सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर PM Internship Scheme 2026 के नाम से वायरल हो रहे कई संदेश भ्रामक हैं। इनमें युवाओं से 499 या 999 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस मांगी जा रही है और नौकरी की गारंटी देने का दावा किया जा रहा है। जबकि सरकार की असली PM Internship Scheme में आवेदन पूरी तरह मुफ्त है और यह केवल इंटर्नशिप का अवसर देती है, नौकरी की गारंटी नहीं।
सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर PM Internship Scheme 2026 के नाम पर कई भ्रामक संदेश वायरल हो रहे हैं। इनमें युवाओं से 499 या 999 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस मांगी जा रही है और नौकरी का वादा किया जा रहा है। जबकि सरकार की असली PM Internship Scheme में आवेदन पूरी तरह मुफ्त है। यह योजना इंटर्नशिप के लिए है, गारंटीड नौकरी के लिए नहीं। विशेषज्ञों ने युवाओं को केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही आवेदन करने की सलाह दी है। इन दिनों सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है। इस संदेश में दावा किया जा रहा है कि "PM Internship Scheme 2026" के तहत युवाओं को सरकारी नौकरी या बड़ी सैलरी वाली नौकरी दी जाएगी। कई संदेशों में यह भी कहा जा रहा है कि आवेदन करने के लिए 499 रुपये या 999 रुपये की फीस जमा करनी होगी।
पहली नजर में यह ऑफर काफी आकर्षक लगता है। सरकारी योजना का नाम, प्रधानमंत्री की तस्वीर और सरकारी लोगो जैसे दिखने वाले चिन्ह देखकर कई लोगों को यह पूरी तरह असली लग सकता है। लेकिन जब इन दावों की जांच की गई तो तस्वीर कुछ और ही सामने आई। असल में सरकार की PM Internship Scheme मौजूद है, लेकिन वायरल संदेशों में किए जा रहे कई दावे गलत और भ्रामक हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना में आवेदन करने के लिए किसी तरह की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाती।
यही कारण है कि विशेषज्ञ और साइबर सुरक्षा एजेंसियां लोगों को सावधान रहने की सलाह दे रही हैं। क्या है PM Internship Scheme? PM Internship Scheme युवाओं को बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका देने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना है। इसका मकसद छात्रों और युवाओं को काम का अनुभव दिलाना है ताकि वे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
यह योजना युवाओं को सीधे नौकरी देने की योजना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें प्रशिक्षण और कार्य अनुभव उपलब्ध कराना है। योजना के तहत चयनित युवाओं को देश की प्रमुख कंपनियों में काम सीखने का अवसर मिलता है। इसके साथ उन्हें स्टाइपेंड यानी मासिक आर्थिक सहायता भी दी जाती है।
कहां से शुरू हुआ भ्रम? पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर कई ऐसे लिंक शेयर किए जा रहे हैं जो खुद को PM Internship Scheme का आधिकारिक पोर्टल बताते हैं। इन वेबसाइटों पर लोगों से कहा जाता है कि वे जल्दी आवेदन करें क्योंकि सीटें सीमित हैं। इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन फीस मांगी जाती है।
कुछ मामलों में लोगों से आधार कार्ड, बैंक खाता, पैन कार्ड और अन्य निजी दस्तावेज भी मांगे जाते हैं। यहीं से धोखाधड़ी की शुरुआत होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठग अक्सर लोगों की नौकरी पाने की इच्छा का फायदा उठाते हैं। वे सरकारी योजनाओं का नाम इस्तेमाल करके भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं और फिर पैसे या निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं।
क्या आवेदन के लिए फीस देनी होती है? नहीं। यही सबसे बड़ा झूठा दावा है जो वायरल संदेशों में किया जा रहा है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार PM Internship Scheme में आवेदन पूरी तरह मुफ्त है। किसी भी उम्मीदवार को आवेदन के लिए 499 रुपये, 999 रुपये या किसी अन्य राशि का भुगतान नहीं करना पड़ता।
यदि कोई वेबसाइट या व्यक्ति आवेदन के नाम पर पैसे मांग रहा है तो यह संदेह का बड़ा कारण हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में फीस से जुड़ी जानकारी हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से दी जाती है। इसलिए किसी भी भुगतान से पहले जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। क्या इस योजना में नौकरी की गारंटी मिलती है? वायरल संदेशों में दावा किया जा रहा है कि योजना के तहत सभी युवाओं को नौकरी मिलेगी।
लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह दावा भी सही नहीं है। PM Internship Scheme एक इंटर्नशिप कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य युवाओं को काम सीखने और अनुभव हासिल करने का अवसर देना है। इंटर्नशिप पूरी होने के बाद नौकरी मिलना या न मिलना संबंधित कंपनी और उम्मीदवार की योग्यता पर निर्भर करता है।
योजना में कहीं भी सभी आवेदकों को नौकरी की गारंटी देने की बात नहीं कही गई है। इसलिए "गारंटीड जॉब" का दावा भ्रामक माना जा रहा है। आवेदन का सही तरीका क्या है? विशेषज्ञों के अनुसार आवेदन केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल के माध्यम से किया जाना चाहिए। असली पोर्टल सरकार से जुड़ा होता है और उसका डोमेन .gov.in पर समाप्त होता है।
आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवार को अपनी जानकारी दर्ज करनी होती है और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। किसी एजेंट, बिचौलिए या निजी व्यक्ति की मदद लेना जरूरी नहीं होता।
यदि कोई व्यक्ति दावा करे कि वह पैसे लेकर चयन सुनिश्चित करा सकता है, तो ऐसे दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। साइबर ठग कैसे काम करते हैं? ऑनलाइन ठगी करने वाले लोग अक्सर लोगों की जरूरतों और भावनाओं का फायदा उठाते हैं।
जब नौकरी की तलाश कर रहा कोई युवा "सरकारी योजना" या "प्रधानमंत्री योजना" जैसे शब्द देखता है तो उसका भरोसा जल्दी बन जाता है।
ठग इसी भरोसे का इस्तेमाल करते हैं। वे नकली वेबसाइट बनाते हैं, सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाते हैं और व्हाट्सऐप ग्रुपों में लिंक भेजते हैं। कुछ मामलों में लोगों को कॉल भी किए जाते हैं और चयन सुनिश्चित कराने का दावा किया जाता है। इसके बाद उनसे पैसे या निजी जानकारी मांगी जाती है।
किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? यदि किसी योजना में आवेदन के लिए तुरंत पैसे जमा करने का दबाव बनाया जा रहा हो तो सावधान हो जाएं। अगर कोई वेबसाइट सरकारी होने का दावा कर रही है लेकिन उसका पता संदिग्ध लग रहा है तो उसकी जांच करें।
किसी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, बैंक विवरण, ओटीपी या पासवर्ड जैसी जानकारी कभी साझा न करें। केवल सोशल मीडिया पोस्ट देखकर किसी योजना को असली न मानें। हमेशा संबंधित मंत्रालय या सरकारी वेबसाइट पर जाकर जानकारी की पुष्टि करें।
युवाओं को क्यों बनाया जाता है निशाना? भारत में लाखों युवा नौकरी और इंटर्नशिप की तलाश में रहते हैं। ऐसे में जब उन्हें किसी सरकारी योजना के तहत रोजगार या प्रशिक्षण का अवसर दिखाई देता है तो वे तुरंत रुचि दिखाते हैं। ठग इसी स्थिति का फायदा उठाते हैं।
वे आकर्षक संदेश तैयार करते हैं और कम समय में आवेदन करने का दबाव बनाते हैं ताकि लोग बिना जांच किए पैसे जमा कर दें। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
परिवारों को भी रहना होगा सतर्क ऑनलाइन ठगी केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। कई बार माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्य भी ऐसे संदेशों पर भरोसा कर लेते हैं और अपने बच्चों के लिए आवेदन करने की कोशिश करते हैं।
इसलिए जरूरी है कि परिवार के सभी सदस्य किसी भी योजना की जानकारी आधिकारिक स्रोत से जांचें। किसी भी भुगतान से पहले वेबसाइट और दस्तावेजों की पुष्टि करें। अगर ठगी का शक हो तो क्या करें? यदि किसी लिंक, वेबसाइट या संदेश पर संदेह हो तो उस पर अपनी जानकारी दर्ज न करें।
यदि गलती से पैसे भेज दिए गए हैं या निजी जानकारी साझा हो गई है तो तुरंत संबंधित बैंक और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। संदिग्ध वेबसाइट या संदेश की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर भी की जा सकती है।
इससे अन्य लोगों को भी नुकसान से बचाया जा सकता है। फैक्ट चेक: दावा और सच्चाई दावा: PM Internship Scheme 2026 में आवेदन के लिए 499 या 999 रुपये की फीस देना जरूरी है और इसके बाद नौकरी की गारंटी मिलेगी।
सच्चाई: PM Internship Scheme एक वास्तविक सरकारी योजना है, लेकिन आवेदन मुफ्त है। इसमें किसी तरह की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाती। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम है, नौकरी की गारंटी देने वाली योजना नहीं है।
निष्कर्ष PM Internship Scheme 2026 के नाम पर वायरल हो रहे कई संदेश अधूरी या गलत जानकारी फैला रहे हैं। योजना असली है, लेकिन आवेदन के लिए फीस मांगने और नौकरी की गारंटी देने वाले दावे सही नहीं हैं। युवाओं को किसी भी लिंक पर क्लिक करने या पैसे जमा करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी की जांच करनी चाहिए। थोड़ी सी सावधानी ऑनलाइन ठगी से बचा सकती है और सही जानकारी तक पहुंचने में मदद कर सकती है।
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