Meta और YouTube पर बड़ा आरोप: “बच्चों को लत लगाने के लिए डिजाइन किए ऐप”, कैलिफोर्निया में ऐतिहासिक मुकदमा शुरू
2/12/2026, 12:17:00 PM
कैलिफोर्निया में Meta और YouTube के खिलाफ एक अहम मुकदमा शुरू हुआ है, जिसमें आरोप है कि कंपनियों ने अपने ऐप्स को जानबूझकर इस तरह डिजाइन किया कि बच्चों को उनकी लत लग जाए। वादी पक्ष का कहना है कि अनंत स्क्रॉल, ऑटो-प्ले और नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालते हैं। दोनों कंपनियों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि वे सुरक्षा टूल और पैरेंटल कंट्रोल उपलब्ध कराती हैं। यह केस तय करेगा कि क्या टेक कंपनियों को अपने ऐप डिजाइन के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक ऐसा मुकदमा शुरू हुआ है, जो टेक इंडस्ट्री के भविष्य और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बड़ी मिसाल बन सकता है। एक महिला द्वारा दायर किए गए इस केस में आरोप लगाया गया है कि Meta Platforms (फेसबुक, इंस्टाग्राम) और YouTube (गूगल के स्वामित्व में) ने अपने प्लेटफॉर्म इस तरह डिजाइन किए कि बच्चे उनमें लत (Addiction) के शिकार हो जाएं। यह मुकदमा इस बात की परीक्षा करेगा कि क्या बड़ी टेक कंपनियों को उनके ऐप्स के डिजाइन और एल्गोरिदम के कारण होने वाले मानसिक प्रभावों के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। क्या हैं मुख्य आरोप? वादी पक्ष के वकील ने जूरी के सामने कहा कि Meta और YouTube ने जानबूझकर ऐसे फीचर्स विकसित किए जो बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन से चिपकाए रखें। इनमें शामिल हैं: अनंत स्क्रॉल (Infinite Scroll) ऑटो-प्ले वीडियो नोटिफिकेशन अलर्ट एल्गोरिदम आधारित कंटेंट रिकमेंडेशन लाइक, शेयर और कमेंट जैसे रिवार्ड मैकेनिज्म आरोप है कि कंपनियों को पता था कि ये फीचर्