पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन तीन मंजिला वेयरहाउस ढहने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद मलबे में कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई गई, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने में जुटीं।अधिकारियों के अनुसार, घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है, जबकि प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
"पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन तीन मंजिला वेयरहाउस के अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 18 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अधिकारियों को आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों के साथ विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि दबे हुए लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके। बचाव दल प्राथमिकता के आधार पर जीवित लोगों की तलाश में जुटा है।
जानकारी के मुताबिक हादसा उस समय हुआ जब निर्माणाधीन ढांचे में मजदूर और अन्य कर्मचारी मौजूद थे। इमारत गिरने के बाद पूरे परिसर में मलबा फैल गया और वहां काम कर रहे कई लोग उसकी चपेट में आ गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
घटना के बाद राज्य सरकार ने राहत कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जब तक यह पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति नहीं फंसा है, तब तक बचाव अभियान जारी रहेगा। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए घटना की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों का उपचार सुनिश्चित करने पर है।
यह हादसा निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञ स्तर की किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट के सामने आने से पहले दुर्घटना के वास्तविक कारणों पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी, लेकिन निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन और नियमित निरीक्षण ऐसे मामलों में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
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बढ़ते शहरी विकास के साथ निर्माण परियोजनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भवन निर्माण से जुड़े नियमों, इंजीनियरिंग मानकों और साइट की निगरानी का सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है ताकि मजदूरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। निर्माणाधीन इमारतों में काम करने वाले श्रमिक सबसे अधिक जोखिम का सामना करते हैं, इसलिए सुरक्षा उपकरणों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रशासन ने लोगों से हादसे वाली जगह के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील की है ताकि राहत और बचाव कार्य प्रभावित न हो। अधिकारियों के अनुसार बचाव अभियान पूरा होने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही हादसे के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
कोलकाता गोदाम हादसा, तारातला वेयरहाउस हादसा, निर्माणाधीन इमारत ढही, कोलकाता रेस्क्यू ऑपरेशन, निर्माण सुरक्षा, श्रमिक सुरक्षा"
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