एशिया और अफ्रीका के कई देशों में पिछले दिनों हुए अलग-अलग हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। निर्माणाधीन इमारतों के गिरने, सड़क दुर्घटनाओं और विस्फोट जैसी घटनाओं ने सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
एशिया और अफ्रीका के कई हिस्सों से पिछले कुछ दिनों में सामने आए गंभीर हादसों ने जन सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की निगरानी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अलग-अलग देशों में हुई घटनाओं में इमारत ढहने, सड़क दुर्घटनाओं, घरों की छत गिरने और विस्फोट जैसी घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
फ़िलिपीन्स के एंजेलिस शहर में निर्माणाधीन बहुमंज़िला इमारत गिरने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। बचाव दल को मलबे से सात और शव मिले हैं। यह इमारत 24 मई को ढही थी, जिसके बाद से राहत और खोज अभियान लगातार जारी है। स्थानीय टीमें अब भी मलबे को हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
अफ्रीकी देश घाना के वोल्टा क्षेत्र में हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अधिकारियों के अनुसार दो वाहनों की आमने-सामने टक्कर में 25 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। घायलों का इलाज कराया जा रहा है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
अफगानिस्तान के पारवान प्रांत में भी एक दर्दनाक हादसा सामने आया। पहाड़ी मार्ग पर चल रहा एक वाहन नियंत्रण खोने के बाद गहरी खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में खराब सड़क परिस्थितियां और जोखिमपूर्ण यात्रा मार्ग अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनते रहे हैं।
पाकिस्तान के शांगरला जिले में एक मिट्टी के घर की छत गिरने से छह बच्चों की मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
भारत की राजधानी दिल्ली में भी हाल ही में एक बड़ी दुर्घटना हुई। दक्षिण दिल्ली के सैदुल अज़ैब इलाके में चार मंजिला व्यावसायिक इमारत ढहने से छह लोगों की जान चली गई। इस घटना में कई अन्य लोग घायल हुए। हादसे के बाद बचाव एजेंसियों ने मौके पर अभियान चलाया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घटना के बाद भवन सुरक्षा और निर्माण मानकों के पालन को लेकर चर्चा तेज हुई है।
म्यांमार के नामखाम टाउनशिप में खनन कार्यों में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री को रखने वाली एक इमारत में हुए शक्तिशाली विस्फोट ने सबसे अधिक जान-माल का नुकसान पहुंचाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस घटना में 55 से अधिक लोगों की मौत हुई, जबकि 74 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है।
इन लगातार दुखद घटनाओं के बीच लाओस से राहत भरी खबर भी सामने आई। बाढ़ से प्रभावित एक गुफा में फंसे लोगों को निकालने के अभियान के दौरान 10 दिन बाद चार और लोगों को जीवित बचा लिया गया। हालांकि कुछ लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है और खोज अभियान जारी है।
हाल के इन हादसों ने निर्माण कार्यों की निगरानी, सड़क सुरक्षा और औद्योगिक परिसरों में सुरक्षा उपायों की अहमियत को फिर सामने ला दिया है। कई देशों में संबंधित एजेंसियां घटनाओं की जांच कर रही हैं, जबकि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। वर्तमान में अधिकांश स्थानों पर प्रशासन का ध्यान लापता लोगों की तलाश, घायलों के उपचार और हादसों के कारणों की जांच पर केंद्रित है।
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