर-रिएक्शन हुआ है। AI के दौर में भी IT कंपनियां प्रासंगिक रहेंगी, बस उनका हेडकाउंट थोड़ा lean हो सकता है।
असली चिंता क्या है? Henderson Far East Income के पोर्टफोलियो मैनेजर Sat Duhra का मानना है कि IT कंपनियां AI को अवसर में कैसे बदलेंगी, यह बात निवेशकों तक साफ तरीके से नहीं पहुंचा पाई हैं। यानी डर सिर्फ AI का नहीं है — बल्कि यह भी है कि कंपनियां अपनी रणनीति और भविष्य की योजना कितनी मजबूती से समझा पा रही हैं।
फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, और निवेशक देख रहे हैं कि AI भारतीय IT सेक्टर के लिए खतरा साबित होगा या अगला बड़ा मौका।
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