राजस्थान में मानसून पूर्व मौसम गतिविधियां तेज हो गई हैं और मौसम विभाग ने अगले 4–5 दिनों तक आंधी, बारिश और मेघगर्जन की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों में जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, कोटा और अजमेर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं बीकानेर, जैसलमेर, फलौदी और जोधपुर के कुछ क्षेत्रों में धूलभरे अंधड़ और हल्की बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार 22 जून तक राज्य के कई हिस्सों में खंड वर्षा, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू सहित कुछ जिलों में 30–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। वज्रपात को लेकर कुछ इलाकों में येलो और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
राजस्थान में मानसून से पहले का मौसम एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनी के अनुसार राज्य में अगले 4–5 दिनों तक आंधी, बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूलभरे अंधड़ और हल्की बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग ने 22 जून तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में खंड वर्षा, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
राज्य के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से गर्मी और उमस का प्रभाव बना हुआ था। दिन के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। ऐसे में बारिश की गतिविधियों ने मौसम में बदलाव लाया है। कई इलाकों में बादल छाने और बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, कोटा और अजमेर सहित कई जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। कई स्थानों पर बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रही। बारिश के कारण वातावरण में ठंडक महसूस की गई और लंबे समय से चल रही गर्म हवाओं का असर कुछ कम हुआ। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में भी मौसम ने करवट ली। बीकानेर संभाग के कई इलाकों के साथ-साथ जैसलमेर, फलौदी और जोधपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में देर रात धूलभरे अंधड़ देखने को मिले। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई। इन गतिविधियों ने पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम को सुहावना बनाया, जहां सामान्यतः इस समय गर्म और शुष्क परिस्थितियाँ बनी रहती हैं।
मौसम विभाग के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार आज दिनभर जयपुर, अजमेर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिसके चलते लोगों को मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है।
शाम के समय बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएँ चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। तेज हवाओं के कारण दृश्यता प्रभावित हो सकती है और सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए वज्रपात को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचें। विशेष रूप से पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि बिजली गिरने की घटनाएँ जान-माल के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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बारिश और आंधी का यह दौर आम लोगों के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। एक ओर तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएँ और धूलभरे अंधड़ कई तरह की समस्याएँ भी पैदा कर सकते हैं। शहरी क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण सड़कों पर पेड़ गिरने या मलबा जमा होने की आशंका रहती है, जिससे आवागमन प्रभावित हो सकता है।
धूलभरी हवाओं का असर विशेष रूप से उन लोगों पर पड़ सकता है जो लंबे समय तक खुले वातावरण में काम करते हैं। तेज अंधड़ के दौरान दृश्यता कम हो सकती है, जिससे वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। मौसम विभाग ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौसम का यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कच्चे मकानों, टीनशेड और पुराने ढांचों पर तेज हवाओं का प्रभाव पड़ सकता है। कई स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश होने से अस्थायी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी मौसम में अचानक होने वाला परिवर्तन लोगों को प्रभावित कर सकता है। तापमान में उतार-चढ़ाव और उमस भरे वातावरण के कारण कुछ लोगों को असुविधा महसूस हो सकती है। विशेषज्ञ पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बारिश में भीगने के बाद कपड़े बदलने की सलाह देते हैं। मौसम के बदलते स्वरूप को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी सामान्य सावधानियाँ अपनाना लाभदायक माना जाता है।
कृषि क्षेत्र के लिए भी यह मौसम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्री-मानसून बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ने लगती है, जिससे खरीफ फसलों की तैयारी को गति मिल सकती है। कई किसान इस समय बुवाई की तैयारी में जुटे रहते हैं और शुरुआती बारिश उनके लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बना सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज आंधी की संभावना बनी हुई है। ऐसी स्थिति में फसलों और कृषि ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम की ताज़ा जानकारी पर नजर रखने और उसी के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में बुवाई से पहले स्थानीय मौसम परिस्थितियों का आकलन करना आवश्यक है। यदि बारिश की गतिविधियाँ लगातार बनी रहती हैं तो खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध हो सकती है, जो खरीफ सीजन की फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। दूसरी ओर अत्यधिक तेज हवाएँ या ओलावृष्टि कृषि कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 22 जून तक राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अधिकांश स्थानों पर खंड वर्षा की संभावना बनी रहेगी। कई जिलों में अलग-अलग समय पर बारिश, आंधी और मेघगर्जन की गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं। मौसम का यह पैटर्न मानसून पूर्व गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है।
विभाग का यह भी अनुमान है कि 23 जून के बाद बारिश की गतिविधियाँ कुछ कमजोर पड़ सकती हैं। इसके बाद दो से तीन दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि इस दौरान तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक रह सकता है और उमस का प्रभाव बना रह सकता है।
राजस्थान में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी परिवर्तनशील रहने वाले हैं। कहीं बारिश होगी तो कहीं तेज हवाएँ चल सकती हैं। कुछ इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में आंधी और वज्रपात जैसी परिस्थितियों के कारण सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
कुल मिलाकर राज्य में अगले कुछ दिनों तक मिश्रित मौसम देखने को मिलेगा। एक ओर बारिश और बादलों की वजह से तापमान में कमी आएगी, तो दूसरी ओर आंधी, धूलभरी हवाएँ और वज्रपात जैसी गतिविधियाँ सतर्क रहने का संकेत देती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से नियमित मौसम अपडेट पर नजर रखने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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