पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में 4 और 5 जून के दौरान तेज़ आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने जोधपुर समेत आसपास के इलाकों में तेज़ हवाओं और खराब मौसम को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
जोधपुर समेत पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग ने 4 और 5 जून के बीच आंधी, तेज़ बारिश और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। स्थानीय स्तर पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
पिछले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू से परेशान रहे लोगों के लिए मौसम में यह बदलाव राहत लेकर आया है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी बढ़ा है। मई के आखिर तक जोधपुर का अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। लगातार तेज़ गर्मी की वजह से दिन के समय सड़कों और बाजारों में आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हवा का पैटर्न बदला है। अरब सागर से नमी वाली हवाएं राजस्थान की तरफ पहुंच रही हैं, जिससे कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और धूल भरी आंधी की स्थिति बन रही है। जोधपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में मौसम गतिविधियां तेज़ रहने का अनुमान जताया गया है।
राजस्थान के कई जिलों में पिछले दो हफ्तों के दौरान तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री तक ऊपर दर्ज किया गया था। बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे इलाकों में गर्म हवाओं का असर लगातार बना रहा। गर्मी के कारण लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने की सलाह दी जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग भी पहले ही लू से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी कर चुका था।
अब मौसम में अचानक बदलाव के कारण एक अलग तरह की चुनौती सामने आ सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज़ गर्मी के बाद अचानक बारिश होने से कई जगहों पर जलभराव और फिसलन की स्थिति बन सकती है। तेज़ हवाओं की वजह से पुराने पेड़, कमजोर बिजली के खंभे और ढीले होर्डिंग्स भी खतरा बन सकते हैं।
IMD के ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन में कहा गया है कि अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने और पेड़ उखड़ने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
स्थानीय मौसम विश्लेषकों ने भी संकेत दिए हैं कि यह सिस्टम मानसून से पहले की सक्रियता जैसा दिखाई दे रहा है। हालांकि इसे अभी मानसून की औपचारिक एंट्री नहीं माना जा रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले कुछ दिनों तक राजस्थान के मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
किसानों के लिए भी यह मौसम मिला-जुला असर लेकर आ सकता है। तेज़ हवा और धूल भरी आंधी से खेतों में खड़ी फसलों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। दूसरी तरफ तापमान में गिरावट से गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
जोधपुर और आसपास के कस्बों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान छतों, पुराने पेड़ों और कमजोर निर्माणों के पास खड़े होने से बचें। बाइक और दोपहिया वाहन चालकों को धूल भरी आंधी और फिसलन वाली सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स को भी अपने तिरपाल, शेड और अस्थायी ढांचे मजबूती से बांधकर रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की ताज़ा अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है।
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