आज रात राजस्थान के जैसलमेर समेत पश्चिमी इलाकों में स्ट्रॉबेरी मून का खूबसूरत नजारा देखने को मिल सकता है। शाम करीब 7 बजे के बाद उगने वाला पूर्ण चंद्रमा क्षितिज के पास सुनहरा दिखाई देगा। साफ आसमान और कम रोशनी की वजह से जैसलमेर इस खगोलीय घटना को देखने के लिए सबसे बेहतर जगहों में माना जा रहा है। इसे देखने के लिए किसी दूरबीन की जरूरत नहीं है, सिर्फ खुला और साफ आसमान होना चाहिए।
आज रात राजस्थान के लोगों को आसमान में एक खास नजारा देखने का मौका मिल सकता है। 29 जून की शाम के बाद साल का पहला पूर्ण चंद्रमा यानी स्ट्रॉबेरी मून दिखाई देगा। अगर मौसम साफ रहा तो जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर और पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में यह नजारा काफी सुंदर दिख सकता है। खुले आसमान और कम रोशनी की वजह से रेगिस्तान में चांद को साफ देखना आसान होता है।
खगोल विज्ञान से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, शाम करीब 7 बजे के बाद चांद धीरे-धीरे आसमान में उगना शुरू करेगा। जब चांद जमीन के पास यानी क्षितिज के करीब होगा, तब उसका रंग हल्का सुनहरा या नारंगी जैसा दिखाई दे सकता है। यही समय सबसे सुंदर माना जाता है। जैसलमेर का रेगिस्तान इस नजारे के लिए सबसे अच्छी जगहों में गिना जाता है। यहां दूर-दूर तक खुला इलाका है और रात में कृत्रिम रोशनी बहुत कम होती है। इसलिए चांद और आसमान दोनों साफ दिखाई देते हैं। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां रात के आसमान को देखने पहुंचते हैं।
आखिर इसे स्ट्रॉबेरी मून क्यों कहते हैं? बहुत से लोगों को लगता है कि इस दिन चांद का रंग स्ट्रॉबेरी यानी गुलाबी हो जाता है। लेकिन यह सही नहीं है। चांद का रंग नहीं बदलता। असल में "स्ट्रॉबेरी मून" नाम उत्तरी अमेरिका की एल्गोंक्विन जनजाति ने रखा था। उनके यहां जून के महीने में स्ट्रॉबेरी की फसल तैयार होती थी। इसलिए जून की पूर्णिमा को उन्होंने स्ट्रॉबेरी मून कहना शुरू किया। बाद में यही नाम दुनिया भर में मशहूर हो गया।
चांद सुनहरा क्यों दिखाई देता है? जब चांद आसमान में नीचे होता है, तब उसकी रोशनी को पृथ्वी के वातावरण से होकर गुजरना पड़ता है। हवा में मौजूद धूल और नमी के कारण उसकी रोशनी हल्की पीली, सुनहरी या नारंगी दिखाई देती है। इसका मतलब यह नहीं है कि चांद का असली रंग बदल गया है। कुछ देर बाद जब चांद ऊपर आ जाता है, तब वह फिर से सामान्य सफेद रंग का दिखाई देने लगता है।
स्ट्रॉबेरी मून कितने दिन तक दिखाई देगा? यह पूर्णिमा केवल एक रात तक सीमित नहीं रहेगी। खगोल विज्ञान से जुड़ी जानकारी के अनुसार 28, 29 और 30 जून की रात भी चांद लगभग पूरा दिखाई देगा। अगर आज बादलों की वजह से चांद साफ नहीं दिखता है तो अगले दिन भी इसे देखा जा सकता है।
चांद देखने के लिए क्या करना होगा? इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए किसी महंगे उपकरण की जरूरत नहीं है। इसे बिना दूरबीन के भी देखा जा सकता है। अगर आप स्ट्रॉबेरी मून देखना चाहते हैं तो शाम को सूर्यास्त के कुछ समय बाद किसी ऐसी जगह जाएं जहां सामने खुला आसमान हो। कोशिश करें कि आसपास बहुत ज्यादा रोशनी न हो। छत, खेत, खुला मैदान या रेगिस्तान जैसी जगह सबसे अच्छी मानी जाती है।
जैसलमेर क्यों है सबसे खास? राजस्थान का जैसलमेर अपने सुनहरे रेगिस्तान के लिए जाना जाता है। यहां रात में आसमान काफी साफ दिखाई देता है। शहर की तुलना में यहां रोशनी कम होती है, इसलिए चांद और तारे ज्यादा साफ नजर आते हैं।
इसी वजह से कई लोग खास तौर पर जैसलमेर जाकर रात के आसमान का आनंद लेते हैं। रेगिस्तान में बैठकर चांद को देखना एक अलग ही अनुभव माना जाता है। पर्यटकों के लिए भी खास मौका स्ट्रॉबेरी मून केवल खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यटकों के लिए भी खास मौका है। जैसलमेर के कई डेजर्ट कैंप और पर्यटन स्थल रात के समय खुले आसमान में बैठने और चांद देखने का अनुभव कराते हैं। ऐसे समय में देश-विदेश से आए पर्यटक रेगिस्तान में बैठकर चांद और तारों का आनंद लेते हैं। इस तरह की प्राकृतिक घटनाएं जैसलमेर के पर्यटन को भी नई पहचान देती हैं।
सोशल मीडिया पर भी रहती है चर्चा हर साल स्ट्रॉबेरी मून की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब साझा किए जाते हैं। लोग अपने मोबाइल और कैमरे से चांद की तस्वीरें खींचते हैं और उन्हें इंटरनेट पर पोस्ट करते हैं। इस वजह से यह खगोलीय घटना हर साल चर्चा का विषय बन जाती है। बच्चों के लिए सीखने का मौका
स्ट्रॉबेरी मून केवल एक सुंदर नजारा नहीं है। यह बच्चों और युवाओं के लिए अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान को समझने का भी अच्छा अवसर है। ऐसी घटनाओं के जरिए लोग चांद, पृथ्वी और अंतरिक्ष के बारे में नई बातें सीखते हैं। कई स्कूल और विज्ञान से जुड़े संस्थान भी ऐसे मौकों पर लोगों को आसमान देखने के लिए प्रेरित करते हैं।
आज रात कहां देखें? अगर आप जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर या पश्चिमी राजस्थान के किसी इलाके में हैं और मौसम साफ है, तो आज रात चांद का सुंदर नजारा देखने को मिल सकता है। शाम करीब 7 बजे के बाद पूर्व-दक्षिण दिशा की ओर नजर रखें। चांद जब धीरे-धीरे ऊपर आएगा तो उसका सबसे सुंदर रूप दिखाई देगा।
मौसम भी दे सकता है साथ इस समय राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। ऐसे में आसमान साफ रहने की संभावना है। साफ मौसम होने पर चांद को देखना और आसान हो जाएगा। अगर आपके इलाके में बादल नहीं हैं तो आज की रात यादगार बन सकती है।
एक यादगार शाम रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच आज की शाम कुछ देर अपने परिवार के साथ छत, आंगन या किसी खुले स्थान पर बिताई जा सकती है। बिना किसी खर्च के प्रकृति का यह सुंदर नजारा देखा जा सकता है। स्ट्रॉबेरी मून हर साल आता है, लेकिन हर बार इसे देखने का अनुभव अलग होता है। अगर मौसम साथ देता है तो आज रात राजस्थान के आसमान में यह खूबसूरत दृश्य लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।
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