एक नई स्टडी में सामने आया है कि रोजाना बादाम खाने से प्रीडायबिटीज वाले लोगों की याददाश्त बेहतर हो सकती है और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में भी मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि बादाम में मौजूद कई जरूरी पोषक तत्व शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
प्रीडायबिटीज आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह ऐसी स्थिति होती है जब किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन इतना नहीं बढ़ता कि उसे डायबिटीज कहा जाए। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि सही खानपान और अच्छी जीवनशैली अपनाकर प्रीडायबिटीज को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसी बीच एक नई स्टडी ने बादाम को लेकर अच्छी खबर दी है। शोध में पाया गया है कि रोजाना बादाम खाने से न सिर्फ ब्लड शुगर पर अच्छा असर पड़ सकता है, बल्कि दिमाग की कार्यक्षमता और याददाश्त में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
यह स्टडी मई 2026 में द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुई। इसमें ऐसे वयस्क लोगों को शामिल किया गया था जिन्हें प्रीडायबिटीज की समस्या थी। कुछ समय तक उनके भोजन में नियमित रूप से बादाम शामिल किए गए और फिर उनके स्वास्थ्य से जुड़े कई पहलुओं का अध्ययन किया गया।
शोधकर्ताओं ने खास तौर पर यह देखने की कोशिश की कि बादाम खाने से दिमाग और ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है। नतीजों में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से बादाम खा रहे थे, उनमें कुछ मानसिक क्षमताओं और याददाश्त में सुधार देखा गया।
दिमाग के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है बादाम? बादाम को लंबे समय से हेल्दी फूड माना जाता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। बादाम में अच्छी मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन ई, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये पोषक तत्व दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। खासकर विटामिन ई को याददाश्त के लिए अच्छा माना जाता है। कुछ पुराने शोधों में भी पाया गया है कि विटामिन ई दिमाग की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा बादाम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में बनने वाले हानिकारक तत्वों से लड़ने का काम करते हैं। ये तत्व समय के साथ दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में बादाम दिमाग की सुरक्षा में मददगार साबित हो सकता है।
आजकल व्यस्त जीवनशैली, तनाव और खराब खानपान का असर लोगों की याददाश्त पर भी पड़ रहा है। ऐसे में पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। बादाम भी उनमें से एक है।
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कैसे मदद कर सकता है बादाम? स्टडी में सिर्फ याददाश्त ही नहीं, बल्कि ब्लड शुगर से जुड़े अच्छे नतीजे भी देखने को मिले। शोधकर्ताओं ने पाया कि नियमित रूप से बादाम खाने वाले लोगों में ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से नियंत्रित रखने के संकेत मिले।
प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि उनका मुख्य लक्ष्य ब्लड शुगर को सामान्य स्तर के करीब रखना होता है। यदि ऐसा नहीं किया जाए तो भविष्य में डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार बादाम में मौजूद फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट भोजन के पाचन की गति को धीमा कर सकते हैं। इससे खाने के बाद ब्लड शुगर अचानक बहुत तेजी से नहीं बढ़ता।
जब हम मीठी या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाते हैं तो कई बार ब्लड शुगर तेजी से बढ़ जाता है। इसे शुगर स्पाइक कहा जाता है। बार-बार ऐसा होना शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता। बादाम जैसे खाद्य पदार्थ इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं।
मैग्नीशियम भी निभाता है अहम भूमिका बादाम में मैग्नीशियम नाम का एक जरूरी खनिज भी पाया जाता है। यह शरीर में इंसुलिन के काम को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इंसुलिन वह हार्मोन है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने का काम करता है।
कई अध्ययनों में मैग्नीशियम की कमी और ब्लड शुगर की समस्या के बीच संबंध देखा गया है। इसलिए मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जाता है।
खानपान में छोटे बदलाव दे सकते हैं बड़ा फायदा स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीडायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए महंगे इलाज से ज्यादा जरूरी सही खानपान है। रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतें लंबे समय में बड़ा फर्क ला सकती हैं।
अगर लोग पैकेट वाले स्नैक्स, ज्यादा नमक या ज्यादा चीनी वाली चीजों की जगह पौष्टिक खाद्य पदार्थ चुनें तो इससे स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। बादाम ऐसा ही एक विकल्प है जिसे आसानी से रोज की डाइट में शामिल किया जा सकता है।
बादाम खाने के आसान तरीके बहुत से लोग सोचते हैं कि बादाम खाने का सिर्फ एक ही तरीका है, लेकिन ऐसा नहीं है। आप बादाम को कई तरह से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
सुबह भिगोए हुए बादाम खा सकते हैं। दफ्तर या कॉलेज में स्नैक के तौर पर रख सकते हैं।
सलाद में मिला सकते हैं। दही के साथ खा सकते हैं। ओट्स या दलिया में डाल सकते हैं। स्मूदी में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस तरह बिना ज्यादा मेहनत के बादाम को रोजमर्रा के भोजन में शामिल किया जा सकता है।
क्या सिर्फ बादाम खाने से डायबिटीज नहीं होगी? विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि केवल बादाम खाने से डायबिटीज का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। यह एक हेल्दी फूड जरूर है, लेकिन इसे किसी इलाज का विकल्प नहीं माना जा सकता। अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव को कम करना भी जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से ब्लड शुगर की समस्या है तो उसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही खानपान और दवाओं का पालन करना चाहिए।
स्टडी से क्या संकेत मिले? नई स्टडी यह दिखाती है कि बादाम जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। शोध में याददाश्त और ब्लड शुगर दोनों में सुधार के संकेत मिले हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस विषय पर आगे और अध्ययन की जरूरत है ताकि इन फायदों को और अच्छी तरह समझा जा सके। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि बादाम पोषक तत्वों से भरपूर एक हेल्दी फूड है। यदि इसे संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के साथ लिया जाए तो यह शरीर और दिमाग दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। नियमित रूप से थोड़ी मात्रा में बादाम खाना एक अच्छी आदत बन सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपने ब्लड शुगर और समग्र स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहते हैं।
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