राजस्थान सोलरपार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड ने भड़ला सोलर पार्क में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किया है। परियोजना का उद्देश्य सौर उत्पादन के बाद के घंटों में उपलब्ध ट्रांसमिशन क्षमता का बेहतर उपयोग करना है।
"राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। राजस्थान सोलरपार्क डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (RSDCL) ने 680 मेगावॉट क्षमता वाले भड़ला सोलर पार्क में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) स्थापित करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) जारी किया है। इस पहल का मकसद सौर ऊर्जा उत्पादन कम होने या बंद रहने वाले घंटों में भी उपलब्ध ट्रांसमिशन नेटवर्क का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
भड़ला सोलर पार्क देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख सौर ऊर्जा केंद्रों में गिना जाता है। दिन के समय बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन होने के बावजूद कई बार ट्रांसमिशन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाता। बैटरी स्टोरेज सिस्टम इस चुनौती का समाधान प्रदान कर सकता है, क्योंकि यह अतिरिक्त बिजली को संग्रहित कर बाद में जरूरत के समय ग्रिड को उपलब्ध कराता है।
RSDCL ने इस परियोजना के लिए डेवलपर-लीड मॉडल अपनाने का फैसला किया है। इसके तहत चयनित निजी डेवलपर परियोजना की डिजाइनिंग, वित्त व्यवस्था, निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा। दूसरी ओर, कंपनी परियोजना के लिए भूमि और आवश्यक बुनियादी ढांचे का सहयोग उपलब्ध कराएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य निजी निवेश और तकनीकी विशेषज्ञता को परियोजना से जोड़ना है।
कंपनी ने परियोजना की कन्सेशन अवधि 15 वर्ष निर्धारित की है। इच्छुक कंपनियों और डेवलपर्स से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई 2026 तय की गई है। EoI प्रक्रिया के माध्यम से संभावित निवेशकों और डेवलपर्स की रुचि तथा तकनीकी क्षमताओं का आकलन किया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की भूमिका लगातार बढ़ रही है। सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में उत्पादन मौसम और समय पर निर्भर रहता है। ऐसे में स्टोरेज सिस्टम ऊर्जा को सुरक्षित रखकर मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है। इससे बिजली ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने और ट्रांसमिशन नेटवर्क के बेहतर उपयोग की संभावना रहती है।
राजस्थान पहले से ही देश के प्रमुख सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार और उससे जुड़ी एजेंसियां बड़े पैमाने पर सौर तथा ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। इसी क्रम में जनवरी 2026 में RSDCL ने 2,450 मेगावॉट सौर परियोजनाओं के साथ 1,600 मेगावॉट/6,400 मेगावॉट-घंटा क्षमता वाले BESS के लिए भी निविदा प्रक्रिया शुरू की थी।
विशेषज्ञों के अनुसार ऊर्जा भंडारण अवसंरचना के विस्तार से नवीकरणीय ऊर्जा की उपयोगिता बढ़ती है और बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक लचीली बनती है। भड़ला सोलर पार्क में प्रस्तावित यह परियोजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे सौर ऊर्जा उत्पादन के बाद के घंटों में ट्रांसमिशन क्षमता का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा और राज्य की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति को अतिरिक्त समर्थन मिलेगा।
फिलहाल कंपनी ने इच्छुक डेवलपर्स से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। EoI प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की चयन और विकास प्रक्रिया तय की जाएगी।
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