साल 2026 में भारत का टेक और स्टार्टअप सेक्टर बड़े IPOs के जरिए नया रिकॉर्ड बना सकता है। PhonePe, Zepto और OYO समेत 11 बड़ी कंपनियां करीब 36,700 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह साल भारतीय टेक इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा IPO वर्ष साबित हो सकता है।
भारत का स्टार्टअप और टेक सेक्टर साल 2026 में एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से प्राइवेट मार्केट में तेजी से बढ़ रही कई बड़ी कंपनियां अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, PhonePe, Zepto, OYO समेत करीब 11 बड़े स्टार्टअप्स इस साल IPO के जरिए लगभग 36,700 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो 2026 भारतीय टेक और स्टार्टअप इंडस्ट्री के लिए अब तक का सबसे बड़ा IPO साल बन सकता है।
कौन-कौन सी कंपनियां ला सकती हैं IPO? रिपोर्ट्स के अनुसार जिन कंपनियों पर सबसे ज्यादा नजर है, उनमें: PhonePe Zepto OYO Lenskart Ather Energy Meesho जैसी कंपनियां शामिल बताई जा रही हैं। इनमें से कई कंपनियां पहले ही निवेशकों के बीच मजबूत पहचान बना चुकी हैं और अब सार्वजनिक बाजार से पूंजी जुटाकर अपने बिजनेस को और तेजी से बढ़ाना चाहती हैं।
क्यों खास माना जा रहा है 2026? पिछले कुछ वर्षों में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा है। फिनटेक, क्विक कॉमर्स, ई-कॉमर्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ट्रैवल और AI सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों ने करोड़ों यूजर्स तक अपनी पहुंच बनाई है। हालांकि 2022 और 2023 के दौरान ग्लोबल मंदी, निवेश में गिरावट और टेक कंपनियों के वैल्यूएशन दबाव के कारण कई स्टार्टअप्स ने अपने IPO प्लान टाल दिए थे। लेकिन अब बाजार में सुधार और निवेशकों का भरोसा लौटने के बाद कंपनियां फिर से शेयर बाजार की ओर बढ़ रही हैं।
PhonePe पर सबसे ज्यादा नजर डिजिटल पेमेंट सेक्टर की बड़ी कंपनी PhonePe को इस IPO लिस्ट का सबसे बड़ा नाम माना जा रहा है। UPI और डिजिटल पेमेंट्स में मजबूत पकड़ रखने वाली यह कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते फिनटेक बाजार का बड़ा हिस्सा मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर PhonePe का IPO आता है, तो यह भारत के सबसे बड़े टेक IPO में शामिल हो सकता है।
Zepto और Quick Commerce का बड़ा दांव Zepto भी तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर की बड़ी कंपनी बन चुकी है। 10-15 मिनट डिलीवरी मॉडल ने भारतीय शहरों में काफी लोकप्रियता हासिल की है। कंपनी अब अपने विस्तार, वेयरहाउस नेटवर्क और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बाजार से बड़ी फंडिंग जुटाना चाहती है।
OYO की वापसी पर चर्चा OYO का IPO लंबे समय से चर्चा में रहा है। कंपनी पहले भी शेयर बाजार में आने की तैयारी कर चुकी थी, लेकिन बाजार हालात के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब ट्रैवल सेक्टर में सुधार और ग्लोबल विस्तार के बाद OYO फिर से IPO की तैयारी में दिखाई दे रही है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम? विशेषज्ञों के अनुसार, इन IPOs से भारतीय शेयर बाजार में टेक सेक्टर की मौजूदगी और मजबूत हो सकती है। अभी तक भारतीय बाजार में पारंपरिक सेक्टर्स का दबदबा ज्यादा रहा है, लेकिन अब नई टेक कंपनियां निवेशकों के लिए नए अवसर ला रही हैं। हालांकि कई एक्सपर्ट्स यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि निवेशकों को केवल ब्रांड नाम देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। कंपनियों के मुनाफे, बिजनेस मॉडल और लंबे समय की रणनीति को समझना भी जरूरी होगा।
भारत बन रहा बड़ा टेक मार्केट भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजारों में शामिल है। करोड़ों इंटरनेट यूजर्स, बढ़ता ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम, AI adoption और स्मार्टफोन उपयोग ने टेक कंपनियों के लिए बड़ा अवसर तैयार किया है। इसी वजह से वैश्विक निवेशकों की नजर भी भारतीय स्टार्टअप्स पर बनी हुई है। कई विदेशी फंड भारत को आने वाले वर्षों का सबसे बड़ा डिजिटल ग्रोथ मार्केट मान रहे हैं।
आगे क्या? अगर ये सभी IPO सफल रहते हैं, तो यह भारतीय स्टार्टअप इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। इससे नई कंपनियों को भी बाजार में आने का भरोसा मिलेगा और भारत का टेक सेक्टर वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सकता है। कुल मिलाकर, 2026 भारतीय टेक इंडस्ट्री के लिए “IPO धमाका” साबित हो सकता है, जहां देश की कई बड़ी स्टार्टअप कंपनियां पहली बार आम निवेशकों के सामने अपने शेयर पेश करती दिखाई देंगी।
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