विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड पर टैक्स में छूट मिलने के बाद भारत के सरकारी बॉन्ड्स को Bloomberg Global Aggregate Index में शामिल किए जाने की संभावना बढ़ गई है। अगर ऐसा होता है तो भारत में करीब 25 अरब डॉलर तक का विदेशी निवेश आ सकता है, जिससे बॉन्ड बाजार को मजबूती मिलेगी।
भारत के बॉन्ड बाजार के लिए जून का महीना काफी अहम माना जा रहा है। Bloomberg Index Services जल्द ही अपने प्रमुख Global Aggregate Index की समीक्षा करने वाला है। बाजार को उम्मीद है कि इस बार भारतीय सरकारी बॉन्ड्स को इस वैश्विक इंडेक्स में जगह मिल सकती है।
हाल ही में सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को सरकारी बॉन्ड्स से होने वाली ब्याज आय और पूंजीगत लाभ पर आयकर से छूट दी है। इस फैसले को भारत के लिए बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स छूट मिलने के बाद विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करना पहले के मुकाबले ज्यादा आसान और आकर्षक हो गया है। यही वजह है कि Bloomberg Index में शामिल होने की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
जनवरी 2026 में Bloomberg ने भारतीय बॉन्ड्स को अपने इंडेक्स में शामिल करने का फैसला टाल दिया था। उस समय संस्था ने कहा था कि भारतीय बाजार की कुछ तकनीकी और परिचालन व्यवस्थाओं की और समीक्षा की जरूरत है।
अब माना जा रहा है कि हालिया बदलावों के बाद भारत की स्थिति पहले से बेहतर हुई है। इसलिए निवेशकों की नजर जून के मध्य में होने वाली समीक्षा पर टिकी हुई है।
Bloomberg Global Aggregate Index दुनिया के सबसे बड़े बॉन्ड इंडेक्स में गिना जाता है। दुनिया भर के बड़े फंड और संस्थागत निवेशक इस इंडेक्स को फॉलो करते हैं। जब किसी देश के बॉन्ड इस इंडेक्स में शामिल होते हैं तो उस देश के बाजार में विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना रहती है।
जानकारों के अनुसार भारत को इस इंडेक्स में करीब 1 प्रतिशत वेटेज मिल सकता है। यह आंकड़ा छोटा लग सकता है, लेकिन इसके जरिए भारतीय बाजार में लगभग 25 अरब डॉलर तक का निवेश आने का अनुमान है।
अगर भारत को इंडेक्स में शामिल किया जाता है तो यह निवेश एक साथ नहीं आएगा। आमतौर पर ऐसे निवेश कई महीनों में धीरे-धीरे बाजार में आते हैं। फिर भी घोषणा होते ही निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है।
सरकारी बॉन्ड या G-Sec ऐसे निवेश साधन होते हैं जिनके जरिए सरकार बाजार से धन जुटाती है। इन्हें सुरक्षित निवेश माना जाता है क्योंकि इनके पीछे सरकार की गारंटी होती है।
भारत पिछले कुछ वर्षों से अपने बॉन्ड बाजार को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक खुला और सुविधाजनक बनाने की कोशिश कर रहा है। नियमों में सुधार और निवेश प्रक्रिया को आसान बनाना इसी रणनीति का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Bloomberg Index में शामिल होने से भारतीय बॉन्ड बाजार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और पहचान मिलेगी। साथ ही विदेशी निवेश बढ़ने से बाजार में नकदी और कारोबार दोनों मजबूत हो सकते हैं।
फिलहाल सभी की नजर Bloomberg की समीक्षा पर है। यदि भारत को इस वैश्विक इंडेक्स में जगह मिलती है, तो यह भारतीय बॉन्ड बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाएगी और आने वाले वर्षों में विदेशी निवेश बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।
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