जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना और राजश्री योजना के तहत दी जाने वाली राशि में गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पता चला कि अगस्त 2015 से मार्च 2025 के बीच डीबीटी भुगतान में करीब 9.42 लाख रुपये की अनियमितता हुई। राज्य स्तर की समीक्षा और जिला जांच में सॉफ्टवेयर से किए गए भुगतानों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। इस मामले में डेटा एंट्री ऑपरेटर अनिल विश्नोई का नाम सामने आया है और अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई गई है। अस्पताल प्रशासन ने शास्त्रीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। दोनों योजनाओं के तहत प्रसूताओं को ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये, शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये और कन्या जन्म पर 2500 रुपये की पहली किश्त डीबीटी के जरिए सीधे खाते में भेजी जाती है।
मथुरादास माथुर अस्पताल में प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना और राजश्री योजना के तहत दी जाने वाली राशि में घोटाला सामने आया है। जानिए पूरा मामला... जोधपुर: डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज से जुड़े मथुरादास माथुर अस्पताल में प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना और राजश्री योजना के तहत मिलने वाली रकम में गड़बड़ी सामने आई है।
इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने शास्त्रीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। बताया गया है कि एमडीएम अस्पताल में डीबीटी भुगतान में 9.42 लाख रुपये की अनियमितता मिली है। साल 2015 से 2025 तक की जांच की शुरुआत में यह खुलासा हुआ।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरहित ने बताया कि राज्य स्तर पर की गई गहन समीक्षा में पहली नजर में अनियमितताओं की आशंका मिली। जिला स्तरीय जांच टीम की शुरुआती जांच में यह पक्का हुआ कि अगस्त 2015 से मार्च 2025 के बीच जननी सुरक्षा योजना और राजश्री योजना के तहत सॉफ्टवेयर से किए गए भुगतानों में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं।
जांच में अनियमितता की पुष्टि: विभागीय जांच में भुगतान की जांच और स्वीकृति देने वाले कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत भी सामने आई है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक सूची में दिए गए बैंक खातों में कुल 9,42,447 रुपये के गबन का मामला सामने आया है।
इस मामले में एमडीएम अस्पताल में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर अनिल विश्नोई का नाम रिकॉर्ड से सामने आया है। साथ ही अन्य संबंधित कर्मचारियों की संलिप्तता से ज्यादा राशि के गबन की संभावना भी जताई गई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच: योजनाओं का संचालन स्वास्थ्य विभाग के तहत होता है।
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Netgram Team. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.
विभाग द्वारा एमडीएम अस्पताल के मातृ शिशु विंग में प्रसूताओं को ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। कन्या के जन्म पर पहली किश्त के रूप में 2500 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए सीधे खाते में भेजी जाती है।
संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जोन जोधपुर ने अस्पताल को जानकारी दी कि राज्य स्तर की गहन समीक्षा में दोनों योजनाओं में पहली नजर में अनियमितताएं पाई गई हैं।