मायापुरी रेडिएशन हादसा (दिल्ली, 2010): भारत की सबसे गंभीर परमाणु दुर्घटनाओं में एक

2/12/2026, 3:01:00 PM

अप्रैल 2010 में दिल्ली के मायापुरी कबाड़ बाजार में भारत की सबसे गंभीर रेडिएशन दुर्घटनाओं में से एक हुई। दिल्ली विश्वविद्यालय से कबाड़ में बेचा गया एक उपकरण, जिसमें खतरनाक रेडियोधर्मी पदार्थ कोबाल्ट-60 था, स्क्रैप में पहुंच गया। मशीन तोड़ते समय मजदूर इसके सीधे संपर्क में आ गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से बीमार पड़े। जांच के बाद AERB और BARC की टीम ने रेडियोधर्मी स्रोत को सुरक्षित हटाया। घटना के बाद रेडियोधर्मी सामग्री के निपटान और निगरानी नियमों को और सख्त किया गया।

अप्रैल 2010 में पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी कबाड़ बाजार में हुई रेडिएशन दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। यह घटना सिर्फ एक स्थानीय हादसा नहीं थी, बल्कि भारत में रेडियोधर्मी सामग्री की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करने वाली त्रासदी थी। 📍 घटना की पृष्ठभूमि मायापुरी एशिया के बड़े स्क्रैप (कबाड़) बाजारों में से एक है। यहां रोज़ाना हजारों टन धातु और मशीनें खरीदी-बेची जाती हैं। मार्च–अप्रैल 2010 के दौरान एक स्क्रैप डीलर ने एक पुराना औद्योगिक उपकरण खरीदा, जो बाद में रेडियोधर्मी निकला। यह उपकरण पहले दिल्ली विश्वविद्यालय के केमिस्ट्री विभाग में शोध कार्य के लिए इस्तेमाल होता था। बताया गया कि यह एक Gamma Irradiator का हिस्सा था, जिसमें Cobalt-60 (कोबाल्ट-60) मौजूद था। ☢️ कोबाल्ट-60: कितना खतरनाक? कोबाल्ट-60 एक शक्तिशाली गामा विकिरण उत्सर्जित करने वाला रेडियोधर्मी पदार्थ है। इसका उपयोग: कैंसर उपचार (Radiotherapy) खाद्य संरक्षण औद्योगिक वेल्डिंग निरीक्षण वैज्ञानिक शोध खतरा: अत्यधि