भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को मजबूती देखने को मिली। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा चढ़कर 73,900 के ऊपर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 23,244 के करीब कारोबार करता रहा। बाजार की तेजी में बैंकिंग और पीएसयू बैंक शेयरों की बड़ी भूमिका रही, जहां निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 3.7% उछला। दूसरी ओर आईटी शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता रहा। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी बैंकिंग और सरकारी बैंकों के शेयरों में देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
साप्ताहिक एफएंडओ एक्सपायरी से पहले बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,244 के आसपास पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 73,900 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। दिन में एक समय सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की बढ़त भी दर्ज कर चुका था। बैंक शेयरों ने बाजार को दिया सहारा मंगलवार के कारोबार में सबसे ज्यादा चर्चा बैंकिंग सेक्टर की रही। सरकारी बैंकों से जुड़े शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 3.7 फीसदी चढ़ गया, जो दिन का सबसे मजबूत सेक्टर रहा। निजी और सरकारी दोनों तरह के बैंकों के शेयरों में तेजी का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी 2 फीसदी से ज्यादा बढ़त के साथ कारोबार करता रहा।
बाजार जानकारों का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में लगातार आ रही मजबूती निवेशकों का भरोसा बढ़ा रही है। यही वजह है कि बाजार को ऊपर ले जाने में बैंकिंग शेयर सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
इन सेक्टरों में भी रही अच्छी खरीदारी बैंकिंग शेयरों के अलावा ऑटो, रियल एस्टेट, फाइनेंशियल सर्विसेज और डिफेंस सेक्टर में भी तेजी रही।
कार निर्माता कंपनियों, हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी देखी गई। कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। इससे साफ दिखा कि बाजार में सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयर नहीं, बल्कि कई सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
आईटी शेयरों में दिखी कमजोरी जहां अधिकांश सेक्टरों में तेजी थी, वहीं आईटी कंपनियों के शेयर दबाव में नजर आए। निफ्टी आईटी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करता रहा। निवेशकों की चिंता यह है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर टेक कंपनियों के कारोबार पर पड़ सकता है।
अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में मांग को लेकर बनी अनिश्चितता का असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दे रहा है। हालांकि गिरावट बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन आईटी सेक्टर बाजार की तेजी में ज्यादा योगदान नहीं दे सका।
अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार की क्या राय है? दिनभर बाजार की नजर मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन के बयानों पर भी रही।
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उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं। उनके मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए 6.6 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया है और आर्थिक वृद्धि इसी के आसपास रह सकती है।
उन्होंने यह भी माना कि मौजूदा हालात में 7 फीसदी विकास दर हासिल करना आसान नहीं होगा।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का कारण मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारत पर भी पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से तेल खरीदता है। इसलिए जब तेल महंगा होता है तो उसका असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई दोनों पर पड़ता है।
अगर लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो इससे विकास दर और महंगाई दोनों प्रभावित हो सकते हैं। यही कारण है कि निवेशक भी अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर नजर बनाए हुए हैं।
रुपये को लेकर क्या कहा गया? रुपये की स्थिति पर बात करते हुए नागेश्वरन ने कहा कि मौजूदा स्तर पर रुपया कमजोर नजर आता है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल कुछ अंतरराष्ट्रीय कारणों की वजह से दबाव दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति अन्य कई देशों की तुलना में बेहतर मानी जा रही है। नौकरी के बाजार पर क्या असर? रोजगार को लेकर भी कुछ अहम बातें सामने आईं।
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि बेरोजगारी में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर नौकरी का बाजार अभी भी ठीक स्थिति में है।
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उन्होंने माना कि दुनिया भर में चल रही आर्थिक अनिश्चितताओं का असर भर्ती पर पड़ सकता है। इसके बावजूद फिलहाल रोजगार के मोर्चे पर कोई बड़ी चिंता की बात नहीं दिखाई देती। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बारे में भी उन्होंने कहा कि इसका असर नौकरियों पर धीरे-धीरे दिखाई देगा। यह बदलाव तुरंत नहीं होगा।
वित्तीय घाटे का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए वित्तीय घाटा 4.3 फीसदी रखने का लक्ष्य तय किया है। नागेश्वरन ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं होगा। आर्थिक वृद्धि, सरकारी खर्च और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां इसमें अहम भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने संकेत दिया कि सरकार को कई मोर्चों पर संतुलन बनाकर चलना होगा।
आईपीओ बाजार में भी दिखा उत्साह शेयर बाजार में तेजी के साथ-साथ आईपीओ बाजार में भी निवेशकों का उत्साह बना हुआ है। हेक्सागन न्यूट्रिशन के आईपीओ को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला। तीसरे दिन तक यह इश्यू करीब 33 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। खासतौर पर रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
यह दिखाता है कि निवेशक अभी भी नए निवेश अवसरों की तलाश में हैं और अच्छी कंपनियों में पैसा लगाने को तैयार हैं। एक और बड़ा आईपीओ आ सकता है रिपोर्ट्स के अनुसार बेबी प्रोडक्ट्स बनाने वाली स्वारा बेबी प्रोडक्ट्स भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है।
कंपनी करीब 1,000 करोड़ रुपये का आईपीओ ला सकती है। बताया जा रहा है कि इसके लिए जल्द ही सेबी के पास दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं।
अगर ऐसा होता है तो आने वाले महीनों में निवेशकों को एक और बड़ा आईपीओ देखने को मिल सकता है।
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9 जून 2026
कंपनियां भर्ती को लेकर हुईं थोड़ी सतर्क एक रोजगार सर्वे में संकेत मिले हैं कि जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान कंपनियां भर्ती को लेकर पहले के मुकाबले थोड़ी सावधानी बरत सकती हैं।
वैश्विक आर्थिक हालात और कारोबार से जुड़ी अनिश्चितताओं की वजह से कई कंपनियां अपने खर्च और विस्तार योजनाओं की समीक्षा कर रही हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि नौकरियां रुक जाएंगी, लेकिन भर्ती की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत? मंगलवार का कारोबार यह दिखाता है कि बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है। बैंकिंग शेयरों में मजबूती, अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा और आईपीओ बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बाजार को सहारा दे रही है।
दूसरी तरफ तेल की कीमतें, वैश्विक हालात और आईटी सेक्टर की कमजोरी ऐसे कारक हैं जिन पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
फिलहाल बाजार मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। अगर बैंकिंग सेक्टर में यही तेजी जारी रहती है और वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा नकारात्मक संकेत नहीं मिलता, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है।
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9 जून 2026
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