सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शाहरुख खान को 22 हजार रुपये निवेश कर लाखों रुपये कमाने की सलाह देते दिखाया गया। जांच में पता चला कि यह डीपफेक वीडियो है और अभिनेता ने ऐसी किसी निवेश योजना का समर्थन नहीं किया है।
"सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान लोगों को एक कथित ""AI मनी मेकिंग प्लेटफॉर्म"" में निवेश करने की सलाह दे रहे हैं। वीडियो में कहा गया है कि 22 हजार रुपये का शुरुआती निवेश करके लोग बेहद कम समय में लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं।
वायरल क्लिप में शाहरुख खान को कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाया गया कि निवेशकों को एक दिन में 95 हजार रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है। वीडियो में यह दावा भी किया गया कि इस योजना के जरिए एक महीने में 25 से 30 लाख रुपये तक कमाना संभव है। आकर्षक कमाई के इन दावों ने कई सोशल मीडिया यूज़र्स का ध्यान खींचा और वीडियो तेजी से अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर फैलने लगा।
हालांकि, फैक्ट-चेक जांच में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और फर्जी साबित हुआ। फैक्ट-चेकिंग संस्था DFRAC ने वीडियो की पड़ताल करते हुए उस मूल इंटरव्यू की पहचान की, जिससे यह फुटेज ली गई थी। जांच में पाया गया कि वीडियो में इस्तेमाल किए गए विजुअल्स असली थे, लेकिन उनके साथ जो ऑडियो जोड़ी गई थी, वह मूल इंटरव्यू का हिस्सा नहीं थी।
वीडियो का बारीकी से विश्लेषण करने पर यह भी सामने आया कि ऑडियो और होठों की गतिविधि में स्पष्ट असमानता दिखाई देती है। यानी शाहरुख खान जो बोलते हुए दिखाई दे रहे थे, उनके होंठों की मूवमेंट और सुनाई देने वाली आवाज़ एक-दूसरे से मेल नहीं खा रही थीं। यह डीपफेक कंटेंट की पहचान करने वाले प्रमुख संकेतों में से एक माना जाता है।
आगे की जांच के लिए वीडियो की ऑडियो फाइल को एआई डिटेक्शन टूल Truth Scan पर भी परखा गया। जांच में संकेत मिले कि वीडियो में इस्तेमाल की गई आवाज़ सिंथेटिक तरीके से तैयार की गई थी। यानी किसी वास्तविक इंटरव्यू के वीडियो पर एआई से तैयार फर्जी ऑडियो सुपरइंपोज़ करके उसे विश्वसनीय दिखाने की कोशिश की गई।
जिस कथित निवेश प्लेटफॉर्म का जिक्र इस वायरल वीडियो में किया गया, उसके बारे में किसी आधिकारिक वेबसाइट, नियामकीय रिकॉर्ड या विश्वसनीय वित्तीय समाचार स्रोतों में कोई प्रमाणिक जानकारी नहीं मिली। ऐसे मामलों में अक्सर साइबर ठग मशहूर हस्तियों की लोकप्रियता का फायदा उठाकर लोगों को अवास्तविक मुनाफे का लालच देते हैं और उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करते हैं।
डिजिटल दौर में डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। कम लागत वाले एआई टूल्स की उपलब्धता ने वीडियो और ऑडियो के जरिए भ्रामक सामग्री तैयार करना आसान बना दिया है। ऐसे में यदि कोई सेलिब्रिटी अचानक किसी निवेश योजना, क्रिप्टो प्लेटफॉर्म, ट्रेडिंग स्कीम या त्वरित कमाई के दावे का प्रचार करता दिखाई दे, तो उस पर बिना जांच किए भरोसा नहीं करना चाहिए।
किसी भी ऐसे दावे की पुष्टि के लिए संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट, सत्यापित चैनलों और विश्वसनीय फैक्ट-चेक प्लेटफॉर्म्स की मदद ली जा सकती है। सरकारी स्तर पर PIB Fact Check जैसे माध्यम भी संदिग्ध दावों की जांच में उपयोगी साबित होते हैं।
फैक्ट चेक का निष्कर्ष साफ है। शाहरुख खान ने 22 हजार रुपये निवेश कर लाखों रुपये कमाने वाली किसी एआई मनी मेकिंग स्कीम का समर्थन नहीं किया है। वायरल वीडियो में इस्तेमाल किए गए दृश्य वास्तविक इंटरव्यू से लिए गए थे, लेकिन उनकी आवाज़ एआई तकनीक के जरिए तैयार की गई फर्जी ऑडियो थी। ऐसे दावे निवेश का अवसर नहीं, बल्कि ठगी की कोशिश भी हो सकते हैं। इसलिए किसी भी ""बहुत अच्छा लगने वाले"" ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।"
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