सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री S. Jaishankar का एक वायरल वीडियो फर्जी निकला, जिसमें PoK पर बयान देने और भारत के समर्थन का दावा किया गया था। Ministry of External Affairs India की फैक्ट-चेक यूनिट ने साफ किया कि यह वीडियो और दावे पूरी तरह गलत और AI-जनरेटेड Deepfake हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के ऐसे कंटेंट को शेयर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन किया और भारत द्वारा PoK पर कब्जे को लेकर बयान दिया। वीडियो के साथ कई पोस्ट्स में यह भी कहा गया कि यह एक आधिकारिक टिप्पणी है। लेकिन जांच के बाद यह पूरा मामला फर्जी निकला।
MEA फैक्ट-चेक ने किया दावों का खंडन भारत के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs India) की फैक्ट-चेक यूनिट ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैलाए गए ये सभी दावे “Fabricated” और “Misinformation” हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया कि S. Jaishankar ने PoK पर ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही भारत सरकार की ओर से किसी भी तरह का समर्थन या टिप्पणी जारी की गई है।
Continue Reading9 जून 2026
Deepfake वीडियो का इस्तेमाल जांच में यह भी सामने आया कि वायरल वीडियो में AI-जनरेटेड Deepfake तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। इसमें चेहरा और आवाज़ को एडिट करके ऐसा दिखाया गया जैसे यह वास्तविक प्रेस स्टेटमेंट या इंटरव्यू हो। Ministry of External Affairs India ने चेतावनी दी कि इस तरह की सामग्री का उद्देश्य भ्रम फैलाना और गलत नैरेटिव तैयार करना है।
क्या था वायरल दावा? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलाए गए कंटेंट में कहा गया कि: भारत PoK में चल रहे प्रदर्शनों का समर्थन कर रहा है भारत जल्द PoK पर कब्जा करने की योजना बना रहा है विदेश मंत्री ने इस बारे में आधिकारिक बयान दिया है लेकिन इन सभी दावों को आधिकारिक जांच में पूरी तरह गलत पाया गया।
Continue Reading8 जून 2026
डिजिटल युग में Deepfake का बढ़ता खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, AI तकनीक के जरिए बनाए गए Deepfake वीडियो अब इतने वास्तविक लग सकते हैं कि आम उपयोगकर्ता असली और नकली में फर्क नहीं कर पाते। इससे गलत सूचना तेजी से फैलती है और राजनीतिक या सामाजिक तनाव बढ़ने का खतरा भी रहता है।
सरकार की चेतावनी और सलाह Ministry of External Affairs India ने नागरिकों से अपील की है कि: किसी भी वायरल वीडियो को बिना जांच के शेयर न करें केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें संदिग्ध कंटेंट को फैक्ट-चेक प्लेटफॉर्म पर जांचें भड़काऊ या संवेदनशील सामग्री से सावधान रहें
Continue Reading9 जून 2026
निष्कर्ष यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल युग में फर्जी खबरें और Deepfake कंटेंट कितना खतरनाक हो सकता है। S. Jaishankar के नाम पर वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसका उद्देश्य गलत जानकारी फैलाना था। MEA फैक्ट-चेक ने साफ कर दिया है कि नागरिकों को ऑनलाइन कंटेंट के प्रति अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि गलत जानकारी न केवल भ्रम पैदा करती है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित कर सकती है।
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Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
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9 जून 2026