जोधपुर में जून के अंतिम दिनों में तेज़ गर्मी का असर बना हुआ है। निजी मौसम एजेंसी AccuWeather के आंकड़ों और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा आउटलुक के बीच लोगों को धूप और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
"जोधपुर में जून के आखिरी सप्ताह के दौरान गर्मी का असर लगातार महसूस किया जा रहा है। निजी मौसम एजेंसी AccuWeather के मासिक पूर्वानुमान के अनुसार जून 2026 में शहर का औसत अधिकतम तापमान करीब 101 डिग्री फ़ारेनहाइट रहा, जबकि अधिकांश दिनों में अधिकतम तापमान 97 से 103 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच दर्ज होने का अनुमान है। रात के समय भी तापमान अपेक्षाकृत ऊंचा रहने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।
इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 जून से 2 जुलाई तक के विस्तारित तापमान आउटलुक में उत्तर और पूर्व भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना जताई है। विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों में हीटवेव तथा कुछ स्थानों पर गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.
6 से 3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। कुछ स्थानों पर यह अंतर 3. 1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
हालांकि IMD की इस चेतावनी में जोधपुर का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत और राजस्थान के कई हिस्सों में सामान्य से ऊपर तापमान रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में पश्चिमी राजस्थान के शहरों में भी गर्मी का प्रभाव बना रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार गर्म दिन और अपेक्षाकृत गर्म रातें शरीर पर अतिरिक्त हीट स्ट्रेस का कारण बन सकती हैं, भले ही तापमान नए रिकॉर्ड न बनाए।
गर्मी का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ता है जो लंबे समय तक खुले में काम करते हैं। निर्माण कार्य, परिवहन, कृषि और सड़क किनारे कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दोपहर के समय धूप में लगातार रहना स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ा सकता है। अधिक तापमान के दौरान शरीर में पानी की कमी, थकावट और लू जैसी समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है।
IMD ने अपनी एडवायजरी में लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी और अन्य घरेलू पेय का सेवन करने की सलाह दी है। विभाग ने विशेष रूप से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की भी सलाह दी है। किसी व्यक्ति में चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।
गर्मी का असर केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता बल्कि कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग द्वारा जारी कृषि सलाह में किसानों को फसलों में आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करने, मल्चिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करने और अधिक तापमान से संवेदनशील फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छायादार स्थान उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।
जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में गर्मी के इस दौर के बीच बिजली और पानी की मांग बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है। ऐसे मौसम में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने और मौसम विभाग द्वारा जारी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
IMD के 3 से 9 जुलाई के विस्तारित पूर्वानुमान में व्यापक स्तर पर किसी बड़े हीटवेव प्रकरण की संभावना नहीं जताई गई है। फिर भी उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में मौसम में पूरी राहत मिलने तक सावधानी बरतना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
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