मुंबई में BMC ने छत्रपति संभाजी महाराज कोस्टल रोड पर 500 मीटर के हिस्से में “म्यूजिक स्ट्रिप्स” लगाई हैं। 60–80 किमी/घंटा की रफ्तार से गाड़ी चलाने पर सड़क से ऑस्कर विजेता गीत ‘Jai Ho’ की धुन सुनाई देती है। यह खास रंबल स्ट्रिप्स तकनीक से संभव हुआ है, जिसमें टायर और सड़क के घर्षण से ध्वनि बनती है। भारत में यह पहला और दुनिया में पांचवां ऐसा प्रयोग है। फिलहाल इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है और सफल होने पर अन्य सड़कों पर भी लागू किया जा सकता है।
मुंबई ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में एक अनोखा प्रयोग जोड़ा है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने Chhatrapati Sambhaji Maharaj Coastal Road पर 500 मीटर के हिस्से में “म्यूजिक स्ट्रिप्स” लगाई हैं। खास स्पीड पर गाड़ी चलाने पर सड़क खुद धुन बजाती है।
फरवरी की हल्की गर्म दोपहर में जब गाड़ियां नए बने इस हिस्से पर पहुंचीं, खिड़कियां बंद थीं, बगल में समुद्र चमक रहा था, और जैसे ही कार ने रफ्तार पकड़ी, पहियों के नीचे से एक जानी-पहचानी धुन सुनाई देने लगी।
नरीमन पॉइंट से वर्ली की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए नॉर्थबाउंड लेन का 500 मीटर हिस्सा अब ऑस्कर विजेता गीत ‘Jai Ho’ की धुन सुनाता है — वह भी किसी स्पीकर से नहीं, बल्कि सड़क से। बुधवार को इस “म्यूजिक रोड” का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde मौजूद रहे। दोनों ने खुद इस सड़क पर ड्राइव कर इसका अनुभव लिया। म्यूजिक रोड कैसे काम करता है? तकनीक दिखने में आसान है, लेकिन काफी सटीक है।
सड़क की सतह पर खास दूरी और गहराई में ‘रंबल स्ट्रिप्स’ यानी ग्रूव्स काटे गए हैं। जब कोई वाहन 60–80 किमी प्रति घंटा की स्पीड से इनके ऊपर से गुजरता है, तो टायर और सड़क के बीच घर्षण से कंपन पैदा होता है। यही कंपन ध्वनि तरंगों में बदलकर मिलकर ‘Jai Ho’ की धुन बनाते हैं।
यह वही मशहूर गीत है जिसे A. R. Rahman ने फिल्म Slumdog Millionaire के लिए कंपोज किया था। अभी पहले चरण में 500 मीटर के हिस्से पर यह प्रयोग किया गया है।
दुनिया में पांचवां ऐसा प्रयोग BMC के मुताबिक, भारत में यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है और दुनिया में पांचवां। इससे पहले ऐसे म्यूजिकल रोड हंगरी, जापान, साउथ कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात में बनाए जा चुके हैं। इस आइडिया को पूर्व सांसद राहुल शेवाले ने प्रस्तावित किया था और इसे मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के तहत लागू किया गया।
आगे बढ़ेगा प्रयोग? मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अभी इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है। अगर लोगों को पसंद आता है, तो इसे कोस्टल रोड के अन्य हिस्सों में भी बढ़ाया जा सकता है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार अन्य हाइवे, जैसे समृद्धि एक्सप्रेसवे, पर भी इसे प्रयोग के तौर पर लागू करने पर विचार करेगी।
उन्होंने इसे शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक इनोवेटिव जोड़ बताया। फिलहाल, एक तरफ अरब सागर और दूसरी तरफ शहर की रफ्तार के बीच, यह सड़क ड्राइवरों को एक अनोखा अनुभव दे रही है — जहां इंफ्रास्ट्रक्चर भी सुर में बात करता है।
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