Spotify का दावा: हमारे बेस्ट डेवलपर्स ने दिसंबर से एक भी लाइन कोड नहीं लिखी — AI कर रहा है काम
2/13/2026, 3:32:00 PM
Spotify में AI कोडिंग बड़ा बदलाव ला रही है। कंपनी के को-CEO गुस्ताव सोडरस्टॉम के अनुसार, उनके टॉप डेवलपर्स दिसंबर से खुद कोड नहीं लिख रहे, बल्कि AI टूल्स की मदद से काम कर रहे हैं। Spotify का इंटरनल सिस्टम “Honk” और Claude Code जैसे जेनरेटिव AI टूल्स कोडिंग और डिप्लॉयमेंट की स्पीड काफी बढ़ा रहे हैं। इंजीनियर Slack के जरिए AI को बग ठीक करने या फीचर जोड़ने का निर्देश दे सकते हैं। 2025 में Spotify ने 50+ नए फीचर्स लॉन्च किए, जिनमें AI आधारित Prompted Playlists और ऑडियोबुक फीचर्स शामिल हैं। कंपनी एक खास म्यूजिक डेटा सेट भी तैयार कर रही है, जिसे दूसरे AI मॉडल आसानी से कॉपी नहीं कर सकेंगे। साथ ही, AI-जनरेटेड म्यूजिक और स्पैम पर निगरानी भी रखी जा रही है।
क्या AI कोडिंग अब टर्निंग पॉइंट पर पहुंच गई है? कम से कम Spotify के मामले में तो ऐसा ही लगता है। कंपनी ने अपनी चौथी तिमाही की अर्निंग्स कॉल में बताया कि उसके “सबसे अच्छे डेवलपर्स ने दिसंबर से एक भी लाइन कोड नहीं लिखी है।” यह बात Spotify के को-CEO गुस्ताव सोडरस्टॉम ने कही। साथ ही उन्होंने बताया कि कंपनी AI की मदद से डेवलपमेंट की रफ्तार तेज कर रही है। Spotify ने बताया कि उसने 2025 के दौरान अपने स्ट्रीमिंग ऐप में 50 से ज्यादा नए फीचर्स और बदलाव लॉन्च किए। हाल ही में AI आधारित Prompted Playlists, ऑडियोबुक्स के लिए Page Match और About This Song जैसे फीचर्स भी शुरू किए गए हैं। कंपनी के इंजीनियर “Honk” नाम के एक इंटरनल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे कोडिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की स्पीड बढ़ी है। इस सिस्टम में जेनरेटिव AI, खास तौर पर Claude Code, का उपयोग होता है। सोडरस्टॉम ने उदाहरण देते हुए कहा, “Spotify का कोई इंजीनियर सुबह ऑफिस जाते समय अपने फोन पर Slack से Claude को कह सकता है कि iOS