Padma Awards 2026 का समारोह इस बार बॉलीवुड और मनोरंजन जगत के लिए बेहद भावुक रहा। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और मशहूर कलाकार सतीश शाह को मरणोपरांत सम्मानित किया गया, जबकि धर्मेंद्र का पद्म विभूषण उनकी पत्नी हेमामालिनी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से ग्रहण किया।
नई दिल्ली में आयोजित Padma Awards 2026 का समारोह इस बार सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा की कई यादगार पीढ़ियों को श्रद्धांजलि देने वाला खास मौका बन गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और मशहूर अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। जैसे ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मेंद्र के लिए पद्म विभूषण सम्मान उनकी पत्नी और अभिनेत्री-सांसद हेमामालिनी को सौंपा, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा और माहौल भावुक हो गया।
भारतीय सिनेमा में धर्मेंद्र का नाम उन कलाकारों में गिना जाता है जिन्होंने कई दशकों तक अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया। एक्शन हीरो की छवि से लेकर रोमांटिक किरदारों और पारिवारिक फिल्मों तक, उन्होंने हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘शोले’, ‘चुपके-चुपके’, ‘अनुपमा’, ‘सीता और गीता’, ‘धरम वीर’ और ‘सत्यकाम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा का स्थायी सुपरस्टार बना दिया। उनकी फिल्मों के संवाद और किरदार आज भी लोगों की यादों में जिंदा हैं।
समारोह के दौरान हेमामालिनी भावुक नजर आईं। अवॉर्ड ग्रहण करने के बाद उन्होंने धर्मेंद्र को याद करते हुए कहा कि भारतीय दर्शकों का प्यार ही उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत था। सोशल मीडिया पर भी समारोह की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए, जहां फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने धर्मेंद्र को “सिनेमा का असली ही-मैन” बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
वहीं अभिनेता सतीश शाह को भी मरणोपरांत पद्म सम्मान दिया गया। सतीश शाह भारतीय टेलीविजन और फिल्मों का वह चेहरा रहे जिन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय से दर्शकों को दशकों तक हंसाया। टीवी शो ‘ये जो है जिंदगी’ से लेकर फिल्मों में निभाए गए उनके हास्य किरदार आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उन्होंने सिर्फ कॉमेडी ही नहीं बल्कि गंभीर भूमिकाओं में भी अपनी प्रतिभा साबित की थी।
बॉलीवुड के कई सितारों ने सतीश शाह को याद करते हुए कहा कि उनके जैसा सहज और स्वाभाविक कलाकार मिलना बेहद मुश्किल है। इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सतीश शाह ने अपने अभिनय से हर किरदार को जीवंत बना दिया था और यही वजह है कि आज भी उनके दृश्य लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं।
Padma Awards 2026 में मनोरंजन जगत के अलावा कला, साहित्य, संगीत और खेल से जुड़े कई प्रतिष्ठित नामों को भी सम्मानित किया गया। हालांकि समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा धर्मेंद्र और सतीश शाह को लेकर रही। दोनों कलाकारों के सम्मान ने यह साबित किया कि भारतीय सिनेमा में उनका योगदान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने लोगों की भावनाओं और यादों में स्थायी जगह बनाई।
फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने इस मौके को भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक बताया। कई कलाकारों ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मान आने वाली पीढ़ियों को यह समझाने का काम करते हैं कि मनोरंजन सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और कला की साधना का परिणाम होता है। जिन कलाकारों ने दशकों तक लोगों को हंसाया, रुलाया और प्रेरित किया, उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में जगह मिलना भारतीय संस्कृति और सिनेमा दोनों के लिए गर्व की बात है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लोगों ने भावुक प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने लिखा कि धर्मेंद्र और सतीश शाह जैसे कलाकारों की वजह से ही हिंदी सिनेमा को उसकी असली पहचान मिली। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भले ही ये सम्मान देर से मिले हों, लेकिन इन महान कलाकारों के योगदान को आखिरकार राष्ट्रीय स्तर पर वह सम्मान मिला जिसके वे हकदार थे।
विश्लेषकों का मानना है कि Padma Awards हर साल यह बहस जरूर शुरू करते हैं कि किन कलाकारों को सम्मान मिलना चाहिए और किसे अब तक नजरअंदाज किया गया। लेकिन इस बार धर्मेंद्र और सतीश शाह के नाम पर लगभग हर तरफ सहमति दिखाई दी। लोगों का मानना है कि दोनों कलाकारों ने भारतीय मनोरंजन जगत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बड़ा योगदान दिया।
सिनेमा विशेषज्ञों का कहना है कि अब जरूरत सिर्फ सम्मान देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि भारतीय फिल्मों के संरक्षण, पुराने क्लासिक सिनेमा की बहाली और फिल्म स्कूलों में इन कलाकारों के काम पर गंभीर अध्ययन जैसी पहल भी बढ़नी चाहिए। इससे आने वाली पीढ़ियां यह समझ पाएंगी कि भारतीय सिनेमा का स्वर्णिम दौर किन कलाकारों की मेहनत और प्रतिभा से बना था।
Padma Awards 2026 का यह समारोह एक बार फिर यह याद दिला गया कि कलाकार भले ही दुनिया से चले जाएं, लेकिन उनकी कला हमेशा जीवित रहती है। धर्मेंद्र और सतीश शाह जैसे सितारे भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा चमकते रहेंगे और उनके किरदार आने वाले वर्षों तक दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
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