आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले में भारत की आज़ादी के बाद पहली निजी सोने की खदान Swarnagiri (Jonnagiri) शुरू हुई है। इस परियोजना में लगभग ₹405 करोड़ का निवेश हुआ है और इसे Geomysore Services India Pvt Ltd चला रही है। शुरुआत में यह खदान सालाना करीब 400 किलोग्राम सोना उत्पादन करेगी, जो आगे चलकर लगभग 1–2 टन तक बढ़ सकता है। इससे करीब 700 लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले में स्थित स्वर्णगिरि (पहले जॉननागिरी/Jonnagiri) में भारत की आज़ादी के बाद पहली निजी सोने की खदान ने औपचारिक रूप से संचालन शुरू कर दिया है। इसे देश के खनन और निवेश क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
परियोजना कहाँ है? स्थान: कर्नूल जिला, आंध्र प्रदेश गांव का नया नाम: Swarnagiri (पहले Jonnagiri) परियोजना क्षेत्र: लगभग 598 हेक्टेयर (तुग्गली मंडल) यह भारत की पहली operational private primary gold mine है
कौन चला रहा है यह प्रोजेक्ट? इस खदान का संचालन एक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है: Geomysore Services India Pvt Ltd (GMSI) इसके अलावा सहयोगी कंपनियां: Deccan Gold Mines Ltd Lloyds Metals and Energy Thriveni Group
निवेश और लागत कुल निवेश: लगभग ₹405 करोड़ यह पैसा खनन, प्रोसेसिंग यूनिट, मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाया गया है
उत्पादन और क्षमता सरकारी और कंपनी अनुमानों के अनुसार: शुरुआती उत्पादन: लगभग 400 किलोग्राम सोना (2026-27) भविष्य में उत्पादन: लगभग 1 टन प्रति वर्ष आगे विस्तार के बाद क्षमता: 2 टन प्रति वर्ष तक
रोजगार और स्थानीय प्रभाव लगभग 700 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना इनमें से करीब 80% स्थानीय लोग होंगे खनन क्षेत्र में नई नौकरियां और व्यवसाय के अवसर बढ़ेंगे
सरकार को फायदा राज्य सरकार को रॉयल्टी और टैक्स से आय होगी अनुमानित कमाई: 400 किग्रा उत्पादन पर लगभग ₹57 करोड़ सालाना 900 किग्रा उत्पादन पर लगभग ₹144 करोड़ सालाना
पानी और संसाधन व्यवस्था परियोजना को Handri-Neeva Sujala Sravanthi scheme से पानी मिलेगा लगभग 0.021 TMC पानी पाइपलाइन के जरिए उपयोग होगा 18 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बनाई गई है
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास? भारत की आजादी के बाद पहली निजी गोल्ड माइन देश में निजी खनन (private mining) का बड़ा उदाहरण सोने के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम
भविष्य की योजनाएं दूसरी प्रोसेसिंग यूनिट की नींव रखी जाएगी उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की योजना नए निवेशकों को आकर्षित करने की संभावना
निष्कर्ष कर्नूल का स्वर्णगिरि गोल्ड प्रोजेक्ट भारत के खनन इतिहास में एक बड़ा बदलाव है। यह परियोजना न केवल सोने के उत्पादन को बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार, निवेश और देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगी।
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